समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 5 अक्टूबर : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शन के तीसरे दिन रविवार को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया। पुलिस के अनुसार, करीब 120 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की बेटी लतिका दीक्षित भी शामिल थीं। उन्हें बाद में रिहा कर दिया गया।
प्रदर्शन के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। पुलिस के मुताबिक, उन्हें नरेला इंडस्ट्रियल एरिया पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार करने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस ने हिरासत में लेना शुरू किया। पूरे इलाके में भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों के साथ कई बसें तैनात की गई थीं।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प
हिरासत में लिए जा रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस वाहनों में ले जाने के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस के अनुसार, कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की की और वाहनों से बाहर निकलने का प्रयास किया। इस दौरान कम से कम एक पुलिस वाहन की खिड़की टूट गई। पुलिस ने कहा कि उसने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए न्यूनतम बल का इस्तेमाल किया। वहीं, कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर उनके साथ धक्का-मुक्की करने के आरोप लगाए।
यह प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठाई जा रही आपत्तियों और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग से जुड़ा है। दिल्ली में लगातार तीसरे दिन प्रदर्शन के चलते मध्य दिल्ली के कई इलाकों में यातायात और आवाजाही प्रभावित हुई।