चेतेश्वर पुजारा ने क्रिकेट से लिया संन्यास, भावुक पोस्ट शेयर कर कहा- अलविदा
भारतीय क्रिकेट टीम के 'द वॉल' कहे जाने वाले चेतेश्वर पुजारा ने 13 साल के शानदार करियर के बाद संन्यास की घोषणा की।
- टीम इंडिया के दिग्गज टेस्ट बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान किया।
- उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में एक भावुक संदेश लिखा, जिसमें उन्होंने बीसीसीआई, साथियों और परिवार को धन्यवाद दिया।
- पुजारा ने अपने 13 साल के करियर में 103 टेस्ट मैचों में 19 शतक और 35 अर्धशतकों के साथ 7,195 रन बनाए।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 24 अगस्त, 2025: भारतीय क्रिकेट टीम के ‘टेस्ट स्पेशलिस्ट’ और ‘द वॉल’ के नाम से मशहूर दिग्गज बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। रविवार को 37 वर्षीय पुजारा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर एक भावुक और लंबा पोस्ट शेयर करते हुए अपने इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने लिखा, “भारतीय जर्सी पहनना, राष्ट्रगान गाना और हर बार जब मैं मैदान पर कदम रखता था, तो अपना सर्वश्रेष्ठ देना – इसे शब्दों में बयां कर पाना नामुमकिन है कि इसका असली मतलब क्या था। लेकिन जैसा कि कहते हैं, हर अच्छी चीज का अंत होता है।”
13 साल का शानदार करियर
पुजारा ने अपने करियर में 103 टेस्ट मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इस दौरान उन्होंने 43.61 की औसत से 7,195 रन बनाए, जिसमें 19 शतक और 35 अर्धशतक शामिल हैं। उनका उच्चतम स्कोर 206* रन रहा। टेस्ट क्रिकेट के साथ-साथ उन्होंने 5 वनडे मैच भी खेले। अपने करियर में पुजारा ने अपनी धैर्यपूर्ण और रक्षात्मक बल्लेबाजी शैली के लिए एक अलग पहचान बनाई। उन्हें भारत के लिए राहुल द्रविड़ के बाद नंबर 3 पर सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज माना जाता था। उनकी बल्लेबाजी ने भारतीय टीम को कई मुश्किल परिस्थितियों से निकाला और जीत दिलाई, खासकर विदेशी दौरों पर।
आग की तरह धैर्य, चट्टान जैसी दृढ़ता
चेतेश्वर पुजारा को उनकी धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी के लिए जाना जाता था। उन्होंने कई ऐतिहासिक पारियों में अपनी टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इनमें 2018-19 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर खेली गई उनकी पारियां सबसे खास हैं। इस सीरीज में उन्होंने 521 रन बनाए और भारत को ऑस्ट्रेलिया में पहली बार टेस्ट सीरीज जिताने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस दौरे पर उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के सामने एक चट्टान की तरह डटकर उनका सामना किया, जिससे भारतीय टीम के बाकी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका मिला।
इमोशनल पोस्ट में सभी का किया धन्यवाद
अपने संन्यास के पोस्ट में, पुजारा ने अपने इस सफर के लिए हर किसी का धन्यवाद किया। उन्होंने बीसीसीआई और सौराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन के साथ-साथ सभी टीमों, फ्रेंचाइजी और काउंटी का आभार व्यक्त किया, जिनके लिए वह सालों तक खेले। उन्होंने अपने गुरुओं और कोचों का भी शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया। अपने टीममेट्स, सपोर्ट स्टाफ, अंपायरों, ग्राउंड स्टाफ, मीडिया और उन सभी लोगों को धन्यवाद दिया जो पर्दे के पीछे रहकर क्रिकेट के खेल को संभव बनाते हैं। पुजारा ने विशेष रूप से अपने परिवार, माता-पिता, पत्नी पूजा और बेटी अदिति का जिक्र किया और उनके बलिदानों के लिए उनका आभार जताया।
घरेलू क्रिकेट में भी रहे बेमिसाल
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के अलावा, पुजारा ने घरेलू क्रिकेट में भी अपना दबदबा बनाए रखा। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उन्होंने 21,301 रन बनाए, जिसमें 66 शतक शामिल हैं। वह भारत के सबसे ज्यादा प्रथम श्रेणी शतक लगाने वाले बल्लेबाजों में से एक हैं। घरेलू सर्किट में सौराष्ट्र टीम को दो बार रणजी ट्रॉफी जिताने में उनका अहम योगदान रहा। पिछले कुछ समय से वह भारतीय टीम से बाहर चल रहे थे, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन लगातार शानदार रहा। उनका संन्यास भारतीय क्रिकेट में एक युग का अंत है, खासकर टेस्ट फॉर्मेट में।