🐏मेष
कार्यस्थल पर नई शुरुआत के योग हैं। व्यापार में पुराने निवेश से लाभ मिलेगा। प्रेम जीवन में आपसी समझ बढ़ेगी। वित्तीय मामलों में दिन शुभ रहेगा। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, ताजगी रहेगी।
🐂वृषभ
नौकरी में जल्दबाजी से बचें, संयम रखें। व्यापार में कोई नया जोखिम न लें। परिवार के साथ संवाद बनाए रखें। अनावश्यक खर्च बजट बिगाड़ सकता है। सेहत पर ध्यान दें, पर्याप्त आराम करें।
👫मिथुन
कार्यक्षेत्र में आपके विचार सराहे जाएंगे। व्यापार में मुनाफे के नए रास्ते मिलेंगे। दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। स्वास्थ्य बहुत अच्छा रहेगा।
🦀कर्क
कार्यस्थल पर मेहनत का फल मिलेगा। व्यापार में सतर्क रहकर कदम बढ़ाएं। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। अचानक धन प्राप्ति के योग हैं। सेहत सामान्य से अच्छी रहेगी।
🐅सिंह
करियर में मान-सम्मान में बढ़ोतरी होगी। व्यापार में नई डील्स फाइनल हो सकती हैं। प्रेम संबंधों में निकटता आएगी। धन लाभ होने के संकेत हैं। ऊर्जा और उत्साह बना रहेगा।
🙎♀️कन्या
कार्यक्षेत्र में धैर्य से काम लें, कागजात जांचें। व्यापार में जल्दबाजी का निर्णय भारी पड़ सकता है। परिवार में बड़ों की राय मानना लाभ देगा। आय-व्यय का संतुलन बनाए रखें। थकान दूर करने के लिए विश्राम करें।
⚖️तुला
नौकरी में तरक्की के नए मौके मिलेंगे। व्यापार में बड़ा आर्थिक लाभ हो सकता है। परिवार में खुशहाली रहेगी। वित्तीय पक्ष काफी मजबूत होगा। स्वास्थ्य अनुकूल रहेगा।
🦂वृश्चिक
कार्यस्थल पर आपकी पकड़ मजबूत होगी। व्यापारिक रणनीतियां सफल होंगी। परिवार का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा। अचानक धन लाभ की संभावना है। तनाव कम रहेगा, सेहत अच्छी रहेगी।
🏹धनु
नई परियोजना शुरू करने के लिए दिन अच्छा है। व्यापार में रुके काम गति पकड़ेंगे। संतान की सफलता से खुशी मिलेगी। आय में वृद्धि होने की संभावना है। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, फुर्ती रहेगी।
🐊मकर
कार्यक्षेत्र में काम का बोझ अधिक रहेगा। व्यापार में लेनदेन सोच-समझकर करें। परिवार में संयम से काम लें। अनावश्यक खर्चों पर लगाम लगाएं। शरीर में थकान महसूस हो सकती है।
🍯कुंभ
आपकी कूटनीति से कार्य हल होंगे। व्यापार में नए समझौते लाभदायक रहेंगे। मित्रों के साथ मनोरंजक समय बीतेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। स्फूर्ति और ताजगी बनी रहेगी।
🐟मीन
कार्यस्थल पर आपकी बात का सम्मान होगा। व्यापार में लाभ के अवसर मिलेंगे। परिवार में मांगलिक चर्चा होगी। धन संचय में सफलता मिलेगी। मानसिक रूप से शांत महसूस करेंगे।
दिनाँक:-13/10/2026,मंगलवार
तृतीया, शुक्ल पक्ष,
आश्विन
“”””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)
तिथि——– तृतीया 23:27:09. तक
पक्ष———————– शुक्ल
नक्षत्र—— विशाखा 25:42:06
योग———– प्रीति 20:22:52
करण——— तैतुल 10:45:53
करण———— गर 23:27:09
वार——————– मंगलवार
माह——————— आश्विन
चन्द्र राशि—— तुला 19:11:32
चन्द्र राशि—————- वृश्चिक
सूर्य राशि—————— कन्या
रितु———————— शरद
आयन—————- दक्षिणायन
संवत्सर-‐————— पराभव
संवत्सर (उत्तर)—————– रौद्र
विक्रम संवत————- 2083
गुजराती संवत———— 2082
शक संवत—————- 1948
कलि संवत————— 5127
वृन्दावन
सूर्योदय————- 06:19:07
सूर्यास्त————– 17:51:21
दिन काल———– 11:32:14
रात्री काल———– 12:28:19
चंद्रोदय————– 08:41:15
चंद्रास्त————– 19:19:46
लग्न—-कन्या 25°29’175°29′
सूर्य नक्षत्र—————— चित्रा
चन्द्र नक्षत्र————– विशाखा
नक्षत्र पाया—————- रजत
🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩
तू—- विशाखा 12:42:53
ते—- विशाखा 19:11:32
तो—- विशाखा 25:42:06
💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= कन्या 25°30 , हस्त 4 ठ
चन्द्र= तुला 10°30 , विशाखा 2 तू
बुध = तुला 20°52 ‘ विशाखा 1 ती
शु क्र= तुला 12°05, स्वाति 2 रे
मंगल= कर्क 14°17 पुष्य 4 ड
गुरु= कर्क 27°33 आश्लेषा , 4 डो
शनि=मीन 16°10 ‘ उoभाo , 4 ञ
राहू=(व) कुम्भ 02°55 धनिष्ठा , 3 गु
केतु= (व) सिंह 02°55 मघा 1 मा
============================
🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩
राहू काल 14:58 – 16:25 अशुभ
यम घंटा 09:12 – 10:39 अशुभ
गुली काल 12:05 – 13:32 अशुभ
अभिजित 11:42 – 12:28 शुभ
दूर मुहूर्त 08:38 – 09:24 अशुभ
दूर मुहूर्त 22:50 – 23:37 अशुभ
वर्ज्यम 06:19 – 07:37 अशुभ
प्रदोष 17:51 – 20:23. शुभ
🚩ब्रह्म मुहूर्त 28:40* – 29:30* शुभ
💮चोघडिया, दिन
रोग 06:19 – 07:46 अशुभ
उद्वेग 07:46 – 09:12 अशुभ
चर 09:12 10:39 शुभ
लाभ 10:39 – 12:05 शुभ
अमृत 12:05 – 13:32 शुभ
काल 13:32 14:58 अशुभ
शुभ 14:58 – 16:25 शुभ
रोग 16:25 – 17:51 अशुभ
🚩चोघडिया, रात
काल 17:51 19:25 अशुभ
लाभ 19:25 20:58 शुभ
उद्वेग 20:58 – 22:32 अशुभ
शुभ 22:32 – 24:06* शुभ
अमृत 24:06* – 25:39* शुभ
चर 25:39* – 27:13* शुभ
रोग 27:13* – 28:46* अशुभ
काल 28:46* – 30:20* अशुभ
💮होरा, दिन
मंगल 06:19 -07:17
सूर्य 07:17 -08:14
शुक्र 08:14 ‐09:12
बुध 09:12- 10:10
चद्र 10:10- 11:08
शनि 11:08- 12:05
बृहस्पति 12:05- 13:03
मंगल 13:03- 14:01
सूर्य 14:01 ‐14:58
शुक्र 14:58 -15:56
बुध 15:56 -16:54
चन्द्र 16:54 -17:51
🚩होरा, रात
शनि 17:51- 18:54
बृहस्पति 18:54 -19:56
मंगल 19:56 -20:58
सूर्य 20:58- 22:01
शुक्र 22:01 -23:03
बुध 23:03- 24:06
चन्द्र 24:06-25:08
शनि 25:08-26:10
बृहस्पति 26:10‐27:13
मंगल 27:13-28:15
सूर्य 28:15-29:17
शुक्र 29:17-30:20
🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩
कन्या > 04:32 से 06:48 तक
तुला > 06:48 से 08:56 तक
वृश्चिक > 08:56 से 11:24 तक
धनु > 11:24 से 13:16 तक
मकर > 13:16 से 15:10 तक
कुम्भ > 15:10 से 16:46 तक
मीन > 16:46 से 18:42 तक
मेष > 18:42 से 18:50 तक
वृषभ > 18:50 से 21:42 तक
मिथुन > 21:42 से 23:54 तक
कर्क > 23:54 से 02:08 तक
सिंह > 02:08 से 04:28 तक
=======================
🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार
(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट
नोट– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
💮दिशा शूल ज्ञान————- उत्तर
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा गुड़ खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll
🚩 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं।।
महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त,
राहुणां नित्यनैमित्यके कार्ये,
अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।
3 + 3 + 1 = 7 ÷ 4 = 3 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l
🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
सूर्य ग्रह मुखहुति
💮 शिव वास,फल एवं परिहार -:
श्रावणेऽधिकमासे च आर्द्रायाञ्च गते रवी।
शिवभेन्दुगते योगे, शुक्ले च व्यतिपातके ।।
हरानङ्गहरीणाञ्च तिथिषु करणे चतुष्पदे ।
सोमवारे शुभे ब्राह्मे प्रदोषाख्येऽभिजित्क्षणे ।।
शिवरात्र्यादि पर्वेषु उत्सवेषु निमित्तके ।
नित्याराधनकाले च शिववासं न चिन्तयेत् ।।
3 + 3 + 5 = 11 ÷ 7 = 4 शेष
सभायां = सन्ताप कारक
🚩भद्रा वास एवं फल -:
स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।
💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮
*सिन्दूर तृतीया
💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮
दर्शनाध्यानसंस्पर्शैर्मत्सी कूर्मी च पक्षिणी ।
शिशुपालयते नित्यं तथा सज्जनसड्गतिः ।।
।।चाoनीo।।
जैसे मछली दृष्टी से, कछुआ ध्यान देकर और पंछी स्पर्श करके अपने बच्चो को पालते है, वैसे ही संतजन पुरुषों की संगती मनुष्य का पालन पोषण करती है.
🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩
गीता -: विश्वरूपदर्शन योग अo-11
द्रोणं च भीष्मं च जयद्रथं च
कर्णं तथान्यानपि योधवीरान्।
मया हतांस्त्वं जहि मा व्यथिष्ठा
युध्यस्व जेतासि रणे सपत्नान्॥
द्रोणाचार्य और भीष्म पितामह तथा जयद्रथ और कर्ण तथा और भी बहुत से मेरे द्वारा मारे हुए शूरवीर योद्धाओं को तू मार। भय मत कर। निःसंदेह तू युद्ध में वैरियों को जीतेगा। इसलिए युद्ध कर
🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏