मदुरै में ‘ताई मामन’ योजना के लॉन्च के दौरान मची अफरा-तफरी

मुख्यमंत्री विजय के कार्यक्रम में उमड़ी भारी भीड़ और भीषण गर्मी के चलते 15 से अधिक लोग बेहोश, अस्पताल के बाहर दिखा हंगामे का माहौल।

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!
  • तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने मदुरै के सरकारी राजाजी अस्पताल में बहुप्रतीक्षित ‘ताई मामन’ (गोल्ड रिंग) योजना का शुभारंभ किया।
  • कार्यक्रम के दौरान तेज धूप और लंबी प्रतीक्षा के कारण भीड़ में शामिल 15 से अधिक लोग (महिलाएं और बच्चे) बेहोश हो गए, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
  • सुरक्षा व्यवस्था और वीआईपी वाहनों की पार्किंग के कारण एम्बुलेंस के रास्ते बाधित होने से परिजनों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 28 सितंबर: तमिलनाडु की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में उस वक्त हड़कंप मच गया जब राज्य के मुख्यमंत्री विजय (CM Vijay) मदुरै के सरकारी राजाजी अस्पताल (Government Rajaji Hospital) में एक महत्वपूर्ण जन कल्याणकारी योजना का शुभारंभ करने पहुंचे। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘ताई मामन गोल्ड रिंग स्कीम’ (Thai Maman Gold Ring Scheme) के उद्घाटन के अवसर पर भारी संख्या में स्थानीय नागरिक और समर्थक एकत्र हुए थे। हालांकि, कुप्रबंधन, अत्यधिक भीड़ और भीषण गर्मी के कारण यह कार्यक्रम उस समय चर्चा का विषय बन गया जब कई लोग बेहोश होकर गिर पड़े।

तीन घंटे की लंबी प्रतीक्षा और उमस भरी गर्मी से बिगड़ी तबीयत

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री के आगमन से पहले ही हजारों की संख्या में लोग अस्पताल के बाहर और निर्धारित मार्गों पर खड़े थे। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के तहत पनागल रोड और आसपास के क्षेत्रों में दो-स्तरीय बाड़, बांस और लोहे के बैरिकेड्स लगाए गए थे। चिलचिलाती धूप और उमस के बीच लोगों को लगभग तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा। जैसे ही मुख्यमंत्री विजय का काफिला अस्पताल परिसर में दाखिल हुआ, भीड़ में धक्का-मुक्की बढ़ गई और एक के बाद एक 15 से अधिक लोग (जिनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल थे) चक्कर खाकर बेहोश हो गए। इस अचानक हुई घटना से वहां कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल और प्रशासनिक प्रतिक्रिया

घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों और सुरक्षा बलों ने तत्परता दिखाते हुए बेहोश हुए लोगों को उठाया और तुरंत प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल के भीतर पहुंचाया। हालांकि, इस दौरान स्थानीय लोगों और प्रभावितों के परिजनों ने भारी नाराजगी जताई। उनका आरोप था कि मुख्यमंत्री के सुरक्षा वाहन सड़क के बीचों-बीच खड़े किए गए थे, जिसके कारण आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस के अस्पताल तक पहुंचने का रास्ता पूरी तरह बाधित हो गया था।

बता दें कि तमिलनाडु सरकार की ‘ताई मामन योजना’ के तहत राज्य के सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले नवजात बच्चों को 1 ग्राम सोने की अंगूठी उपहार स्वरूप प्रदान की जाती है। इस कार्यक्रम में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अरुण राज, कानून मंत्री निर्मल कुमार, उच्च शिक्षा मंत्री विश्वनाथ और जिला कलेक्टर निशांत कृष्ण सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद थीं। इस घटना के बाद विपक्षी दलों ने भी आयोजनों के दौरान आम जनता की सुरक्षा और सुविधाओं के अभाव को लेकर सरकार पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं।

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!
Leave A Reply

Your email address will not be published.