समग्र समाचार सेवा
कोलकाता ,12 जुलाई –कोलकाता में स्थित प्रतिष्ठित आईआईएम-कोलकाता के छात्रावास में एक महिला से कथित बलात्कार के मामले ने चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। महिला ने एक एमबीए छात्र पर नशीली चीज़ें खिलाकर दुष्कर्म का आरोप लगाया, लेकिन अगले ही दिन उसके पिता ने सार्वजनिक रूप से इन आरोपों से इनकार कर दिया और कहा कि उनकी बेटी “पूरी तरह ठीक है” और “हादसे में गिरी थी”।
घटना शुक्रवार को सामने आई जब एक मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता के रूप में काम करने वाली महिला ने हरिदेवपुर थाने में हस्तलिखित शिकायत दर्ज कराई। उसने आरोप लगाया कि आरोपी छात्र ने उसे काउंसलिंग के बहाने बुलाया, दोपहर के भोजन में पिज़्ज़ा और पानी दिया, जिसके बाद उसे चक्कर आने लगे और बेहोशी आ गई। जब होश आया, तो उसे एहसास हुआ कि उसके साथ दुष्कर्म और मारपीट हुई है।
कोलकाता पुलिस ने महिला की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64 (बलात्कार), 123 (नशीला पदार्थ देना) के तहत मामला दर्ज कर कर्नाटक के रहने वाले दूसरे वर्ष के एमबीए छात्र को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को शनिवार को अलीपुर कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसे सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
हालांकि, शनिवार दोपहर मामला तब उलझ गया जब पीड़िता के पिता ने मीडिया के सामने आकर कहा कि उनकी बेटी के साथ कोई दुष्कर्म नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि शुक्रवार रात 9:34 बजे उन्हें एक कॉल आया कि उनकी बेटी ऑटो से गिर गई है। वह एसएसकेएम अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग में भर्ती थी और अब वह ठीक है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, महिला पहले ठाकुरपुकुर थाने गई थी, लेकिन क्षेत्राधिकार हरिदेवपुर का होने के कारण वहीं शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने बताया कि शिकायत महिला ने अपने हाथ से लिखकर दी थी और एक महिला अधिकारी के साथ थाने आई थी।
कोर्ट में पुलिस ने कहा कि आरोपी ने 11 जुलाई को सुबह 11:45 से रात 8:35 के बीच काउंसलिंग के बहाने पीड़िता को बुलाया और नशा देकर बलात्कार किया। पूछताछ के दौरान आरोपी के कपड़े और मोबाइल जब्त किए गए हैं। बाद में जांच में मिले तथ्यों के आधार पर अतिरिक्त धाराएं 127(2), 115(2), और 76 भी जोड़ी गईं।
अब पुलिस पीड़िता के पिता के बयान की जांच कर रही है, जिससे यह मामला और रहस्यमय हो गया है।