अखिलेश-आजम मुलाकात पर बीजेपी का तीखा हमला

विनोद तावड़े और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सपा प्रमुख पर साधा निशाना, कहा- तुष्टीकरण और अराजकता है सपा की पहचान।

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  • भाजपा नेता विनोद तावड़े ने अखिलेश-आजम मुलाकात पर जताई आपत्ति।
  • डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सपा कार्यकाल के दौरान दंगों को याद दिलाया।
  • बीजेपी ने कहा कि जनता विकास और सुशासन के साथ है।

समग्र समाचार सेवा
लखनऊ, 22 अक्तूबर: उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा रामपुर जिला जेल में वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान से मुलाकात किए जाने के बाद सियासी घमासान मच गया है। इस मुलाकात के तुरंत बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के शीर्ष नेताओं ने आक्रामक रुख अपनाते हुए समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व पर तीखे हमले किए हैं। बीजेपी का आरोप है कि चुनाव नजदीक आते ही सपा एक बार फिर अपनी पुरानी तुष्टीकरण और अराजकता की राजनीति पर उतर आई है, जिसे उत्तर प्रदेश की जनता भली-भांति समझती है।

विनोद तावड़े का कड़ा प्रहार: ‘सपा का सपना कभी पूरा नहीं होगा’

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तर प्रदेश के प्रभारी विनोद तावड़े ने सोशल मीडिया और आधिकारिक बयानों के जरिए अखिलेश यादव की इस जेल मुलाकात पर कड़ा निशाना साधा है। उन्होंने अपने पोस्ट में ‘पीडीए’ (PDA) के बहाने समाजवादी पार्टी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि चुनाव नजदीक आते देख अखिलेश यादव का अपनी पार्टी के विवादित नेताओं से जेल जाकर मिलना यह साफ तौर पर साबित करता है कि सपा की प्राथमिकताएं क्या हैं।

तावड़े ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता भूली नहीं है कि किस प्रकार पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी की सरकार के कार्यकाल में पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत पूरे राज्य को दंगों और अराजकता की आग में झोंक दिया गया था। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दंगाइयों के सरगना कहे जाने वाले लोगों को बढ़ावा देने और उन्हें फिर से स्थापित करने का सपा का यह सपना कभी पूरा नहीं होगा, क्योंकि जनता अब विकास और शांति चाहती है।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का हमला: ‘तुष्टीकरण और भ्रष्टाचार है सपा का इतिहास’

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी अखिलेश यादव और आजम खान की मुलाकात को लेकर सपा पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि समाजवादी पार्टी का संपूर्ण इतिहास तुष्टीकरण, भ्रष्टाचार और अराजकता की राजनीति से भरा पड़ा है। अखिलेश यादव का जेल जाकर आजम खान से मिलना कोई नई बात नहीं है, लेकिन पार्टी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे उन बयानों पर क्या सोचते हैं जो देश और संविधान के खिलाफ दिए जाते रहे हैं।

ब्रजेश पाठक ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर और भारत माता के प्रति दिए गए कथित अनादरपूर्ण बयानों का हवाला देते हुए सपा को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जनता आज भी उस दौर को याद करती है जब सपा सरकार के समय पुलिस प्रशासन को आम जनता की सुरक्षा के बजाय ‘भैंस खोजने’ जैसे कामों में लगाया जाता था। डिप्टी सीएम ने कहा कि ऐसे कृत्य तत्कालीन सरकार की गैर-जिम्मेदार कार्यशैली और प्राथमिकताओं को उजागर करते हैं।

योगी सरकार के विकास कार्यों और सुशासन का जिक्र

बीजेपी नेताओं ने अपने बयानों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित किया। ब्रजेश पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता अब जातिवादी और परिवारवादी राजनीति से ऊपर उठकर विकास, सुशासन और कानून-व्यवस्था को अपनी पहली प्राथमिकता मानती है। राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों और प्रदेश में अपराध मुक्त माहौल देने के लिए लगातार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। भाजपा का दावा है कि विपक्षी दल कितनी भी कोशिश कर लें, जनता उनके बहकावे में आने वाली नहीं है।

निष्कर्ष और राजनीतिक निहितार्थ

अखिलेश यादव की रामपुर जेल यात्रा और उसके बाद बीजेपी के राष्ट्रीय नेतृत्व तथा राज्य सरकार के मंत्रियों द्वारा किए गए तीखे पलटवार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक दलों के बीच वैचारिक और जुबानी जंग तेज हो गई है। एक तरफ जहां समाजवादी पार्टी अपने पुराने नेताओं के साथ एकजुटता दिखाकर राजनीतिक जमीन मजबूत करने में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी उनके पिछले कार्यकाल के मामलों को उठाकर आक्रामक हिंदुत्व और सुशासन के एजेंडे को धार दे रही है। यह मुकाबला आने वाले दिनों में और अधिक दिलचस्प होने के आसार हैं।

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