समग्र समाचार सेवा हावेरी, 8 जून — कर्नाटक के हावेरी शहर में बैनर हटाने को लेकर नगर परिषद के कर्मचारियों पर हुए बर्बर हमले के मामले में पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना 5 जून को शुरू हुई जब नगर परिषद के कर्मचारी रंगप्पा सी. हेरकल ने एक अवैध जन्मदिन बैनर को हटाया। यह कार्रवाई नगर आयुक्त के निर्देश पर की गई थी।
बैनर शंतप्पा उर्फ शंटू नामक व्यक्ति द्वारा लगाया गया था। इसे हटाने के बाद आरोपी अक्षता के.सी. ने रंगप्पा को फोन कर धमकाया और गाली-गलौज की। इसी दिन शाम को मामला हिंसक रूप ले बैठा, जब छह हमलावर घातक हथियारों के साथ नगर परिषद कार्यालय में घुस आए और कर्मचारियों पर हमला कर दिया।
हमले में दो ठेका कर्मी — पीरप्पा शिरबड़गी और कंठेश — गंभीर रूप से घायल हुए। उन पर स्कूटर की हैंडल से वार किया गया और जान से मारने की धमकी भी दी गई। पीरप्पा शिरबड़गी की शिकायत पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया, जिसमें हमला, आपराधिक धमकी और अभद्र व्यवहार शामिल हैं।
7 जून को हिंसा और बढ़ गई जब लगभग दस लोगों ने, जिनमें अक्षता के.सी. भी शामिल थीं, एक स्थानीय बार में एक अन्य नगरकर्मी राजू पर हमला कर दिया। वायरल वीडियो में हमलावर राजू के सिर पर क्रिकेट बैट से वार करते और उसके चेहरे पर बीयर की बोतलें फोड़ते नजर आए।
पुलिस ने जिन सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम हैं:
शंतप्पा, अर्जुना, प्रतम, फक्कीरेश कोरावर, मुकेश, प्रज्वल और गणेश। पुलिस ने शेष आरोपियों की तलाश तेज कर दी है और कहा है कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने पूरे हावेरी शहर में आक्रोश फैला दिया है। नगरकर्मी संघ ने इस हमले की तीव्र निंदा की है और मांग की है कि सरकारी कर्मचारियों को उनके कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान प्रभावी सुरक्षा दी जाए।
यह घटना एक बार फिर लोक प्रशासन में कानून व्यवस्था और सम्मान की आवश्यकता को उजागर करती है।