‘भारत की गोद में तालिबान’: पाकिस्तान ने कहा- अफगानिस्तान से रिश्ते खत्म
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने तालिबान पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- अब पुराने संबंधों का युग समाप्त
- पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि अफगानिस्तान के साथ पुराने संबंधों का युग अब समाप्त हो गया है।
- उन्होंने तालिबान सरकार पर भारत की तरफ से काम करने और पाकिस्तान के खिलाफ साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया।
- आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान की ज़मीन और संसाधन केवल 25 करोड़ पाकिस्तानियों के लिए हैं, अफगान नागरिक अपने देश लौट जाएं।
समग्र समाचार सेवा
इस्लामाबाद, 18 अक्टूबर: अफगानिस्तान के साथ सीमा पर जारी तनाव के बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक बेहद भड़काऊ और तीखा बयान दिया है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि अफगानिस्तान के साथ पाकिस्तान के पुराने संबंधों का युग अब खत्म हो गया है, क्योंकि उनके अनुसार, काबुल के शासक (तालिबान) अब ‘भारत की गोद में’ जा बैठे हैं।
यह बयान पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत में एयरस्ट्राइक किए जाने के बाद आया है, जिसके कारण दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है और हाल ही में घोषित 48 घंटे का युद्धविराम भी टूट गया था। आसिफ ने पाकिस्तानी संसद में बोलते हुए कहा कि वे (तालिबान) कभी हमारी हिफाजत में रहते थे, लेकिन अब वे पाकिस्तान के खिलाफ साजिश रच रहे हैं।
‘हमारी धरती केवल पाकिस्तानियों के लिए’
ख्वाजा आसिफ ने पाकिस्तान में रहने वाले अफगान नागरिकों को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने साफ कहा कि पाकिस्तान में रह रहे अफगान नागरिक तुरंत अपने देश की ओर रवाना हो जाएं। आसिफ ने तर्क दिया, “अब उनकी अपनी सरकार है। हमारी धरती और संसाधन केवल 25 करोड़ पाकिस्तानियों के लिए हैं।”
पाकिस्तान लगातार आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान अपनी ज़मीन का इस्तेमाल तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) जैसे आतंकवादी समूहों को पनाह देने के लिए कर रहा है, जो पाकिस्तान में हमले करते हैं। आसिफ ने सीमा पार आतंकवाद को लेकर अफगानिस्तान को भेजे गए 836 विरोध पत्रों (Protest Notes) का भी ज़िक्र किया और कहा कि 13 मांगें रखी गई थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
‘अब कोई अपील नहीं, दिया जाएगा मुंहतोड़ जवाब’
रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भविष्य की रणनीति स्पष्ट करते हुए कहा कि अब पाकिस्तान की तरफ से कोई भी प्रतिनिधिमंडल काबुल नहीं भेजा जाएगा और न ही शांति की कोई अपील की जाएगी। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “आतंक जहाँ भी पल रहा है, उसे उसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।”
आसिफ का यह आक्रामक बयान ऐसे समय में आया है, जब कुछ दिन पहले ही अफगान विदेश मंत्री भारत की यात्रा पर थे। पाकिस्तान ने उसी दौरान अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक की थी। इससे यह स्पष्ट होता है कि पाकिस्तान न केवल TTP जैसे आतंकी समूहों से, बल्कि भारत और अफगानिस्तान की बढ़ती करीबी से भी परेशान है। आसिफ ने यह भी कहा कि अगर सीमा पर अफगानिस्तान की ओर से कोई भी उकसावे की गतिविधि की जाती है, तो उसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। पाकिस्तान के इस तीखे रुख से भारत-अफगानिस्तान-पाकिस्तान के त्रिपक्षीय संबंध अब एक नए और अधिक जटिल दौर में प्रवेश कर गए हैं।