समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 29 जुलाई। उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होते ही जोरदार हंगामे का सामना करना पड़ा। सत्र के पहले ही दिन समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों ने नारेबाजी करते हुए वेल में आकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सपा विधायकों के हाथों में विभिन्न मुद्दों से संबंधित पोस्टर और बैनर थे, जिन पर सरकार के खिलाफ नारे लिखे थे।
जैसे ही विधानसभा का सत्र शुरू हुआ, सपा विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी और वेल में आ गए। उन्होंने सरकार पर विभिन्न मुद्दों पर असफलता का आरोप लगाते हुए विरोध जताया। सपा विधायकों ने कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया। उनका कहना था कि सरकार ने जनता से किए गए वादों को पूरा नहीं किया है और जनता की समस्याओं की अनदेखी की है।
स्पीकर ने सपा विधायकों से शांत रहने और अपनी सीटों पर वापस जाने की अपील की, लेकिन उनकी अपील का कोई असर नहीं हुआ। सपा विधायकों ने अपनी मांगों पर अड़े रहते हुए हंगामा जारी रखा। इस दौरान सदन में काफी शोरगुल रहा और कार्यवाही को बार-बार स्थगित करना पड़ा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा विधायकों के इस व्यवहार की निंदा की और इसे सदन की गरिमा के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन इसे शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विपक्ष की सभी जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी, लेकिन इस तरह के हंगामे और अव्यवस्था को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
विधानसभा अध्यक्ष ने सपा विधायकों को चेतावनी देते हुए कहा कि सदन में अनुशासन और मर्यादा का पालन करना सभी सदस्यों का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि अगर इस तरह की घटनाएं दोहराई जाती हैं तो सख्त कदम उठाए जाएंगे।
सपा के इस विरोध प्रदर्शन से साफ है कि आगामी दिनों में विधानसभा सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिलेगी। सपा ने अपने इस विरोध प्रदर्शन से यह स्पष्ट कर दिया है कि वे जनता के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
विधानसभा सत्र के पहले ही दिन इस हंगामे से यह जाहिर होता है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में आने वाले दिनों में और भी गरमागरमी देखने को मिलेगी। जनता की उम्मीदें और विपक्ष की तैयारियां इस सत्र को और भी दिलचस्प बना रही हैं। अब देखना यह होगा कि सरकार किस तरह से विपक्ष के इन आरोपों का जवाब देती है और जनता के मुद्दों का समाधान निकालती है।