यूपी एमएलसी चुनाव: वोटर लिस्ट में गड़बड़ी पर जांच के आदेश
मतदाता सूची में अजब-गजब नाम सामने आने के बाद चुनाव आयोग ने लिया सख्त एक्शन, झांसी मंडलायुक्त से मांगी रिपोर्ट।
- यूपी एमएलसी चुनाव से पहले वोटर लिस्ट में बड़ी गड़बड़ियां मिलीं।
- सोशल मीडिया पर वायरल हुए अजब-गजब नामों से मचा सियासी हड़कंप।
- निर्वाचन आयोग ने मामले का संज्ञान लेकर जांच के आदेश दिए।
समग्र समाचार सेवा
लखनऊ, 22 अक्तूबर: उत्तर प्रदेश में होने वाले विधान परिषद (MLC) के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनावों से ठीक पहले मतदाता सूची (Voter List) में भारी अनियमित्ताओं और चौंकाने वाली गड़बड़ियों का मामला सामने आया है। इलाहाबाद-झांसी स्नातक खंड निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई है। इस वायरल सूची में कुछ ऐसे अजब-गजब नाम और विवरण दर्ज हैं, जिन्होंने चुनाव व्यवस्था और प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने आधी रात के बाद कड़ा रुख अपनाते हुए तत्काल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
वोटर लिस्ट में मिले अजीबोगरीब नाम और प्रविष्टियां
वायरल हुई मतदाता सूची के अनुसार, सूची में दर्ज नामों और पारिवारिक विवरणों को देखकर हर कोई हैरान है। उदाहरण के लिए, एक मतदाता का नाम ‘राम ने यादव को मारा’ और उसके पिता का नाम ‘मूर्खचंद’ दर्ज है। इसी तरह एक अन्य प्रविष्टि में मतदाता का नाम ‘अली के पास है’ और पिता का नाम ‘अब्दुल रहमान’ लिखा हुआ मिला है। इस प्रकार की अतार्किक और फूहड़ प्रविष्टियों के सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण और सत्यापन कार्य में भारी लापरवाही बरती गई है। विपक्षी दलों के साथ-साथ सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी इस पर कड़ी आपत्ति जताई है और आयोग के पास कई शिकायतें दर्ज कराई हैं। भाजपा ने सूची में बड़ी संख्या में डुप्लीकेट और फर्जी नाम होने की बात भी कही है।
निर्वाचन आयोग का कड़ा एक्शन, मंडलायुक्त से तलब की रिपोर्ट
सोशल मीडिया पर सूची के वायरल होने और राजनीतिक दलों द्वारा तीखी शिकायतें मिलने के बाद चुनाव आयोग हरकत में आया। आधी रात के बाद (रात करीब सवा एक बजे) निर्वाचन आयोग की ओर से आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए जानकारी दी गई कि इलाहाबाद-झांसी स्नातक खंड निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में गड़बड़ी की सूचना मिली है।
आयोग ने इस निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी यानी झांसी के मंडलायुक्त (Divisional Commissioner) को इस पूरे मामले की गहन जांच करने का निर्देश दिया है। चूंकि मतदान बेहद नजदीक है, इसलिए आयोग ने कड़े निर्देश देते हुए गुरुवार दोपहर तक हर हाल में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। प्रशासनिक स्तर पर इस त्वरित कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मच गया है।
शुक्रवार को होना है 11 सीटों पर मतदान
उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 शिक्षक और स्नातक सीटों के लिए शुक्रवार को मतदान होना है। चुनाव की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं, और प्रशासनिक अमला शांतिपूर्ण मतदान संपन्न कराने की अंतिम तैयारियों में जुटा था। ऐसे में मतदान से ठीक एक दिन पहले वोटर लिस्ट में इस तरह की बड़ी गड़बड़ी सामने आना चुनाव संचालन प्रक्रिया पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसी त्रुटियों को दूर नहीं किया गया, तो इससे चुनावी शुचिता प्रभावित हो सकती है।
निष्कर्ष और प्रशासनिक जवाबदेही
लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता सूची किसी भी चुनाव की रीढ़ होती है। उसमें इस तरह की गंभीर विसंगतियां मिलना प्रशासनिक लापरवाही का स्पष्ट प्रमाण है। निर्वाचन आयोग द्वारा दिए गए जांच के आदेश के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस लापरवाही के पीछे कौन जिम्मेदार है और क्या मतदान से पहले इन त्रुटियों को पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है या नहीं। इस घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक तंत्र को चेता दिया है कि चुनाव से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।