दलाल स्ट्रीट में उठा-पटक का तूफान: सेंसेक्स 900 अंकों की गिरावट के बाद जोरदार वापसी, मुनाफावसूली बनी कारण

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,13 मई ।
मंगलवार की सुबह जैसे ही शेयर बाजार खुला, दलाल स्ट्रीट पर मानो भूचाल आ गया। बीएसई सेंसेक्स ने 900 अंकों की ज़बरदस्त गिरावट के साथ दिन की शुरुआत की, जिससे निवेशकों के दिलों की धड़कनें तेज हो गईं। हालांकि, कुछ ही घंटों में बाजार ने पलटी मारी और जबरदस्त रिकवरी के साथ अपनी ताकत का एहसास कराया।

सुबह 9:33 बजे तक सेंसेक्स 902.68 अंक गिरकर 81,527.22 पर आ गया, जबकि निफ्टी 229.60 अंक टूटकर 24,713.60 के स्तर तक पहुंच गया था। बाजार में हर तरफ घबराहट और बेचैनी साफ नजर आ रही थी। अधिकांश सेक्टोरल इंडेक्स में मिलाजुला रुख देखने को मिला, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई।

विशेषज्ञों के अनुसार सोमवार को हुई जोरदार तेजी के बाद मंगलवार को मुनाफावसूली का दौर शुरू हो गया। सोमवार को भारत-पाकिस्तान के बीच अस्थायी युद्धविराम और अमेरिका-चीन के बीच 90 दिन की टैरिफ छूट जैसे वैश्विक राहत संकेतों से बाजार में जबरदस्त खरीदारी देखी गई थी। लेकिन आज की गिरावट ने यह साफ कर दिया कि ये तेजी टिकाऊ नहीं थी, बल्कि शॉर्ट-कवरिंग और रिटेल जोश का नतीजा थी।

“यह अस्थिरता पहले से अपेक्षित थी,” ऐसा कहना है जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट डॉ. वी.के. विजयकुमार का। उन्होंने बताया कि सोमवार की तेजी के बावजूद एफआईआई और डीआईआई की तरफ से केवल ₹2,694 करोड़ की नेट खरीदारी हुई, जिससे संकेत मिलता है कि संस्थागत समर्थन अभी भी कमजोर है।

डॉ. विजयकुमार ने यह भी बताया कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेतों के कारण भारतीय आईटी स्टॉक्स में मजबूती देखी जा सकती है। हालांकि फार्मा कंपनियों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं क्योंकि अमेरिका में दवाओं की कीमतों पर सख्ती के संकेत मिले हैं।

बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ सत्रों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव में नरमी और वैश्विक व्यापार में स्थिरता निवेशकों के लिए राहत जरूर है, लेकिन ‘हर तेजी पर कूदना नुकसानदेह हो सकता है।’

एक अनुभवी बाजार विश्लेषक ने कहा, “उम्मीद बनाए रखें, लेकिन सावधानी न छोड़ें।” उन्होंने निवेशकों को आगाह किया कि वे वैश्विक संकेतों पर नजर रखें और दिनभर के उतार-चढ़ाव में भावनात्मक फैसले न लें।

दलाल स्ट्रीट पर आज का सत्र एक सीख लेकर आया है—बाजार का मूड कभी भी बदल सकता है। मुनाफा कमाने की होड़ में अगर विवेक खो गया, तो नुकसान तय है। इस समय समझदारी से चुने गए स्टॉक्स और अनुशासित निवेश ही इस तूफानी बाजार में आपका सबसे बड़ा हथियार हैं।

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!
Leave A Reply

Your email address will not be published.