🐏मेष
कार्यक्षेत्र में दोपहर बाद नए अवसर और लाभ मिलने के योग बनेंगे। व्यापारिक योजनाओं में दोपहर के बाद तेजी आएगी, बड़ा लाभ संभव है। लव पार्टनर के साथ संवाद बेहतर रहेगा, शाम का समय रोमांटिक रहेगा। आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी, रुका धन वापस आएगा। सेहत अच्छी रहेगी, ऊर्जा बनी रहेगी।
🐂वृषभ
करियर और दफ्तर के काम में दोपहर बाद तेजी देखने को मिलेगी। कारोबारियों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, नए सौदों में लाभ होगा। परिवार का सहयोग मिलेगा, जीवनसाथी के साथ तालमेल रहेगा। आय के नए स्रोत बनेंगे, बचत बढ़ेगी। गले या गर्दन में हल्की थकान हो सकती है।
👫मिथुन
नौकरी में हैं तो इस दिन स्थितियां आपके पक्ष में आने लगेंगी, राहत महसूस होगी। कारोबारी हैं तो भाग्य का साथ मिलने से रुके हुए काम धीरे-धीरे पूरे होंगे। लव लाइफ में सुधार होगा, पार्टनर के साथ दूरी कम होगी। आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार आएगा। मानसिक तनाव कम होगा, हल्का महसूस करेंगे।
🦀कर्क
दोपहर के बाद अष्टम चंद्र का प्रभाव शुरू होने से सतर्क रहने की जरूरत है। दफ्तर की गॉसिप से दूर रहें, विरोधी हावी हो सकते हैं। अचानक कोई बड़ा खर्च आ सकता है, उधारी से बचें। वैवाहिक जीवन में संयम रखें, बहस से बचें। पेट दर्द या मौसमी बीमारियों से सावधान रहें।
🐅सिंह
व्यापारिक मामलों में साझेदारी से अच्छा लाभ मिलने के योग हैं। नौकरी-पेशा जातकों को टीम वर्क से बड़ी सफलता मिलेगी। जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर रहेंगे, कोई शुभ समाचार मिल सकता है। आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा, निवेश से रिटर्न मिल सकता है। सेहत अच्छी रहेगी, मानसिक ताजगी बनी रहेगी।
🙎♀️कन्या
दोपहर बाद कार्यस्थल पर आपके काम की सराहना होगी, विरोधी परास्त होंगे। कारोबारी हैं तो पुराने रुके हुए काम निपटाने में सफलता मिलेगी। लव पार्टनर के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। कर्ज या उधारी चुकाने में आसानी होगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन आंखों की थकान से बचें।
⚖️तुला
नौकरी-पेशा हैं तो इस दिन मन थोड़ा चंचल या दुविधा में रह सकता है। व्यापारिक फैसलों में जल्दबाजी न करें, अनुभवी लोगों की सलाह लें। प्रेम संबंधों में एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करें। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। सिरदर्द या थकान महसूस हो सकती है, विश्राम करें।
🦂वृश्चिक
नौकरी-पेशा हैं तो थोड़ा धैर्य बनाकर रखें। कारोबारी हैं तो बहस से बचें, शांति से काम निपटाएं। घरेलू मामलों में जीवनसाथी की राय जरूर लें। वाहन या घर की मरम्मत में अचानक खर्च हो सकता है। जोड़ों का दर्द या सुस्ती परेशान कर सकती है।
🏹धनु
नौकरी-पेशा के पराक्रम और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। व्यापार में नए अवसर मिलेंगे, छोटी यात्राएं फलदायी रहेंगी। भाई-बहनों और दोस्तों का सहयोग मिलेगा। धन लाभ के अच्छे अवसर मिलेंगे। सेहत में सुधार होगा, स्फूर्ति बनी रहेगी।
🐊मकर
नौकरी-पेशा हैं तो वित्तीय मामलों में सोच-समझकर कदम बढ़ाएं। व्यापारिक लेनदेन में पारदर्शिता रखें। पारिवारिक माहौल खुशनुमा रहेगा, अपनों का साथ मिलेगा। रुका हुआ पैसा मिलने से राहत मिलेगी। खानपान पर ध्यान दें, पेट का ध्यान रखें।
🍯कुंभ
नौकरी-पेशा हैं तो उत्साह और ऊर्जा बढ़ेगी। कारोबारी हैं तो आपके सोचे हुए कार्य पूरे होने लगेंगे, नए विचार आएंगे। लव लाइफ में मिठास बढ़ेगी, आकर्षण बना रहेगा। आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा। सेहत बहुत अच्छी रहेगी, ताजगी महसूस होगी।
🐟मीन
दफ्तर में अपने काम पर ध्यान दें, दूसरों के विवाद में न पड़ें। कारोबारी हैं तो फिजूलखर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है, बजट संभालें। पार्टनर की सेहत को लेकर चिंता रह सकती है। धन के मामले में जल्दबाजी में निर्णय न लें। नींद पूरी लें और ध्यान करें।
दिनाँक:-23/09/2026,बुधवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष,
भाद्रपद
“”””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल )
तिथि——- द्वादशी 22:49:57. तक
पक्ष———————– शुक्ल
नक्षत्र——— श्रवण 09:08:16
योग——— सुकर्मा 16:25:56
करण———– बव 10:21:05
करण बालव——— 22:49:57
वार———————- बुधवार
माह——————— भाद्रपद
चन्द्र राशि‐—- मकर 21:56:05
चन्द्र राशि—– कुम्भ 21:56:05
सूर्य राशि—————— कन्या
रितु———————— शरद
आयन—————- दक्षिणायन
संवत्सर—————– पराभव
संवत्सर (उत्तर)—————- रौद्र
विक्रम संवत————- 2083
गुजराती संवत———– 2082
शक संवत————— 1948
कलि संवत————– 5127
वृन्दावन
सूर्योदय————- 06:09:08
दिन काल———– 12:04:29
चंद्रोदय————– 16:18:08
सूर्यास्त————– 18:13:38
रात्री काल———– 11:55:58
चंद्रास्त————– 27:39:19
लग्न—-कन्या 5°47′, 155°47′
सूर्य नक्षत्र——– उत्तरा फाल्गनी
चन्द्र नक्षत्र—————- श्रवण
नक्षत्र पाया—————– ताम्र
💮🚩💮 पद, चरण 💮🚩💮
खो—- श्रवण 09:08:16
गा—- धनिष्ठा 15:33:21
गी—- धनिष्ठा 21:56:05
गु—- धनिष्ठा 28:16:24
💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= कन्या 05°30 , उoफाo 3 पा
चन्द्र= मकर 21°30 , उoषाo 4 खो
बुध = कन्या 25°52 ‘ चित्रा 1 पे
शु क्र= तुला 12°05, स्वाति 2 रे
मंगल= कर्क 02°17 पुनर्वसु 4 ही
गुरु= कर्क 23°33 आश्लेषा , 3 डे
शनि=मीन 18°10 ‘ रेवती , 1 दे
राहू=(व) कुम्भ 03°59 धनिष्ठा , 4 गे
केतु= (व) सिंह 03°59 मघा 2 मी
============================
🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩
राहू काल 12:11 – 13:42 अशुभ
यम घंटा 07:40 – 09:10 अशुभ
गुली काल 10:41 – 12:11 अशुभ
अभिजित 11:47 – 12:36 अशुभ
दूर मुहूर्त 11:47 – 12:36 अशुभ
वर्ज्यम 13:23 – 15:04 अशुभ
प्रदोष 18:14 – 20:39. शुभ
🚩पंचक 21:56 – अहोरात्र अशुभ
💮चोघडिया, दिन
लाभ 06:09 – 07:40 शुभ
अमृत 07:40 – 09:10 शुभ
काल 09:10 10:41 अशुभ
शुभ 10:41 – 12:11 शुभ
रोग 12:11 – 13:42 अशुभ
उद्वेग 13:42 – 15:13 अशुभ
चर 15:13 16:43 शुभ
लाभ 16:43 18:14 शुभ
🚩चोघडिया, रात
उद्वेग 18:14 – 19:43 अशुभ
शुभ 19:43 – 21:13 शुभ
अमृत 21:13 – 22:42 शुभ
चर 22:42 – 24:12* शुभ
रोग 24:12* – 25:41* अशुभ
काल 25:41*27:11* अशुभ
लाभ 27:11* – 28:40* शुभ
उद्वेग 28:40* – 30:10* अशुभ
💮होरा, दिन
बुध 06:09- 07:10
चन्द्र 07:10- 08:10
शनि 08:10- 09:10
बृहस्पति 09:10 -10:11
मंगल 10:11-11:11
सूर्य 11:11-1211
शुक्र 12:11 -13:12
बुध 13:12- 14:12
चन्द्र 14:12 -15:13
शनि 15:13- 16:13
बृहस्पति 16:13 -17:13
मंगल 17:13 -18:14
🚩होरा, रात
सूर्य 18:14 -19:13
शुक्र 19:13- 20:13
बुध 20:13- 21:13
चन्द्र 21:13 -22:12
शनि 22:12- 23:12
बृहस्पति 23:12- 24:12
मंगल 24:12-25:11
सूर्य 25:11-26:11
शुक्र 26:11- 27:11
बुध 27:11-28:10
चन्द्र 28:10-29:10
शनि 29:10-30:10
🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩
कन्या > 05:52 से 08:08 तक
तुला > 08:08 से 10:16 तक
वृश्चिक > 10:16 से 12:44 तक
धनु > 12:44 से 14:44 तक
मकर > 14:44 से 16:30 तक
कुम्भ > 16:30 से 18:08 तक
मीन > 18:08 से 19:38 तक
मेष > 19:38 से 21:12 तक
वृषभ > 21:12 से 23:02 तक
मिथुन > 23:02 से 01:14 तक
कर्क > 01:14 से 03:24 तक
सिंह > 03:24 से 05:48 तक
=======================
🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार
(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट
नोट– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
💮दिशा शूल ज्ञान————- उत्तर
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो पान अथवा पिस्ता खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll
🚩 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं।।
महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त,
राहुणां नित्यनैमित्यके कार्ये,
अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।
12 + 4 + 1 = 17 ÷ 4 = 1 शेष
पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l
🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
शनि ग्रह मुखहुति
💮 शिव वास,फल एवं परिहार -:
श्रावणेऽधिकमासे च आर्द्रायाञ्च गते रवी।
शिवभेन्दुगते योगे, शुक्ले च व्यतिपातके ।।
हरानङ्गहरीणाञ्च तिथिषु करणे चतुष्पदे ।
सोमवारे शुभे ब्राह्मे प्रदोषाख्येऽभिजित्क्षणे ।।
शिवरात्र्यादि पर्वेषु उत्सवेषु निमित्तके ।
नित्याराधनकाले च शिववासं न चिन्तयेत् ।।
12 + 12 + 5 = 29 ÷ 7 = 1 शेष
कैलाश वास = शुभ कारक
🚩भद्रा वास एवं फल -:
स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।
💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮
*श्री वामन जयंती
*रवि दक्षिण गोले
*पंचक प्रारम्भ रात्रि 21:51 से
💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮
पादाभ्यां न स्पृशेदग्नि गुरुं ब्राह्मणमेव च ।
नैव गां च कुमारीन न वृध्दं न शिशुं तथा ।।
।।चाoनीo।।
अपना पैर कभी भी इनसे न छूने दे…
१. अग्नि
२. अध्यात्मिक गुरु
३. ब्राह्मण
४. गाय
५. एक कुमारिका
६. एक उम्र में बड़ा आदमी.
५. एक बच्चा.
🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩
गीता -: विश्वरूपदर्शन योग अo-11
तत्रैकस्थं जगत्कृत्स्नं प्रविभक्तमनेकधा।
अपश्यद्देवदेवस्य शरीरे पाण्डवस्तदा॥
पाण्डुपुत्र अर्जुन ने उस समय अनेक प्रकार से विभक्त अर्थात पृथक-पृथक सम्पूर्ण जगत को देवों के देव श्रीकृष्ण भगवान के उस शरीर में एक जगह स्थित देखा।
🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
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आचार्य ज्योतिष सचिन पांडे