असम में घोषित विदेशी नहीं रहेंगे, जल्द भेजे जाएँगे सीमा पार: CM हिमंता बिस्वा सरमा

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समग्र समाचार सेवा                                                                                                                                                                                                                                गुवाहाटी, 1 जून : असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा ने स्पष्ट किया है कि जो लोग विदेशी न्यायाधिकरणों (FT) द्वारा “घोषित विदेशी” करार दिए गए हैं, उन्हें राज्य में रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे लोगों को जल्द से जल्द सीमा पार वापस भेजा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि लगभग 30,000 घोषित विदेशी राज्य से गायब हो चुके हैं, और इन्हें ढूंढ़कर वापस भेजना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि बांग्लादेशी दो प्रकार के होते हैं—एक जो सीमा पर पकड़े जाते हैं और तत्काल वापस भेज दिए जाते हैं, और दूसरे जो विदेशी न्यायाधिकरण द्वारा घोषित किए जाते हैं।

ऐसे लोग जिन्होंने अदालत में नागरिकता के लिए अपील की है, उन्हें सरकार फिलहाल नहीं रोकेगी। लेकिन जिन लोगों ने कोई अपील नहीं की है, उन्हें डिपोर्ट किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने इस विषय पर स्पष्ट निर्देश दिए हैं और राज्य सरकार इन आदेशों का पालन कर रही है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि NRC अपडेट के समय विदेशी न्यायाधिकरणों की कार्यवाही लगभग रुकी हुई थी, लेकिन हाल ही में डेरगांव में पुलिस अधीक्षकों की बैठक में तय किया गया कि इन मामलों की सुनवाई में तेजी लाई जाएगी।

हथियार लाइसेंस को लेकर उठे विवाद पर उन्होंने कहा कि संविधान में सभी नागरिकों को सुरक्षा का अधिकार है और यदि संवेदनशील इलाकों में रहने वाले मूल निवासियों को लाइसेंस दिए जाते हैं तो यह नियमों के तहत वैध है। यह योजना अंतर-राज्यीय सीमा क्षेत्रों में लागू नहीं होगी और यह 1959 के आर्म्स एक्ट और 2016 के नियमों के तहत दी जाएगी। लाइसेंस गैर-हस्तांतरणीय है और गलत उपयोग पर रद्द किया जा सकता है। गृह एवं राजनीतिक विभाग इसकी निगरानी करेगा।

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