समग्र समाचार सेवा
ओटावा ,14 मई : कनाडा की राजनीति में एक ऐतिहासिक क्षण सामने आया जब भारतीय मूल की अनीता आनंद को देश की नई विदेश मंत्री नियुक्त किया गया। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी द्वारा हाल ही में किए गए बड़े मंत्रिमंडलीय फेरबदल के तहत यह नियुक्ति हुई है। अनीता आनंद ने पद एवं गोपनीयता की शपथ पवित्र हिंदू ग्रंथ “श्रीमद्भगवद गीता” पर हाथ रखकर ली, जिसने भारतीय समुदाय में गर्व और सम्मान की भावना को और भी मजबूत किया।
अनीता आनंद ने मेलोनी जोली की जगह ली है, जिन्हें अब उद्योग मंत्री बनाया गया है। इस नई कैबिनेट में आधी संख्या में महिलाएँ शामिल हैं, जो स्त्री एवं पुरुष समानता की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। अनीता पहले ट्रूडो सरकार में परिवहन और व्यापार मंत्री जैसे अहम पदों पर भी काम कर चुकी हैं।
अनीता का जन्म 1967 में नोवा स्कोटिया में हुआ था। उनके पिता तमिलनाडु से और माता पंजाब से हैं। दोनों ही पेशे से डॉक्टर थे और बाद में कनाडा में बस गए। अनीता की शिक्षा और नेतृत्व क्षमता ने उन्हें न केवल राजनीति में बल्कि प्रशासनिक निर्णयों में भी महत्वपूर्ण स्थान दिलाया है।
शपथ ग्रहण के बाद अनीता ने कहा, “यह मेरे लिए बड़े सम्मान की बात है कि मुझे कनाडा की विदेश मंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर मिला। मैं इस भूमिका को पूरी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ निभाऊंगी।”
उनकी यह नियुक्ति न केवल भारतीय मूल के लोगों के लिए गर्व की बात है, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर विविधता और समावेशिता का उदाहरण भी है। अनीता आनंद की यह नई जिम्मेदारी कनाडा की विदेश नीति को एक नई दिशा दे सकती है, खासकर भारत-कनाडा संबंधों के संदर्भ में।