मध्यप्रदेश-असम के बीच निवेश और सांस्कृतिक सहयोग पर चर्चा

दोनों राज्यों के बीच सीधी उड़ान, निवेश और वन्यजीव संरक्षण पर बनी सहमति

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  • औद्योगिक और निवेश सहयोग: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने असम के उद्योगपतियों को मध्य प्रदेश में निवेश करने का न्योता दिया।
  • सीधी विमान सेवा की पहल: दोनों राज्यों के बीच पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए भोपाल से गुवाहाटी तक सीधी उड़ान शुरू करने पर चर्चा हुई।
  • हस्तशिल्प और सिल्क को बढ़ावा: दोनों राज्य हस्तशिल्प, सिल्क और बांस उत्पादों के पारंपरिक व्यापारिक सहयोग को सशक्त बनाएंगे।

समग्र समाचार सेवा
गुवाहाटी , 6 अक्टूबर, 2025: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज असम की राजधानी गुवाहाटी स्थित मुख्यमंत्री श्री हेमंत बिसवा सरमा के निवास पर उनसे सौजन्य भेंट की। यह मुलाकात दोनों राज्यों के बीच औद्योगिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

करीब एक घंटे चली इस बैठक में कई अहम मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई। दोनों मुख्यमंत्रियों ने औद्योगिक सहयोग, निवेश की संभावनाओं और विशेष रूप से वन्यजीव संरक्षण की दिशा में समन्वित प्रयास करने पर सहमति जताई। यह चर्चा भविष्य में दोनों राज्यों के बीच संबंधों को मजबूत करने की नींव रखेगी।

भोपाल-गुवाहाटी सीधी उड़ान और पर्यटन विस्तार

मुलाकात के दौरान, सबसे महत्वपूर्ण चर्चा का विषय भोपाल से गुवाहाटी तक सीधी विमान सेवा शुरू करने की दिशा में प्रयास करना रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस बात पर जोर दिया कि भविष्य में पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने के लिए यह सीधी कनेक्टिविटी आवश्यक है।

डॉ. यादव ने कहा, “सीधी विमान सेवा शुरू होने से दोनों राज्यों के नागरिक, पर्यटक और व्यापारी आसानी से आ-जा सकेंगे, जिससे पर्यटन और व्यापार दोनों को बल मिलेगा।” यह पहल न केवल आवागमन को आसान बनाएगी, बल्कि दोनों क्षेत्रों की अर्थव्यवस्थाओं को भी गति प्रदान करेगी।

युवाओं और कारीगरों को मिलेंगे नए अवसर

सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में भी ठोस कदम उठाने पर सहमति बनी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवाओं, कलाकारों और विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग बढ़ाकर दोनों राज्यों के पुरातन सांस्कृतिक संबंधों को और सशक्त किया जाएगा।

आर्थिक सहयोग के मोर्चे पर, दोनों नेताओं ने हस्तशिल्प, सिल्क और बांस से निर्मित उत्पादों के पारंपरिक व्यापारिक सहयोग को बढ़ावा देने का फैसला किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अनुसार, इस कदम से दोनों राज्यों के स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को अपने उत्पादों के लिए नए बाजार मिलेंगे, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

वन्य जीव संरक्षण और निवेश पर जोर

बैठक में वन्य जीव संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों और वन्य जीवों के परस्पर आदान-प्रदान जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। मध्य प्रदेश जहां टाइगर स्टेट के रूप में विख्यात है, वहीं असम का काजीरंगा गैंडों के लिए प्रसिद्ध है। इस क्षेत्र में परस्पर सहयोग से संरक्षण के प्रयासों को और अधिक मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने असम के मुख्यमंत्री डॉ. सरमा को यह भी अवगत कराया कि असम के कई उद्योगपति और निवेशक मध्य प्रदेश में निवेश करने के इच्छुक हैं। डॉ. यादव ने इन सभी निवेशकों का स्वागत करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश सरकार उन्हें हर संभव सहयोग देगी।

इस सौजन्य भेंट के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव की धर्मपत्नी श्रीमती सीमा यादव भी उपस्थित थीं, जिसने इस बैठक को पारिवारिक और आत्मीय माहौल प्रदान किया। यह मुलाकात न केवल व्यापारिक और औद्योगिक साझेदारी के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह देश के विभिन्न हिस्सों के बीच सांस्कृतिक और भावनात्मक एकीकरण को भी बढ़ावा देती है।

 

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