उमा भारती का बड़ा ऐलान: 2029 लोकसभा चुनाव में झांसी से लड़ेंगी

मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने 2029 का लोकसभा चुनाव सिर्फ झांसी सीट से लड़ने की इच्छा जताई; कहा- पार्टी कहेगी तो 'ना' नहीं करूंगी।

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  • बीजेपी की वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने 2029 का लोकसभा चुनाव लड़ने की अपनी इच्छा जाहिर की है।
  • उन्होंने साफ किया है कि अगर पार्टी इजाजत देगी तो वह चुनाव सिर्फ उत्तर प्रदेश की झांसी लोकसभा सीट से ही लड़ेंगी।
  • उमा भारती ने राजनीति से हाशिए पर होने की बात को सिरे से खारिज किया और कहा कि उनकी मुख्य रुचि गौसेवा और गंगा संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर है।

समग्र समाचार सेवा
भोपाल, 24 अक्टूबर: भारतीय जनता पार्टी (BJP) की फायरब्रांड नेता और मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने चुनावी राजनीति में अपनी वापसी का संकेत देते हुए बड़ा ऐलान किया है। भोपाल स्थित अपने निवास पर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी प्रबल इच्छा है कि वह 2029 के लोकसभा चुनाव में हिस्सा लें। लेकिन, उन्होंने अपनी पसंद की सीट को लेकर कोई समझौता न करने की बात स्पष्ट कर दी है।

उमा भारती ने कहा, “मैंने पार्टी को सूचना दे दी है कि मैं 2029 में लोकसभा का चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूँ। पार्टी अगर चाहेगी तो मैं 2029 का चुनाव ज़रूर लडूंगी, लेकिन मैं लोकसभा का चुनाव सिर्फ झांसी से ही लडूंगी। अगर पार्टी कहेगी तो मैं ‘ना’ नहीं कहूँगी।”

‘झांसी मेरा भावनात्मक घर, जन्मभूमि के करीब’

झांसी को चुनने के पीछे के कारण बताते हुए उमा भारती ने कहा कि झांसी उनकी जन्मभूमि के नजदीक है और यह सीट बुंदेलखंड क्षेत्र का हिस्सा है, जिसे वह अपना ‘भावनात्मक घर’ मानती हैं। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र की जनता से उनका गहरा नाता है और वहाँ विकास के कई काम करना उनके लिए महत्वपूर्ण है।

गौरतलब है कि उमा भारती 2014 के लोकसभा चुनाव में झांसी संसदीय क्षेत्र से ही जीतकर संसद पहुँची थीं और केंद्रीय मंत्री के रूप में भी उन्होंने कार्य किया। हालांकि, 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने चुनावी राजनीति से ब्रेक लेने की घोषणा कर दी थी, लेकिन अब उन्होंने अपनी इच्छा पार्टी के सामने रख दी है। वर्तमान में झांसी से बीजेपी के अनुराग शर्मा सांसद हैं, जो लगातार दूसरी बार इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उमा भारती ने स्पष्ट किया कि वह तभी चुनाव लड़ेंगी जब पार्टी उन्हें टिकट देगी और वर्तमान सांसद अनुराग शर्मा को भी कोई आपत्ति नहीं होगी।

राजनीतिक हाशिए पर होने की बात खारिज

मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चल रही उन चर्चाओं पर, जिनमें उन्हें राजनीतिक हाशिए पर बताया जा रहा था, उमा भारती ने कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा, “मैं राजनीति में हाशिए पर रत्ती बराबर भी नहीं हूँ।” उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनावी राजनीति से दूर रहने के दौरान भी वह लगातार गौसेवा और गंगा संरक्षण जैसे राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर पूरी लगन से काम कर रही हैं।

उमा भारती ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लिए गाय और गंगा दोनों ज़रूरी हैं। उन्होंने गौ संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए किसानों को गौचर (चरागाह) उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही, उन्होंने ‘लाड़ली बहना’ योजना जैसी सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को गौशालाओं में गायों की देखभाल की जिम्मेदारी देने की अपील भी की, जिससे महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सके। आगामी कार्यक्रमों के बारे में बताते हुए उन्होंने 29 अक्टूबर को भोपाल में गोपाष्टमी कार्यक्रम और 4 नवंबर को प्रयागराज में गंगा निर्मल अभियान आयोजित करने की जानकारी दी।

‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ और अन्य मुद्दों पर राय

उमा भारती ने इस दौरान ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की परिकल्पना का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि इससे देश में विकास से जुड़ी कई अड़चनें दूर होंगी और यह उनकी इच्छा है कि लोकसभा, विधानसभा, नगर पालिका और पंचायत के चुनाव समेत सभी चुनाव 45 दिन के भीतर निपटा दिए जाएं।

उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव की भगवान कृष्ण को ‘गोपाल’ कहे जाने पर की गई टिप्पणी पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने नेताओं को धर्मशास्त्र के सवालों से बचने की सलाह दी और कहा कि यह संतों का काम है। उमा भारती का यह ऐलान उत्तर प्रदेश बीजेपी में भी एक चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि वह लोधी OBC समुदाय से आती हैं, जिसका बुंदेलखंड और पश्चिमी UP की कई सीटों पर महत्वपूर्ण प्रभाव है।

 

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