TMC प्रधान पर BJP का आरोप फर्जी दस्तावेज़ से चुनाव जीतने की शिकायत

कालना के हाटकालना पंचायत में SIR विवाद के बीच श्राबंती मंडल पर जन्म, जाति और वोटर दस्तावेज़ फर्जी होने का आरोप; TMC बोली—सब राजनीति, SDO करेगा जांच।

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  • BJP का दावा, श्राबंती मंडल 2020 में बांग्लादेश से अवैध रूप से भारत आईं।
  • आरोप: पड़ोसी को पिता दिखाकर वोटर सूची में नाम दर्ज कराया, सभी दस्तावेज़ नकली।
  • श्राबंती और TMC का जवाब, यह राजनीतिक साज़िश, सभी प्रमाण पत्र वैध और स्थानीय स्तर पर जारी।
  • SDO ने मामले की पूर्ण जांच और दस्तावेज़ सत्यापन का आश्वासन दिया।

समग्र समाचार सेवा
कालना (पश्चिम बर्धमान), 4 दिसंबर: पश्चिम बर्धमान जिले के कालना क्षेत्र में  विशेष गहन पुनरीक्षण  मसले के बीच राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। हाटकालना ग्राम पंचायत की तृणमूल कांग्रेस से चुनी गई प्रधान श्राबंती मंडल पर बीजेपी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी नेताओं ने उप-मंडल शासक (SDO) को लिखित शिकायत देकर दावा किया कि श्राबंती अवैध बांग्लादेशी हैं और फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर चुनाव जीतकर प्रधान बनी हैं।

बीजेपी का कहना है कि श्राबंती मंडल मूल रूप से बांग्लादेश की निवासी हैं और वर्ष 2020 में अवैध रूप से भारत में प्रवेश किया। आरोप है कि कालना के मुक्तारपुर गांव में पति बनमाली मंडल के साथ रहने लगीं और इसके बाद पड़ोसी सचिन ब्यापारी को पिता दिखाकर भारतीय मतदाता सूची में नाम दर्ज कराया गया। पार्टी ने यह भी दावा किया कि उनका जन्म प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र (SC) और अन्य दस्तावेज़ फर्जी हैं। बीजेपी का कहना है कि उनके पास इसके पर्याप्त सबूत हैं और जांच के बाद सच सामने आ जाएगा।

इन आरोपों को श्राबंती मंडल ने पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक बदनामी का प्रयास है और जो आरोप लगा रहे हैं, वे साबित करें। श्राबंती का कहना है कि वे बचपन में ही अपने माता-पिता के साथ इस इलाके में आईं और उनके सभी दस्तावेज़ पूरी तरह वैध हैं।

तृणमूल कांग्रेस ने भी श्राबंती का बचाव किया है। कालना के विधायक देवप्रसाद बाग ने कहा कि श्राबंती इसी क्षेत्र की लड़की हैं, यहीं स्कूल में पढ़ाई की है और उनके सभी प्रमाण पत्र स्थानीय स्तर पर जारी हुए हैं। उन्होंने कहा कि इन्हीं दस्तावेज़ों के आधार पर वे पंचायत चुनाव में विजयी हुईं और प्रधान बनीं।

इधर विवाद बढ़ने पर SDO ने आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की गहन जांच की जाएगी। सभी दस्तावेज़ों का सत्यापन किया जाएगा और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

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