चुनाव आयोग की घेराबंदी: 300 विपक्षी सांसद आज करेंगे मार्च, दिल्ली पुलिस ने नहीं दी इजाजत

विपक्ष का आरोप- चुनाव आयोग पर सरकार के दबाव में काम करने का, पुलिस ने सुरक्षा का हवाला दिया।

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  • 300 से अधिक विपक्षी सांसद, आज संसद से चुनाव आयोग के मुख्यालय तक मार्च करेंगे, जबकि दिल्ली पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी है।
  • यह मार्च विपक्ष के उस विरोध का हिस्सा है, जिसमें वे वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और कथित ‘वोट चोरी’ का आरोप लगा रहे हैं।
  • दिल्ली पुलिस ने कहा है कि सांसदों ने मार्च के लिए औपचारिक रूप से कोई आवेदन नहीं किया था, जिस कारण इजाजत नहीं दी गई।

कुमार राकेश
नई दिल्ली, 11 अगस्त, 2025 – लोकसभा चुनाव में कथित ‘वोट चोरी’ और चुनावी प्रक्रिया में धांधली के आरोपों को लेकर विपक्षी दलों का ‘इंडिया’ गठबंधन अब सड़क पर उतरने की तैयारी में है। गठबंधन के 300 से अधिक सांसद आज संसद भवन से लेकर चुनाव आयोग (ECI) के मुख्यालय तक मार्च करेंगे। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस मार्च को निकालने की इजाजत नहीं दी है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि विपक्ष ने मार्च के लिए कोई औपचारिक आवेदन नहीं किया था, जिसके चलते अनुमति नहीं दी गई। बिना अनुमति के हो रहे इस मार्च को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है।

क्यों मार्च कर रहे हैं विपक्षी सांसद?

विपक्षी सांसद, खासकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी, चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। उनका दावा है कि चुनाव आयोग भाजपा के साथ मिलकर ‘वोट चोरी’ करवा रहा है। इस मार्च का मुख्य उद्देश्य बिहार में मतदाता सूची के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का विरोध करना भी है, जिसे विपक्ष मतदाताओं के नाम हटाने की एक साजिश बता रहा है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि यह मार्च सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन नहीं है, बल्कि लोकतंत्र के मूल अधिकार, यानी मतदान के अधिकार को बचाने का एक अभियान है। उनका आरोप है कि सरकार के दबाव में काम करते हुए चुनाव आयोग लोकतंत्र की हत्या कर रहा है।

पुलिस ने क्यों नहीं दी इजाजत?

दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, विपक्षी दलों के किसी भी सांसद या प्रतिनिधि ने इस मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं मांगी थी। बिना अनुमति के इस तरह के बड़े मार्च से कानून-व्यवस्था बिगड़ने और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। पुलिस ने संसद और चुनाव आयोग के दफ्तर के आसपास बैरिकेडिंग कर दी है और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। ऐसे में यह देखना होगा कि विपक्षी सांसद बिना इजाजत के मार्च निकालते हैं या नहीं, और अगर निकालते हैं तो पुलिस का अगला कदम क्या होगा।

राजनीतिक गलियारों में हलचल और आगे की रणनीति

विपक्षी दलों के इस मार्च ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। एक तरफ जहां विपक्ष इसे अपनी एकजुटता दिखाने का एक सुनहरा मौका मान रहा है, वहीं भाजपा ने इस मार्च को हार की ‘बौखलाहट’ और ‘ड्रामा’ बताया है। भाजपा का कहना है कि विपक्ष के पास कोई ठोस एजेंडा नहीं है और वह केवल राजनीतिक स्टंट कर रहा है। विपक्ष के इस कदम से चुनाव आयोग पर दबाव बढ़ गया है, जिसे पहले ही राहुल गांधी के आरोपों पर जवाब देने के लिए कहा जा चुका है। इस मार्च के बाद विपक्ष की आगे की रणनीति क्या होगी, इस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

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