इंडिया-एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन: 38,000 GPU और 570 लैब का लक्ष्य

इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इंडिया-एआई मिशन की प्रमुख पहलों और लोगो का अनावरण किया।

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  • इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इंडिया-एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन 2026 के लिए लोगो और प्रमुख पहलों का अनावरण किया है।
  • इस शिखर सम्मेलन का आयोजन पहली बार किसी ग्लोबल साउथ राष्ट्र द्वारा किया जा रहा है और यह लोगों, पृथ्वी और प्रगति के सूत्रों पर केंद्रित है।
  • केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारत का लक्ष्य अब 10,000 जीपीयू से बढ़कर 38,000 जीपीयू तक पहुंच गया है, जो एआई मिशन की बड़ी प्रगति को दर्शाता है।

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 19 सितंबर, 2025: इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने आगामी इंडिया-एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन 2026 के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए इसके आधिकारिक लोगो और कई महत्वपूर्ण पहलों का अनावरण किया है। यह शिखर सम्मेलन, जो 19-20 फरवरी, 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होगा, का उद्देश्य एआई के प्रभाव पर वैश्विक चर्चा को एक मंच प्रदान करना है। सबसे खास बात यह है कि यह किसी ग्लोबल साउथ राष्ट्र द्वारा आयोजित पहला एआई शिखर सम्मेलन है, जो भारत की वैश्विक नेतृत्व की भूमिका को रेखांकित करता है।

आधिकारिक लोगो में अशोक चक्र को दर्शाया गया है, जो भारत के नैतिक शासन, न्याय और संवैधानिक मूल्यों का प्रतीक है। यह लोगो विभिन्न भाषाओं, उद्योगों और भौगोलिक क्षेत्रों में एआई के परिवर्तनकारी प्रभाव को दर्शाता है, जो सभी को एक साथ लाकर समावेशी प्रगति को संभव बनाता है।

इस अवसर पर, इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने एआई मिशन की प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत ने शुरुआत में 10,000 जीपीयू उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा था, लेकिन अब यह बढ़कर 38,000 जीपीयू तक पहुंच गया है। यह उपलब्धि यह दर्शाती है कि भारत एआई क्षेत्र में अपनी कंप्यूटिंग क्षमताओं को तेजी से बढ़ा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के दृष्टिकोण के अनुरूप, प्रौद्योगिकी के लोकतंत्रीकरण पर जोर दिया और बताया कि एआई डेटा लैब्स को विविध क्षेत्रों में स्थापित किया जा रहा है ताकि समावेशी विकास सुनिश्चित हो सके।

प्रमुख पहलों का अनावरण: एआई अर्थव्यवस्था को बढ़ावा

इंडिया-एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन 2026 में कई महत्वपूर्ण पहलें शामिल हैं, जिनका उद्देश्य एआई के विभिन्न पहलुओं को बढ़ावा देना है। इनमें से कुछ प्रमुख पहलें इस प्रकार हैं:

एआई पिच फेस्ट (उड़ान): यह वैश्विक मंच दुनिया भर के नवोन्मेषी एआई स्टार्टअप्स और भारत के टियर 2 और 3 शहरों के उच्च-संभावित उद्यमों को प्रदर्शित करेगा। इसमें विशेष रूप से महिला नेताओं और दिव्यांग परिवर्तनकर्ताओं पर ध्यान दिया जाएगा, ताकि सभी को समान अवसर मिल सकें।

वैश्विक नवाचार चुनौतियां: युवाओं, महिलाओं और अन्य प्रतिभागियों के लिए यह पहल एआई-संचालित समाधानों को बढ़ावा देगी, जो वास्तविक दुनिया की सार्वजनिक चुनौतियों का समाधान करते हैं।

अनुसंधान संगोष्ठी: यह एक दिवसीय कार्यक्रम है, जिसमें भारत, ग्लोबल साउथ और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के अग्रणी शोधकर्ता एआई के प्रभाव पर अपने अत्याधुनिक कार्य प्रस्तुत करेंगे। इसका उद्देश्य विचारों का आदान-प्रदान करना और सहयोग स्थापित करना है।

एआई एक्सपो (उत्तरदायी बुद्धिमत्ता): इस एक्सपो में भारत और 30 से अधिक देशों के 300 से अधिक प्रदर्शक भाग लेंगे। इसमें 10 से अधिक विषयगत मंडप होंगे, जो एआई में हो रहे नवाचारों को प्रदर्शित करेंगे।

भारत के लिए स्वदेशी एआई मॉडल: आठ नई आधारभूत पहलें

इंडियाएआई फाउंडेशन मॉडल्स स्तंभ के तहत, भारत-विशिष्ट डेटा पर प्रशिक्षित स्वदेशी एआई मॉडल बनाने के लिए आठ प्रमुख परियोजनाओं की शुरुआत की गई है। 506 प्रस्तावों में से चयनित इन पहलों में से कुछ प्रमुख इस प्रकार हैं:

अवतार एआई: यह पहल भारतीय भाषाओं और कृषि, स्वास्थ्य सेवा व शासन जैसे क्षेत्रों के लिए विशिष्ट “एआई अवतार” बनाने पर केंद्रित है।

आईआईटी बॉम्बे कंसोर्टियम: इस परियोजना का उद्देश्य कृषि, वित्त, कानूनी और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में अनुप्रयोगों का समर्थन करने के लिए एक ओपन-सोर्स दृष्टिकोण के साथ बहुभाषी और मल्टीमॉडल मॉडल विकसित करना है।

फ्रैक्टल एनालिटिक्स लिमिटेड: यह टीम भारत का पहला बड़ा तर्क मॉडल बनाएगी, जो विज्ञान, प्रौद्योगिकी और चिकित्सा समस्या-समाधान के लिए डिज़ाइन किया गया है।

टेक महिंद्रा मेकर्स लैब: भारतीय भाषाओं, विशेष रूप से हिंदी बोलियों के लिए एक कुशल मॉडल तैयार किया जाएगा, साथ ही सरकारी अनुप्रयोगों के लिए एक एजेंटिक एआई प्लेटफॉर्म भी बनाया जाएगा।

जेंटेइक: इंजीनियरिंग और औद्योगिक नवाचार को आगे बढ़ाने के लिए एक विज्ञान-संचालित मल्टीमॉडल फ़ाउंडेशन मॉडल ‘ब्रह्मएआई’ का विकास किया जाएगा।

इंटेलीहेल्थ: यह तंत्रिका संबंधी विकारों की शीघ्र जांच और ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस अनुसंधान के लिए एक विशेष मॉडल का प्रस्ताव करती है।

प्रशिक्षण और फेलोशिप: युवाओं को सशक्त बनाना

एआई मिशन के तहत, 30 इंडियाएआई डेटा और एआई लैब्स का भी शुभारंभ किया गया है, जो 570 लैब नेटवर्क के पहले चरण का हिस्सा हैं। ये लैब्स टियर 2 और 3 शहरों में स्थापित की गई हैं और ये ‘फ्यूचरस्किल्स’ पहल के तहत एआई और डेटा प्रशिक्षण पाठ्यक्रम प्रदान करेंगी। इसके अलावा, इंडियाएआई फेलोशिप कार्यक्रम का भी विस्तार किया गया है, जिसके तहत 13,500 विद्वानों को सहायता मिलेगी, जिसमें स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी शोधकर्ता शामिल हैं। यह फेलोशिप अब इंजीनियरिंग, चिकित्सा, कानून और अन्य विविध विषयों के छात्रों के लिए भी उपलब्ध है, जो इसे पीएम रिसर्च फ़ेलोशिप के समकक्ष बनाता है।

यह शिखर सम्मेलन ‘लोग, पृथ्वी और प्रगति’ के तीन सूत्रों और सात चक्रों पर आधारित है, जिसका उद्देश्य एआई को मानवता की सेवा, पर्यावरण संरक्षण और समान आर्थिक विकास के लिए एक शक्ति के रूप में बढ़ावा देना है।

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