पंजाब सरकार का बड़ा फैसला: कर्मचारियों का DA 8% बढ़ाया
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य के करीब 8 लाख कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिला तोहफा, महंगाई भत्ता बढ़कर हुआ 50 फीसदी।
- पंजाब सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी की आधिकारिक घोषणा कर दी है.
- इस बढ़ोतरी के बाद डीए की दर 42 प्रतिशत से बढ़कर सीधे 50 प्रतिशत हो गई है, जिससे राज्य के लगभग 8 लाख कर्मचारियों को लाभ मिलेगा.
- यह संशोधित आदेश 1 सितंबर 2026 से प्रभावी हो गया है, जिसे सितंबर के वेतन के साथ दिया जाएगा.
समग्र समाचार सेवा
चंडीगढ़, 24 सितंबर: पंजाब की भगवंत मान सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बहुत बड़ा और लंबे समय से प्रतीक्षित फैसला लिया है। सरकार ने महंगाई भत्ते (Dearness Allowance – DA) में 8 प्रतिशत की भारी-भरकम बढ़ोतरी करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। इस नए संशोधन के लागू होने के बाद कर्मचारियों का डीए 42 प्रतिशत से बढ़कर सीधे 50 प्रतिशत पर पहुंच गया है। वित्त विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इस बढ़ी हुई दर का लाभ 1 सितंबर 2026 से प्रभावी माना जाएगा, और इसे सितंबर के महीने के वेतन के साथ जोड़कर भुगतान किया जाएगा।
कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलेगा सीधा लाभ
सरकार के इस कदम से पंजाब के लगभग 8 लाख से अधिक कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को प्रत्यक्ष रूप से आर्थिक राहत मिलेगी। पिछले कुछ समय से कर्मचारी संगठन लगातार लंबित डीए और अन्य मांगों को लेकर मुखर थे और उनका आंदोलन भी चल रहा था। मुख्यमंत्री के साथ हुई सकारात्मक बैठकों और कर्मचारी संघों की मांगों पर विचार करने के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। अधिकारियों का कहना है कि त्योहारी सीजन से ठीक पहले सरकार के इस फैसले से कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है और इससे उनके रोजमर्रा के खर्चों को संभालने में मदद मिलेगी।
वित्तीय बोझ और प्रशासनिक संतुलन
इस 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी से राज्य के खजाने पर सालाना लगभग 3,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ आने का अनुमान है। इसके बावजूद, सरकार ने कर्मचारियों के कल्याण को सर्वोपरि रखते हुए यह निर्णय लिया है। हालांकि, एरियर (Arrears) और अन्य कानूनी पेंचों से जुड़े कुछ मामले अभी अदालतों और सुप्रीम कोर्ट के विचाराधीन हैं, लेकिन तत्काल राहत के तौर पर इस डीए हाइक को एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार और कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच आगामी अक्टूबर माह में अन्य लंबित मुद्दों पर भी चर्चा के लिए अगली बैठक तय की गई है, जिससे राज्य में प्रशासनिक और औद्योगिक सौहार्द बनाए रखने में मदद मिल रही है।