17 फरवरी दैनिक राशिफल एवं आज का पंचांग

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🐏मेष
व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। किसी प्रभावशाली वरिष्ठ व्यक्ति का सहयोग व मार्गदर्शन प्राप्त होगा। शारीरिक कष्ट संभव है। विरोधी सक्रिय रहेंगे। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। प्रसन्नता रहेगी। वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है।

🐂वृष
पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बन सकता है। यात्रा मनोरंजक रहेगी। बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। कारोबार में वृद्धि होगी। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। मनपसंद भोजन का आनंद प्राप्त होगा। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड मनोनुकूल लाभ देंगे। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। ईर्ष्यालु व्यक्तियों से सावधानी आवश्यक है।

👫मिथुन
कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। बेवजह चिड़चिड़ापन रह सकता है। धनागम होगा। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा मनोरंजक रहेगी। मित्रों का सहयोग समय पर प्राप्त होगा। प्रसन्नता रहेगी। अज्ञात भय सताएगा। व्यापार ठीक चलेगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। प्रमाद न करें।

🦀कर्क
कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। वाणी पर नियंत्रण रखें। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। जल्दबाजी में कोई महत्वपूर्ण निर्णय न लें। व्यापार ठीक चलेगा। मित्रों के साथ समय अच्‍छा व्यतीत होगा। कुसंगति से बचें। धनहानि हो सकती है।

🐅सिंह
प्रतिद्वंद्विता में वृद्धि होगी। भूमि व भवन संबंधी योजना बनेगी। स्थायी संपत्ति में वृद्धि के योग हैं। आय में वृद्धि होगी। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। भाग्य का साथ मिलेगा। निवेशादि लाभदायक रहेंगे। दुष्टजनों से सावधान रहें। हानि पहुंचा सकते हैं। प्रमाद न करें।

🙎‍♀️कन्या
रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा लंबी हो सकती है। अप्रत्याशित लाभ के योग हैं। जुए, सट्टे व लॉटरी से दूर रहें। किसी बड़ी समस्या से छुटकारा मिल सकता है। किसी प्रभावशाली व्यक्ति का मार्गदर्शन मिल सकता है। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

⚖️तुला
प्रयास सफल रहेंगे। सामाजिक कार्य करने में रुचि रहेगी। पराक्रम व प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। किसी प्रभावशाली व्यक्ति से परिचय हो सकता है। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा।। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी।

🦂वृश्चिक
दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। पारिवारिक मित्र व संबंधी अतिथियों के रूप में घर आ सकते हैं। वाणी पर नियंत्रण रखें। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। कारोबार ठीक चलेगा। प्रमाद न करें। बुरे लोगों की पहचान जरूरी है। उनसे दूर रहें।

🏹धनु
घर-परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्‍य की चिंता रहेगी। दौड़धूप होगी। विवाद से क्लेश होगा। किसी व्यक्ति के व्यवहार से मन को ठेस पहुंच सकती है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। आय बनी रहेगी। धनहानि की आशंका बनती है। दूर से दु:खद समाचार प्राप्त होगा, धैर्य रखें।

🐊मकर
किसी व्यक्ति के व्यवहार से लगेगा कि अपमान हुआ है। नई योजना बनेगी। कार्यस्‍थल पर परिवर्तन पर विचार हो सकता है। व्यापार ठीक चलेगा। घर-परिवार में सुख-शांति रहेगी। आंखों को चोट व रोग से बचाएं। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। स्वास्थ्‍य कमजोर रह सकता है।

🍯कुम्भ
ऐश्वर्य के साधनों पर व्यय होगा। धन प्राप्ति सुगम तरीके से होगी। यात्रा मनोरंजक रहेगी। व्यापार लाभदायक रहेगा। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। भाइयों से मतभेद दूर होकर स्थिति अनुकूल रहेगी। तीर्थयात्रा की योजना बनेगी। सत्संग का लाभ मिलेगा। चिंता तथा तनाव रहेंगे।

🐟मीन
वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। पुराना रोग उभर सकता है। विवाद को बढ़ावा न दें। नकारात्मकता रहेगी। व्यापार ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। दूसरों पर भरोसा न करें। आशंका-कुशंका के चलते कोई बड़ी गलती हो सकती है।

*|| जय श्री राम सनातन धर्म कि जय ||*

        🌹🙏 *पंचांग* 🙏🌹

🌳🐟🌻🌺🌸🙏🦚💮🌞🪷

*दिनाँक:-17/02/2026,मंगलवार* 

अमावस्या, कृष्ण पक्ष,

फाल्गुन

“”””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि——- अमावस्या 17:30:08.      तक 

पक्ष————————– कृष्ण

नक्षत्र———– धनिष्ठा 21:15:11

योग————- परिघ 24:27:44

करण————- नाग 17:30:08

करण——- किन्स्तुघ्न 29:17:05

वार———————- मंगलवार

माह———————- फाल्गुन

चन्द्र राशि—-   मकर 09:04:46

चन्द्र राशि—————–   कुम्भ

सूर्य राशि——————   कुम्भ

रितु———————— शिशिर

आयन——————- उत्तरायण

संवत्सर—————— विश्वावसु

संवत्सर (उत्तर) ————-सिद्धार्थी

विक्रम संवत—————- 2082 

गुजराती संवत————– 2082 

शक संवत—————— 1947 

कलि संवत—————– 5126

वृन्दावन 

सूर्योदय————— 06:56:09

सूर्यास्त—————- 18:10:35

दिन काल————- 11:14:26

रात्री काल————- 12:44:43

चंद्रास्त—————- 18:08:53

चंद्रोदय————— 31:15:22

लग्न —–  कुम्भ 4°10′ , 304°10′

सूर्य नक्षत्र—————— धनिष्ठा

चन्द्र नक्षत्र ———————-धनिष्ठा

नक्षत्र पाया——————– ताम्र

*🚩💮🚩  पद, चरण  🚩💮🚩*

गी—- धनिष्ठा 09:04:46

 गु—- धनिष्ठा 15:10:53

गे—- धनिष्ठा 21:15:11

गो—- शतभिष 27:17:43

*💮🚩💮    ग्रह गोचर    💮🚩💮*

        ग्रह =राशी   , अंश  ,नक्षत्र,  पद

============================

सूर्य=  कुम्भ 04°12 ,   धनिष्ठा      4       गे

चन्द्र= मकर 28°30 ,        धनिष्ठा 2     गी

बुध = कुम्भ 21°52 ‘     पूo भाo  1     से 

शु क्र= कुम्भ 14°05,      शतभिषा  3      सी 

मंगल= मकर 25°03 ‘      धनिष्ठा   1     गा

गुरु= मिथुन  21°33    पुनर्वसु,     1      के 

शनि=मीन 06°13 ‘     उoभा o  , 1       दू

राहू=(व) कुम्भ 15°30  शतभिषा,      3  सी 

केतु= (व) सिंह 15°30   पूoफाo   1      मो

 शुभा$शुभ मुहूर्त 

राहू काल 15:22 – 16:46 अशुभ

यम घंटा 09:45 – 11:09 अशुभ

गुली काल 12:33 – 13:58 अशुभ 

अभिजित 12:11 – 12:56 शुभ

दूर मुहूर्त 09:11 – 09:56 अशुभ

दूर मुहूर्त 23:17 – 24:02* अशुभ

वर्ज्यम 28:30* – 30:06* अशुभ

प्रदोष 18:11 – 20:46.      शुभ

🚩पंचक 09:05 – अहोरात्र अशुभ

 💮चोघडिया, दिन

रोग 06:56 – 08:20 अशुभ

उद्वेग 08:20 – 09:45 अशुभ

चर 09:45-11:09 शुभ

लाभ 11:09 12:33 शुभ

अमृत 12:33 13:58 शुभ

काल 13:58 15:22 अशुभ

शुभ 15:22 16:46 शुभ

रोग 16:46 – 18:11 अशुभ

🚩चोघडिया, रात

काल 18:11 19:46 अशुभ

लाभ 19:46 – 21:22 शुभ

उद्वेग 21:22 – 22:57 अशुभ

शुभ 22:57 – 24:33* शुभ

अमृत 24:33* – 26:09* शुभ

चर 26:09*- 27:44* शुभ

रोग 27:44* – 29:20* अशुभ

काल 29:20*30:55* अशुभ

💮होरा, दिन

मंगल 06:56- 07:52

सूर्य 07:52 -08:49

शुक्र 08:49 -09:45

बुध 09:45 -10:41

चन्द्र 10:41- 11:37

शनि 11:37 -12:33

बृहस्पति 12:33 -13:30

 मंगल 13:30 -14:26

सूर्य 14:26 -15:22

शुक्र 15:22- 16:18

बुध 16:18 -17:14

चन्द्र 17:14-18:11

🚩होरा, रात

शनि 18:11- 19:14

बृहस्पति 19:14- 20:18

मंगल 20:18 -21:22

सूर्य 21:22 -22:26

शुक्र 22:26- 23:29

बुध 23:29 -24:33

चन्द्र 24:33-25:37

शनि 25:37-26:40

बृहस्पति 26:40-27:44

मंगल 27:44-28:48

सूर्य 28:48-29:52

शुक्र 29:52-30:55

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल  🚩* 

मकर   > 04:42 से  06:38     तक

कुम्भ   > 06:38  से  08:18     तक

मीन    > 08:18  से  09:42     तक

मेष     > 09:42  से  11:18     तक     

वृषभ   > 11:18 से  13:16     तक

मिथुन  > 13:16 से 16:42     तक

कर्क    > 16:42  से 17:52     तक

सिंह    > 17:52 से  19:58    तक

कन्या  > 19:58  से   22:18    तक

तुला   >  22:18 से  00:40    तक

वृश्चिक > 00:40 से  02:44     तक

धनु     > 02:44  से  04:40     तक

=======================

*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

       (लगभग-वास्तविक समय के समीप) 

दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट

जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट

कोटा   +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट

लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट

कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। 

प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। 

चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।

शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥

रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।

अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥

अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।

उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।

शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।

लाभ में व्यापार करें ।

रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।

काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।

अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान————- उत्तर*

परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा gud खाके यात्रा कर सकते है l

इस मंत्र का उच्चारण करें-:

*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*

*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩  अग्नि वास ज्ञान  -:*

*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*

*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*

*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*

*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*

*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

 15 + 15 + 5 +  1 = 36  ÷ 4 = 0 शेष

 पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु  आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

सूर्य ग्रह मुखहुति

*💮    शिव वास एवं फल -:*

   30 + 30 + 5 = 65 ÷ 7 =  2 शेष

गौरी सन्निधौ = शुभ कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*

*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

*💮🚩    विशेष जानकारी   🚩💮*

  * देवपितृकार्य अमावस्या 

*💮🚩💮   शुभ विचार   💮🚩💮*

यस्य चितं द्रवीभूतं कृपया सर्वजन्तुषु ।

तस्य ज्ञानेन मोक्षेण किं जटाभस्मलेपनैः ।।

।।चाoनीo।।

  वह व्यक्ति जिसका ह्रदय हर प्राणी मात्र के प्रति करुणा से पिघलता है. उसे जरुरत क्या है किसी ज्ञान की, मुक्ति की, सर के ऊपर जटाजूट रखने की और अपने शारीर पर राख मलने की l

*🚩💮🚩  सुभाषितानि  🚩💮🚩*

गीता -:  ज्ञानकर्मसन्यासयोग अo-4

योगसन्नयस्तकर्माणं ज्ञानसञ्न्निसंशयम्‌।

 आत्मवन्तं न कर्माणि निबध्नन्ति धनञ्जय॥

हे धनंजय! जिसने कर्मयोग की विधि से समस्त कर्मों का परमात्मा में अर्पण कर दिया है और जिसने विवेक द्वारा समस्त संशयों का नाश कर दिया है, ऐसे वश में किए हुए अन्तःकरण वाले पुरुष को कर्म नहीं बाँधते

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