शेयर बाजार में हाहाकार: अमेरिका के 25% टैरिफ से सेंसेक्स 800 अंक गिरा, निवेशकों के ₹3 लाख करोड़ डूबे

व्यापारिक तनाव का डर: ट्रंप सरकार के फैसले ने बाजार में मचाई खलबली, मिडकैप-स्मॉलकैप में सबसे ज्यादा नुकसान

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  • अमेरिका द्वारा भारतीय निर्यात पर 25% टैरिफ की घोषणा के बाद भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट।
  • सेंसेक्स 800 अंकों से ज्यादा टूटा, जबकि निफ्टी 50 भी 24,650 के नीचे फिसल गया।
  • बाजार खुलते ही सिर्फ 10 मिनट में निवेशकों के ₹3 लाख करोड़ स्वाहा हो गए।

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 31 जुलाई, 2025: अमेरिका की ओर से भारतीय निर्यात पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा का गहरा असर गुरुवार सुबह भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला। कारोबार की शुरुआत से ही बाजार में भारी बिकवाली हावी रही, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई। इस एकतरफा फैसले ने निवेशकों का भरोसा बुरी तरह हिला दिया है और बाजार में अब व्यापारिक तनाव का डर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है।

सेंसेक्स-निफ्टी में भारी गिरावट

सुबह 9:15 बजे बाजार खुलते ही बिकवाली का सिलसिला शुरू हो गया। बीएसई सेंसेक्स लगभग 786 अंकों की भारी गिरावट के साथ 80,695.50 के स्तर पर खुला, जो इसके पिछले बंद स्तर 81,481.86 से काफी नीचे था। कारोबार के शुरुआती कुछ मिनटों में ही यह गिरावट और गहरी हुई और सेंसेक्स लगभग 800 अंकों तक टूट गया।

इसी तरह, एनएसई निफ्टी 50 ने भी कमजोर शुरुआत की। यह 24,642.25 के स्तर पर खुला, जो पिछले बंद 24,855.05 से करीब 213 अंक नीचे था। कुछ ही देर में यह 24,635.00 के स्तर तक लुढ़क गया, यानी दोनों प्रमुख सूचकांक लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में सबसे ज्यादा नुकसान

इस गिरावट का असर सिर्फ बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे बाजार पर पड़ा। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी जोरदार बिकवाली देखी गई। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 2 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई, जो इस बात का संकेत है कि व्यापक बाजार पर दबाव और भी ज्यादा है। यह स्थिति छोटे निवेशकों के लिए विशेष रूप से चिंताजनक है, जो अक्सर इन शेयरों में निवेश करते हैं।

इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण ट्रंप सरकार की वह घोषणा रही, जिसमें भारतीय उत्पादों पर 1 अगस्त से 25 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने की बात कही गई है। इस फैसले से दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों में तनाव के संकेत मिले हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है।

10 मिनट में ₹3 लाख करोड़ डूबे

बाजार खुलते ही निवेशकों को एक बड़ा झटका लगा। कारोबार शुरू होने के महज 10 मिनट के भीतर ही बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप ₹452 लाख करोड़ से गिरकर ₹449 लाख करोड़ तक पहुंच गया। यानी, करीब ₹3 लाख करोड़ की पूंजी कुछ ही मिनटों में डूब गई। इस भारी नुकसान ने निवेशकों की भावनाओं पर भी नकारात्मक असर डाला है।

बाजार विशेषज्ञ इस स्थिति को निवेशकों के लिए अलर्ट का समय मान रहे हैं। उनका मानना है कि जब तक भारत की ओर से कोई ठोस जवाब सामने नहीं आता या अमेरिका की नीति में नरमी नहीं दिखती, तब तक बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। विशेषज्ञों ने निवेशकों को फिलहाल सतर्कता बरतने की सलाह दी है, खासकर उन स्टॉक्स में जो अमेरिकी बाजार पर निर्भर हैं। अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या भारत और अमेरिका के बीच इस व्यापारिक तनाव का कोई समाधान निकल पाएगा।

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