समग्र समाचार सेवा
गुवाहाटी,असम 5 मार्च : असम की राजनीति में विधानसभा चुनाव से पहले एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। कांग्रेस के तीन निलंबित विधायक—कमलाख्या डे पुरकायस्थ, बसंत दास और शशि कांत दास—शनिवार को औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हो गए।
इन नेताओं ने गुवाहाटी स्थित बीजेपी के राज्य मुख्यालय में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर असम बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया भी मौजूद रहे। चुनाव से पहले कांग्रेस के नेताओं का बीजेपी में शामिल होना राज्य की राजनीति में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले इस तरह की राजनीतिक हलचल कांग्रेस के लिए चुनौती पैदा कर सकती है। हाल ही में कई कांग्रेस नेताओं के बीजेपी में शामिल होने से पार्टी की संगठनात्मक स्थिति पर भी सवाल उठ रहे हैं।
केंद्रीय राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विभिन्न दलों के नेता बीजेपी की विचारधारा और नेतृत्व से प्रभावित होकर पार्टी में शामिल हो रहे हैं।
उन्होंने कहा, “आज कई दलों के नेता और कार्यकर्ता बीजेपी में शामिल हो रहे हैं, खासकर कांग्रेस से। वे हमारी विचारधारा और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए जा रहे कामों पर भरोसा जता रहे हैं।”
मार्गेरिटा ने कांग्रेस द्वारा जारी उम्मीदवारों की सूची पर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक कांग्रेस की सूची में नए चेहरों की कमी है और कई उम्मीदवार पहले भी चुनाव हार चुके हैं।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस की 42 उम्मीदवारों की सूची में कोई नई ऊर्जा या ताजगी नहीं दिखती। इनमें से करीब 20 उम्मीदवार ऐसे हैं जिन्हें जनता पहले कई बार चुनाव में नकार चुकी है। हमें इससे कोई चिंता नहीं है।”
इससे पहले अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने असम विधानसभा चुनाव के लिए 42 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी। इस सूची में कई प्रमुख नेताओं को टिकट दिया गया है, जिनमें गौरव गोगोई (जोरहाट), बिटुपन सैकिया (गोलाघाट), अब्दुस सोबहान अली सरकार (गौरिपुर), मार्कलाइन मराक (गोआलपारा वेस्ट–एसटी) और गिरीश बरुआ (बोंगाईगांव) शामिल हैं।
इसके अलावा सत्यब्रत कलिता (कमलपुर), रिपुन बोरा (बरछल्ला), मीरा बोरठाकुर गोस्वामी (दिसपुर), दिगंता बर्मन (बरखेती), उप्तल गोगोई (सोनारी) और देवब्रत सैकिया (नाजिरा) जैसे नाम भी सूची में शामिल हैं।
कांग्रेस ने कुछ महिला नेताओं को भी टिकट दिया है, जिनमें नंदिता दास (हाजो–सुअलकुची एससी), पल्लबी सैकिया गोगोई (टियोक) और सुरुचि रॉय (राम कृष्ण नगर एससी) शामिल हैं।
इस बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस की उम्मीदवार सूची पर निशाना साधते हुए इसे “वंशवाद की सूची” करार दिया। उन्होंने कहा कि बीजेपी अपने उम्मीदवारों में जमीनी कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देगी।
उन्होंने कहा, “इसे उम्मीदवारों की सूची कहा जा सकता है, लेकिन मैं इसे वंशवाद की सूची कहूंगा। इसके विपरीत बीजेपी की सूची में जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को जगह मिलेगी।”
बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए असम में लगातार दो चुनाव जीतने के बाद तीसरी बार सत्ता बरकरार रखने की तैयारी में है। ऐसे में चुनाव से पहले हो रहे राजनीतिक बदलाव आने वाले चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना सकते हैं।
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