ईसी के नोटिस पर भड़कीं आतिशी बोली, ‘क्या BJP का सहायक संगठन है चुनाव आयोग’

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समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 6अप्रैल। दिल्ली सरकार में मंत्री और AAP नेता आतिशी ने शुक्रवार को ‘कारण बताओ’ नोटिस मिलने के बाद निर्वाचन आयोग (EC) पर निशाना साधा. आतिशी ने सवाल किया कि क्या यह BJP का ‘सहायक संगठन’ है. आतिशी को यह नोटिस उनकी इस टिप्पणी पर जारी किया गया था कि BJP ने उनसे संपर्क कर उन्हें या तो पार्टी में शामिल होने या एक महीने के भीतर प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तार किए जाने के लिए तैयार रहने के लिए कहा था. आतिशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए गए थे’ जिसकी जिम्मेदारी गैर-पक्षपातपूर्ण रहना, विपक्षी दलों को समान अवसर प्रदान करना और स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना है.

‘मेल आने से पहले मीडिया में आ गई बात’
आतिशी ने कहा कि शुक्रवार सुबह 11:15 बजे खबर प्रसारित की गई कि उन्हें चुनाव आयोग ने नोटिस जारी किया है, जबकि उन्हें यह Email के जरिए 11:45 बजे मिला. उन्होंने कहा, ‘इसका मतलब है कि निर्वाचन आयोग के नोटिस की खबर पहले BJP ने मीडिया में फैलाई और फिर निर्वाचन आयोग ने नोटिस दिया. मैं देश के निर्वाचन आयोग से पूछना चाहती हूं- क्या आप BJP के सहायक संगठन बन गए हैं.’ ‘आप’ की वरिष्ठ नेता ने कहा कि वह नोटिस का जवाब देंगी और निर्वाचन आयोग को देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने में अपेक्षित तटस्थता और गैर-पक्षपातपूर्णता की याद दिलाएंगी.

‘निर्वाचन आयोग के पास है बड़ी जिम्मेदारी’
उन्होंने कहा भारत के निर्वाचन आयोग को देश में लोकतंत्र को बचाने के लिए संविधान द्वारा एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी दी गई है. आतिशी ने कहा कि वर्तमान तीन चुनाव आयुक्तों से पहले टी एन शेषन जैसे चुनाव आयुक्त थे. उन्होंने कहा, ‘आप एक ऐसा निर्वाचन आयोग चला रहे हैं जिसे पूरी दुनिया देखती है और जिसकी प्रशंसा की जाती है. भारत जैसे देश में चुनावों की निष्पक्षता पर कभी कोई सवाल नहीं उठाया जाता है.’ आतिशी ने कहा, ‘मैं निर्वाचन आयोग से अपील करना चाहता हूं कि वह भाजपा और उसकी केंद्र सरकार के सामने न झुके. अगर वे समान अवसर और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव की अनुमति नहीं देते हैं तो तीन चुनाव आयुक्तों को देश 100 साल तक सभी गलत कारणों से याद रखेगा.’

आतिशी ने क्या दिया था बयान?
निर्वाचन आयोग ने नोटिस में आतिशी से कहा कि वह अपने उस बयान का तथ्यों के साथ समर्थन करें जिसमें कहा गया है कि भाजपा ने पार्टी में शामिल होने के लिए उनसे संपर्क किया था. एक संवाददाता सम्मेलन में 2 अप्रैल को किए गए आतिशी के दावे के खिलाफ BJP ने गुरुवार को निर्वाचन आयोग का रुख किया था.

आतिशी ने दावा किया था कि भाजपा ने 4 मार्च को निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराई और कुछ ही घंटों के भीतर आयोग ने उन्हें नोटिस जारी कर दिया. आतिशी ने पूछा कि चुनाव के दौरान विपक्षी दलों और नेताओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए केंद्रीय एजेंसियों को कोई नोटिस क्यों नहीं भेजा गया. उन्होंने पूछा, ‘क्या ईडी को तब नोटिस जारी किया गया था जब एजेंसी ने मौजूदा मुख्यमंत्री (अरविंद केजरीवाल), एक राष्ट्रीय पार्टी के संयोजक और विपक्ष के प्रमुख चेहरे को चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता लागू होने के बावजूद गिरफ्तार कर लिया था.’’

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