12 अप्रैल दैनिक राशिफल एवं आज का पंचांग

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🐏मेष
किसी प्रभावशाली व्यक्ति से सहयोग प्राप्त होगा। पूजा-पाठ में मन लगेगा। तीर्थदर्शन हो सकते हैं। विवेक का प्रयोग करें, लाभ होगा। मित्रों के साथ अच्‍छा समय बीतेगा। विरोध होगा। पारिवारिक सुख-शांति बनी रहेगी। चिंता तथा तनाव रहेंगे। झंझटों में न पड़ें। जल्दबाजी से हानि होगी। आलस्य हावी रहेगा।

🐂वृष
स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। चोट व दुर्घटना से हानि संभव है। कार्य करते समय लापरवाही न करें। बनते कामों में बाधा हो सकती है। विवाद से बचें। काम में मन नहीं लगेगा। किसी व्यक्ति के उकसाने में न आएं। विवेक का प्रयोग करें। आय बनी रहेगी। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। व्यापार ठीक चलेगा।

👫मिथुन
घर-परिवार की चिंता रहेगी। किसी वरिष्ठ व्यक्ति का मार्गदर्शन व सहयोग प्राप्त होगा। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। घर-परिवार में प्रसन्नता रहेगी। बाहर जाने का मन बनेगा। भाइयों से मतभेद दूर होंगे। व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। संतान पक्ष से खुशियां प्राप्त होंगी।

🦀कर्क
लेन-देन में जल्दबाजी न करें। आवश्यक वस्तु समय पर नहीं मिलने से क्रोध रहेगा। भूमि व भवन संबंधी बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल रहेगा। बड़ा काम करने का मन बनेगा। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। आय में वृद्धि होगी।

🐅सिंह
रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। किसी प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। मनपसंद भोजन की प्राप्ति संभव है। पारिवारिक सदस्यों तथा मित्रों के साथ आनंदायक समय व्यतीत होगा। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

🙍‍♀️कन्या
बुरी सूचना मिल सकती है। मेहनत अधिक होगी। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। आय में कमी रहेगी। नकारात्मकता बढ़ेगी। विवाद से क्लेश होगा। जल्दबाजी में कोई महत्वपूर्ण निर्णय न लें। अनावश्यक परेशानी खड़ी हो सकती है। दूसरों की बातों में न आएं। धैर्य रखें, समय सुधरेगा।

⚖️तुला
सामाजिक कार्यों में मन लगेगा। दूसरों की सहायता कर पाएंगे। मान-सम्मान मिलेगा। रुके कार्यों में गति आएगी। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। व्यापार ठीक चलेगा। मनोरंजक यात्रा हो सकती है। मित्रों के साथ अच्‍छा समय व्यतीत होगा। घर-बाहर सुख-शांति रहेगी। झंझटों में न पड़ें। ईर्ष्यालु सक्रिय रहेंगे।

🦂वृश्चिक
उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। कोई नया बड़ा काम करने की योजना बनेगी। भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल चलेगा। भ्रम की स्थिति बन सकती है। बुद्धि का प्रयोग करें। लाभ में वृद्धि होगी। समय प्रसन्नतापूर्वक व्यतीत होगा।

🏹धनु
यात्रा मनोरंजक रहेगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति संभव है। किसी बड़ी समस्या का हल मिलेगा। व्यावसायिक साझेदार पूर्ण सहयोग करेंगे। कोई नया उपक्रम प्रारंभ करने का मन बनेगा। सेहत का ध्यान रखें। वरिष्ठजनों की सलाह काम आएगी। नए मित्र बनेंगे। आय बनी रहेगी। हर कार्य बेहतर होगा।

🐊मकर
अनावश्यक जोखिम न लें। किसी भी व्यक्ति के उकसावे में न आएं। फालतू खर्च होगा। पुराना रोग उभर सकता है। सेहत को प्रा‍थमिकता दें। लेन-देन में जल्दबाजी से हानि होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। महत्वपूर्ण निर्णय लेने का समय नहीं है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। व्यापार मनोनुकूल चलेगा।

🍯कुंभ
मनोरंजक यात्रा की योजना बनेगी। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है। आय में वृद्धि होगी। बिगड़े काम बनेंगे। प्रसन्नता रहेगी। मित्रों के साथ अच्‍छा समय व्यतीत होगा। व्यस्तता के चलते स्वास्‍थ्य बिगड़ सकता है, ध्यान रखें। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। भाग्य का साथ मिलेगा। प्रमाद न करें।

🐟मीन
घर-परिवार के साथ आराम तथा मनोरंजन के साथ समय व्यतीत होगा। मान-सम्मान मिलेगा। व्यापार मनोनुकूल चलेगा। योजना फलीभूत होगी। कार्यस्थल पर परिवर्तन संभव है। विरोध होगा। काम करते समय लापरवाही न करें। चोट लग सकती है। थकान तथा कमजोरी महसूस होगी। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

 

| जय श्री राम सनातन धर्म कि जय ||
🌞🙏 पंचांग 🙏🌞
🌼🌻🦜🍂🏵️🪻🙏🌺🌸🥀
दिनाँक:-12/04/2026,रविवार
दशमी, कृष्ण पक्ष,
वैशाख
“””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि———- दशमी 25:16:13 तक
पक्ष————————- कृष्ण
नक्षत्र———– श्रवण 15:12:59
योग————- साध्य 18:14:42
करण———- वणिज 13:02:16
करण——- विष्टि भद्र 25:16:13
वार———————— रविवार
माह———————– वैशाख
चन्द्र राशि— मकर 27:43:38
चन्द्र राशि—————– कुम्भ
सूर्य राशि—————— मीन
रितु————————- वसंत
आयन——————- उत्तरायण
संवत्सर——————– पराभव
संवत्सर (उत्तर) ——————-रौद्र
विक्रम संवत—————- 2083
गुजराती संवत————– 2082
शक संवत ———————-1948
कलि संवत—————– 5127

वृन्दावन
सूर्योदय————— 05:59:17
सूर्यास्त—————- 18:41:04
दिन काल————- 12:41:46
रात्री काल————- 11:17:10
चंद्रास्त—————- 13:37:54
चंद्रोदय————— 27:13:10

लग्न—-मीन 27°54′ , 357°54′

सूर्य नक्षत्र——————- रेवती
चन्द्र नक्षत्र—————— श्रवण
नक्षत्र पाया——————– ताम्र

🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩

खे—- श्रवण 08:53:26

खो—-श्रवण 15:12:59

गा—- धनिष्ठा 21:29:45

गी—- धनिष्ठा 27:43:38

🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩

मीन > 04:48 से 06:14 तक
मेष > 06:14 से 07:50 तक
वृषभ > 07:50 से 09:50 तक
मिथुन > 09:50 से 13:14 तक
कर्क > 13:14 से 14:24 तक
सिंह > 14:24 से 17:30 तक
कन्या > 17:30 से 18:50 तक
तुला > 18:50 से 21:12 तक
वृश्चिक > 21:12 से 23:18 तक
धनु > 23:18 से 01:08 तक
मकर > 01:08 से 03:08 तक
कुम्भ > 03:08 से 04:42 तक
=======================

राहू काल 17:06 – 18:41 अशुभ
यम घंटा 12:20 – 13:55 अशुभ
गुली काल 15:31 – 17:06 अशुभ
अभिजित 11:55 – 12:46 शुभ
दूर मुहूर्त 16:59 – 17:50 अशुभ
वर्ज्यम 19:24 – 21:05 अशुभ
प्रदोष 18:41 – 20:58 शुभ

🚩पंचक 27:44 – अहोरात्र अशुभ

💮चोघडिया, दिन

उद्वेग 05:59 – 07:35 अशुभ
चर 07:35 09:10 शुभ
लाभ 09:10-10:45 शुभ
अमृत 10:45 – 12:20 शुभ
काल 12:20 13:55 अशुभ
शुभ 13:55-15:31 शुभ
रोग 15:31 – 17:06 अशुभ
उद्वेग 17:06 – 18:41 अशुभ

🚩चोघडिया, रात

शुभ 18:41 – 20:06 शुभ
अमृत 20:06 – 21:30 शुभ
चर 21:30 – 22:55 शुभ
रोग 22:55 – 24:20* अशुभ
काल 24:20*25:44* अशुभ
लाभ 25:44* – 27:09* शुभ
उद्वेग 27:09* – 28:34* अशुभ
शुभ 28:34* – 29:58* शुभ

💮होरा, दिन

सूर्य 05:59 -07:03
शुक्र 07:03 -08:06
बुध 08:06 -09:10
चन्द्र 09:10 -10:13
शनि 10:13 -11:17
बृहस्पति 11:17 -12:20
मंगल 12:20- 13:24
सूर्य 13:24 -14:27
शुक्र 14:27 -15:31
बुध 15:31- 16:34
चन्द्र 16:34 -17:38
शनि 17:38 -18:41

🚩होरा, रात

बृहस्पति 18:41- 19:38
मंगल 19:38- 20:34
सूर्य 20:34 -21:30
शुक्र 21:30- 22:27
बुध 22:27- 23:23
चन्द्र 23:23- 24:20
शनि 24:20-25:16
बृहस्पति 25:16-26:13
मंगल 26:13-27:09
सूर्य 27:09-28:05
शुक्र 28:05-29:02
बुध 29:02 -29:58

🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩

मीन > 04:48 से 06:14 तक
मेष > 06:14 से 07:50 तक
वृषभ > 07:50 से 09:50 तक
मिथुन > 09:50 से 13:14 तक
कर्क > 13:14 से 14:24 तक
सिंह > 14:24 से 17:30 तक
कन्या > 17:30 से 18:50 तक
तुला > 18:50 से 21:12 तक
वृश्चिक > 21:12 से 23:18 तक
धनु > 23:18 से 01:08 तक
मकर > 01:08 से 03:08 तक
कुम्भ > 03:08 से 04:42 तक
=======================

🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

नोट– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

💮दिशा शूल ज्ञान————- पश्चिम
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा चिरौंजी खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🚩 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

15 + 10 + 1 + 1 = 27 ÷ 4 = 3 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

राहु ग्रह मुखहुति

💮 शिव वास एवं फल -:

25 + 25 + 5 = 55 ÷ 7 = 6 शेष

क्रीड़ायां = शोक, दुःख कारक

🚩भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

दोपहर 12:56 से 25:16 समाप्त

पाताल लोक = धनलाभ कारक

💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮

* पंचक प्रारंभ 27:38

💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮

सकृज्जल्पन्ति राजानः सकृज्जल्पन्ति पण्डिताः ।
सकृत्कन्याः प्रदीयन्ते त्रीण्येतानि सकृत्सकृत् ।।
।।चाoनीo।।

यह बाते एक बार ही होनी चाहिए..
१. राजा का बोलना.
२. बिद्वान व्यक्ति का बोलना.
३. लड़की का ब्याहना.

🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩

गीता -: आत्मसंयमयोग अo-6

तं विद्याद् दुःखसंयोगवियोगं योगसञ्ज्ञितम्।
स निश्चयेन योक्तव्यो योगोऽनिर्विण्णचेतसा॥

जो दुःखरूप संसार के संयोग से रहित है तथा जिसका नाम योग है, उसको जानना चाहिए। वह योग न उकताए हुए अर्थात धैर्य और उत्साहयुक्त चित्त से निश्चयपूर्वक करना कर्तव्य है
॥23॥

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