भारत सरकार ने ‘पीएम-सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के तहत ‘मॉडल सौर गांव’ के कार्यान्वयन के लिए परिचालन दिशानिर्देश जारी किए
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 12अगस्त। भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने 9 अगस्त 2024 को ‘पीएम-सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के अंतर्गत ‘मॉडल सौर गांव’ के कार्यान्वयन के लिए परिचालन दिशानिर्देश अधिसूचित किए हैं। इस योजना का उद्देश्य देश के हर जिले में एक मॉडल सौर गांव स्थापित करना है, जिससे ग्रामीण समुदायों को अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
‘मॉडल सौर गांव’ घटक के तहत, प्रत्येक चयनित गांव को एक करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जाएगी। इस योजना के लिए कुल 800 करोड़ रुपये का वित्तीय परिव्यय आवंटित किया गया है। चयन प्रक्रिया में, 5,000 से अधिक आबादी वाले गांवों का मूल्यांकन जिला स्तरीय समिति (डीएलसी) द्वारा किया जाएगा, और सबसे अधिक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता वाले गांव को विजेता घोषित किया जाएगा।
इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा को अपनाने को बढ़ावा देना और इसे अन्य गांवों के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में प्रस्तुत करना है। पीएम-सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना का लक्ष्य सौर रूफटॉप क्षमता को बढ़ाना और आवासीय घरों को अपनी बिजली पैदा करने में सक्षम बनाना है। यह योजना 75,021 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ वित्त वर्ष 2026-27 तक लागू की जाएगी।