समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 14दिसंबर। संसद के बाहर से पकड़ी गई एक आरोपी नीलम हरियाणा के जींद जिले के घसो गांव की रहने वाली है। वह हिसार में पीजी में रह रही थी। उसके छोटे भाई का कहना है कि ‘हमें इस बारे में जानकारी नहीं थी कि वह दिल्ली गई है, हमें जानकारी थी कि वह अपनी पढ़ाई के लिए हिसार में है। वह सोमवार को हमसे मिलने आई थी और कल लौटी है।
हमें बस इतना पता था कि वह अपनी पढ़ाई के लिए हिसार में थी। उन्होंने बीए, एमए, बी.एड, एम.एड, सीटीईटी, एमफिल और नेट की परीक्षा पास की है। उन्होंने कई बार बेरोजगारी का मुद्दा उठाया था।
छोटे भाई ने बताया कि वह एचटेट पास थी, जिसकी वैधता खत्म हो चुकी थी। उसके भाई ने बताया कि वह किसान आंदोलन में भी शामिल थी। वह सबसे पहले किसान आंदोलन में ही आगे आई थी। उसे पढ़ाई के लिए हिसार भेज गया था। पांच छह महीने से वहीं रह रही थी। बड़े भाई ने उनके बारे में बताया कि वह गिरफ्तार हो गई है। उसके पिता हलवाई का काम करते हैं। वहीं भाई दूध का काम करता है। उसके भाई ने कहा कि वह बेरोजगारी के बारे में बात करती थी।
नीलम की मां सरस्वती का कहना है कि ‘हमारी बेटी बेरोजगारी तंग से थी। ये धरने पर जाती थी, हमने वहां जाने से रोक दी थी। हमने खुब पढ़ाई लिखाई, आर्थित स्थिति भी ठीक नहीं है। पेपर के कारण पढ़ने के हिसार भेजी थी। हमारी दिल्ली जाने को लेकर कोई बात नहीं हुई। मैं बीमार थी, और डॉक्टर के अस्पताल में थी। वह बेरोजगारी के बारे में बात करती थी। मां ने कहा कि वह कहती थी कि इतनी पढ़ ली, लेकिन दो रोटी का कोई रोजगार नहीं मिला, इससे अच्छा तो मैं मर जाऊं। ‘