दीपोत्सव पर ‘फर्जी आस्था’ का वार: 26 लाख दीयों के रिकॉर्ड पर संजय सिंह ने BJP को घेरा
आम आदमी पार्टी ने वीडियो जारी कर लगाया करोड़ों खर्च और जलते दीयों को कूड़े की तरह हटाने का गंभीर आरोप
- आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह ने अयोध्या दीपोत्सव में 26 लाख दीयों के गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड पर सवाल उठाए।
- सांसद ने दीपोत्सव के बाद का एक वीडियो साझा किया, जिसमें जलते दीयों को कूड़े के ढेर की तरह हटाया जा रहा था।
- संजय सिंह ने बीजेपी पर करोड़ों रुपये खर्च कर ‘फर्जी आस्था’ का प्रचार करने और हिंदू धर्म के अपमान का आरोप लगाया।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली/अयोध्या, 22 अक्टूबर: अयोध्या में हाल ही में संपन्न हुए भव्य दीपोत्सव समारोह, जिसमें 26 लाख 17 हजार 215 दीये जलाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया था, अब राजनीतिक विवादों के घेरे में आ गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इस आयोजन की भव्यता और खर्च पर सवाल उठाते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर जोरदार हमला बोला है।
वीडियो के जरिए बीजेपी पर सीधा हमला
सोमवार, 20 अक्टूबर को संजय सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया। यह वीडियो दीपोत्सव समारोह के समाप्त होने के बाद का बताया जा रहा है, जिसमें कुछ लोगों को जलते हुए दीयों को कूड़े के ढेर की तरह उठाते और हटाते हुए देखा जा सकता है।
सांसद सिंह ने इस वीडियो को ‘प्रभु श्री राम के प्रति नकली प्यार’ बताते हुए बीजेपी की आलोचना की। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, “करोड़ों खर्च, फर्जी आस्था का प्रचार, विश्व रिकॉर्ड का डंका और ज़मीनी सच्चाई। ये है भाजपा का प्रभु श्री राम के प्रति नकली प्यार। हिंदू धर्म में जलते दीये को बुझाना अशुभ है। देखिए किस तरह भाजपाई अधर्मियों ने अयोध्या में भगवान श्री राम के नाम पर जलते हुए दीपक को कूड़े की तरह हटवाया।”
‘करोड़ों खर्च, फर्जी आस्था’ का आरोप
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि दीपोत्सव के आयोजन में करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन यह केवल ‘फर्जी आस्था’ का प्रचार और विश्व रिकॉर्ड का दिखावा था, जिसका जमीनी सच्चाई से कोई वास्ता नहीं है। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने राम के नाम पर दीप जलाए, लेकिन यह सब उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा का हिस्सा है।
अयोध्या में दीपोत्सव का आयोजन पिछले नौ वर्षों से हो रहा है और हर साल दीयों की संख्या का एक नया विश्व रिकॉर्ड बनता है। इस वर्ष भी, 56 घाटों पर 32,000 से अधिक स्वयंसेवकों ने 26 लाख से अधिक दीये जलाए, जिसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधियों द्वारा प्रमाणित किया गया। हालांकि, संजय सिंह ने इस रिकॉर्ड की भव्यता की आड़ में धन के दुरुपयोग और धार्मिक भावना के अपमान का मुद्दा उठाया है।
राम और रहीम के नाम पर नफरत फैलाने का तंज
अपने हमले को और तीखा करते हुए संजय सिंह ने बीजेपी के राजनीतिक एजेंडे पर भी तंज कसा। उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा कि “राम के नाम पर दीप जलाकर, रहीम के नाम पर नफ़रत फैलाना, प्रभु श्री राम का आदर्श नहीं है।” इस बयान के जरिए उन्होंने बीजेपी को धार्मिक त्योहारों का इस्तेमाल ध्रुवीकरण की राजनीति के लिए करने का आरोप लगाया।
बीजेपी की तरफ से अभी तक इस वीडियो और आरोपों पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन दीपोत्सव के सफल आयोजन को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘आस्था और एकता का पर्व’ और ‘500 वर्षों के अंधकार पर विजय का प्रतीक’ बताया था।
संजय सिंह का यह हमला ऐसे समय में आया है जब अयोध्या और उत्तर प्रदेश की राजनीति में राम मंदिर निर्माण के बाद भी कई मुद्दों पर विपक्ष बीजेपी को घेर रहा है। इस नवीनतम विवाद से दीपोत्सव की चमक के साथ-साथ राजनीति की गर्मी भी बढ़ गई है।