समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 21 जुलाई: राज्यसभा में आज नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने एयर इंडिया विमान हादसे को लेकर जारी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट पर उठ रहे सवालों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि रिपोर्ट में किसी प्रकार का पक्षपात नहीं किया गया है और यह पूरी तरह तथ्यों पर आधारित है।
नायडू ने पश्चिमी मीडिया पर निशाना साधते हुए कहा कि “कुछ विदेशी मीडिया संस्थान अपने पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर झूठा नैरेटिव चला रहे हैं। जांच रिपोर्ट को लेकर वे जिस तरह के संदेह फैला रहे हैं, वह निंदनीय है। यह एक अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप किया गया विश्लेषण है, न कि किसी देश विशेष के दबाव में तैयार की गई रिपोर्ट।”
उन्होंने यह भी बताया कि भारत ने पहली बार किसी विमान हादसे की ब्लैक बॉक्स डिकोडिंग अपने स्तर पर की है, जो कि भारतीय विमानन सुरक्षा प्रणाली की एक बड़ी उपलब्धि है। पहले इस तरह के तकनीकी विश्लेषण के लिए भारत को अन्य देशों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन इस बार DGCA और संबंधित तकनीकी एजेंसियों ने यह कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किया।
उड्डयन मंत्री ने जनता और मीडिया से संयम बरतने की अपील की और कहा कि प्रारंभिक रिपोर्ट केवल तकनीकी पहलुओं की एक झलक देती है, जबकि अंतिम रिपोर्ट में सभी पहलुओं की विस्तार से समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा, “जब तक अंतिम जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। यह हादसा बहुत ही दुखद है और हम सभी प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना रखते हैं।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हादसे के कारणों की जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और वैज्ञानिक तरीके से की जा रही है और इसमें किसी भी प्रकार का राजनीतिक या अंतरराष्ट्रीय दबाव नहीं है।
निष्कर्षतः, मंत्री नायडू ने भरोसा दिलाया कि सरकार इस मामले को अत्यंत गंभीरता से ले रही है और अंतिम रिपोर्ट आने पर सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाएगा, जिससे सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।