भारत-फिलीपींस संबंध ‘रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर पर पहुंचे, राष्ट्रपति ने किया स्वागत

राष्ट्रपति भवन में फिलीपींस के राष्ट्रपति का भव्य स्वागत, भारत की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ में महत्वपूर्ण भागीदार बना फिलीपींस।

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  • भारत और फिलीपींस के संबंध अब ‘रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक पहुँच गए हैं, जिससे दोनों देशों के बीच सहयोग को नई दिशा मिलेगी।
  • यह विकास फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर की भारत यात्रा के दौरान हुआ है, जो दोनों देशों के राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर हुई।
  • राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में व्यापार, रक्षा, डिजिटल प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे कई प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 6 अगस्त, 2025 – भारत और फिलीपींस के संबंधों ने एक नया और महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किया है। फिलीपींस के राष्ट्रपति महामहिम फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर की भारत यात्रा के दौरान, दोनों देशों ने अपने संबंधों को “Strategic Partnership” (रणनीतिक साझेदारी) के स्तर तक बढ़ाने की घोषणा की है। यह घोषणा उस समय हुई है जब दोनों देश अपने राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। राष्ट्रपति भवन में फिलीपींस के राष्ट्रपति, उनकी पत्नी और प्रतिनिधिमंडल का भव्य स्वागत किया गया, जहां भारत की राष्ट्रपति ने रात्रिभोज के दौरान दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक संबंधों और भविष्य के सहयोग पर जोर दिया।

व्यापार और निवेश में नई संभावनाएं

राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि भारत और फिलीपींस के बीच व्यापार और निवेश सहयोग हमारे द्विपक्षीय संबंधों का एक महत्वपूर्ण पहलू है। उन्होंने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि फिलीपींस में भारतीय निवेश कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय रूप से मौजूद है। इस नई साझेदारी से व्यापार और निवेश के अवसरों को और भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को लाभ होगा।

रक्षा, सुरक्षा और समुद्री सहयोग को बढ़ावा

‘रणनीतिक साझेदारी’ का सबसे अहम पहलू रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाना है। फिलीपींस भारत की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ और ‘MAHASAGAR विजन’ में एक महत्वपूर्ण भागीदार है। राष्ट्रपति ने कहा कि यह साझेदारी समुद्री सुरक्षा सहित कई क्षेत्रों में दोनों देशों की भागीदारी को और मजबूत करेगी। यह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए भी महत्वपूर्ण है। फिलीपींस अगले साल आसियान (ASEAN) का अध्यक्ष बनने जा रहा है, और भारत ने उन्हें सफल अध्यक्षता के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

डिजिटल और वित्तीय प्रौद्योगिकी पर फोकस

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और फिलीपींस जैसे ग्लोबल साउथ के देश समान चुनौतियों का सामना करते हैं। इन चुनौतियों से निपटने और अपने नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए दोनों देशों को उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जो दैनिक जीवन को प्रभावित करते हैं। इस संदर्भ में, डिजिटल और वित्तीय प्रौद्योगिकियों में बढ़ते द्विपक्षीय सहयोग का स्वागत किया गया। भारत अपनी डिजिटल और वित्तीय क्रांति के अनुभव को फिलीपींस के साथ साझा करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे दोनों देशों के लोगों को लाभ होगा।

लोगों से लोगों के बीच सांस्कृतिक संबंध

भारत और फिलीपींस के बीच सदियों से चले आ रहे सांस्कृतिक और व्यावसायिक संबंध हमारी मित्रता की नींव हैं। राष्ट्रपति ने इस बात का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों की कलात्मक विरासत और सांस्कृतिक विविधता बहुत समृद्ध है। उन्होंने बताया कि रामायण पर आधारित दंतकथाएं फिलीपींस में भी लोकप्रिय हैं, जो दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक बंधन को दर्शाती हैं। राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि वीजा प्रक्रियाओं में सुगमता और बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से दोनों देशों के लोगों और व्यवसायों के बीच सहयोग और बढ़ेगा।

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