लद्दाख में हिंसा, 4 की मौत, 72 घायल

दिल्ली,25 सितंबर 2025, लद्दाख में पूर्ण राज्य का दर्जा हासिल करने के लिए प्रदर्शन

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लद्दाख फिलहाल शांत है, लेकिन सवाल ये उठ रहा है कि लद्दाख क्यों सुलगा  सोनम वांगचुक की लद्दाख में भड़की हिंसा में क्या भूमिका है क्यों युवाओं का एक प्रदर्शन हिंसक हो गया. इन सभी सवालों के जवाब आज तलाशते हैं,गृह मंत्रालय ने कल देर रात जो बयान जारी किया है उसमें लद्दाख हिंसा का पूरा लेखा जोखा दिया गया है.

गृह मंत्रालय ने सोनम वांगचुक को ठहराया जिम्मेदार

केंद्र सरकार ने लद्दाख में बुधवार को हिंसा के लिए सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को जिम्मेदार ठहराया। गृह मंत्रालय ने देर रात बयान में कहा, ‘वांगचुक ने भड़काऊ बयानों से भीड़ को उकसाया, हिंसा के बीच अपना उपवास तो तोड़ा, लेकिन हालात काबू करने के प्रयास की जगह एम्बुलेंस से अपने गांव चले गए।’
मंत्रालय ने कहा- कई नेताओं ने वांगचुक से हड़ताल खत्म करने की अपील की थी, लेकिन उन्होंने हड़ताल जारी रखी। उन्होंने अरब स्प्रिंग शैली और नेपाल में जेन-जी विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करके लोगों को गुमराह किया।

लद्दाख में हिंसा भड़काने के पीछे मंशा कुछ और थी, क्या युवाओं को गुमराह कर भटकाया गया, ये सवाल बुधवार से ही पूछे जा रहे हैं,अब इस पर गृह मंत्रालय ने देर रात एक बयान जारी किया,केंद्र सरकार के मुताबिक जिन मांगों को लेकर सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल शुरु की, उस पर केंद्र सरकार पहले से ही संवाद कर रही है,केंद्र सरकार लगातार संवाद की प्रक्रिया में लगी है।
10सितंबर को सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल शुरु की, जबकि उनकी मांगे पहले से ही उच्चाधिकार समिति ( HPC) की चर्चा का हिस्सा थी,सरकार ने लद्दाख में अनुसूचित जनजाति आरक्षण 45% से बढ़ाकर 84% किया,परिषद में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण दिया,भोटी और पुर्गी भाषाओं को आधिकारिक मान्यता दी गई साथ ही 1800 पदों पर भर्ती भी शुरु की गई.

लद्दाख का ये हाल देखकर सबके मन में सवाल उठ रहा है कि आखिर ये हिंसक प्रदर्शन के पीछे का असली कारण क्या है और सोनम वांगचुक इतने लंबे समय से अनशन पर क्यों बैठे हुए है…इसके लिए आपको इनकी मांगे पहले जाननी होंगी.

लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग
– 6वीं अनुसूची के तहत संवैधानिक सुरक्षा देने की मांग
– कारगिल और लेह अलग लोकसभा सीट बनाने की मांग
– सरकारी नौकरी में स्थानीय लोगों की भर्ती की मांग

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