जम्मू-कश्मीर में मेडिकल कॉलेज की एमबीबीएस मान्यता रद्द, 50 सीटों पर रोक

रीआसी के श्राइन बोर्ड मेडिकल कॉलेज पर गिरी गाज, 50 एमबीबीएस सीटों पर रोक

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  • शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए एमबीबीएस मान्यता रद्द
  • 50 एमबीबीएस सीटों की अनुमति तत्काल प्रभाव से वापस
  • औचक निरीक्षण में गंभीर कमियां उजागर
  • मौजूदा छात्रों के भविष्य पर नहीं पड़ेगा असर

समग्र समाचार सेवा
रीआसी (जम्मू-कश्मीर), 07 जनवरी: राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने जम्मू-कश्मीर के रीआसी जिले में स्थित श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस (श्राइन बोर्ड मेडिकल कॉलेज) के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। आयोग ने कॉलेज की एमबीबीएस की मान्यता रद्द करते हुए शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए दी गई 50 सीटों की अनुमति वापस ले ली है।

औचक निरीक्षण में उजागर हुई गंभीर कमियां

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के चिकित्सा मूल्यांकन एवं रेटिंग बोर्ड द्वारा 6 जनवरी को कॉलेज का औचक निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान संस्थान में न्यूनतम शैक्षणिक, शैक्षिक संसाधनों और बुनियादी ढांचे से जुड़े मानकों के गंभीर उल्लंघन सामने आए। आयोग ने इसे नियम-2023 का सीधा उल्लंघन मानते हुए कॉलेज को जारी अनुमति पत्र रद्द कर दिया। साथ ही कॉलेज की बैंक गारंटी जब्त करने का भी फैसला लिया गया है।

छात्रों के भविष्य को लेकर राहत

आयोग ने स्पष्ट किया है कि पहले से दाखिला ले चुके छात्रों के भविष्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि वर्तमान एमबीबीएस छात्रों को प्रदेश के अन्य मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों में अधिसंख्य (सुपरन्यूमेरी) सीटों पर समायोजित किया जाए। यह पूरी प्रक्रिया आयोग के नियमानुसार पूरी की जाएगी।

एमबीबीएस में नए दाखिले पूरी तरह बंद

इस निर्णय के बाद शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए श्राइन बोर्ड मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सभी 50 सीटों पर दाखिले पूरी तरह बंद रहेंगे। आयोग ने दो टूक कहा है कि मेडिकल शिक्षा में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और छात्रों का हित सर्वोपरि है।

निष्पक्ष जाँच की मांग

इधर, बजरंग दल जम्मू-कश्मीर के अध्यक्ष राकेश बजरंगी ने भी कॉलेज की मान्यता रद्द होने पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

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