प्रेस क्लब ऑफ इंडिया का दूसरा साहित्य महोत्सव

24 से 26 अक्टूबर तक आयोजित PCI LitFest 2026 में पत्रकारों की किताबों की प्रदर्शनी और मीडिया चुनौतियों पर होगी गंभीर चर्चा।

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  • प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में दूसरे लिटफेस्ट का भव्य आगाज।
  • 20 से अधिक प्रकाशक और बुकस्टॉल उत्सव में ले रहे हैं हिस्सा।
  • पत्रकारों की किताबें, मीडिया में घटता भरोसा और भविष्य पर मंथन।

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 24 अक्तूबर: पत्रकारिता, साहित्य और मीडिया परिदृश्य के संगम का प्रतीक ‘प्रेस क्लब ऑफ इंडिया’ (Press Club of India – PCI) अपने दूसरे वार्षिक साहित्य महोत्सव (LitFest) और पुस्तक मेले की मेजबानी के लिए पूरी तरह से तैयार है। 24 अक्टूबर से 26 अक्टूबर 2026 तक चलने वाला यह तीन दिवसीय कार्यक्रम राजधानी नई दिल्ली स्थित प्रेस क्लब परिसर में आयोजित किया जा रहा है। इस साहित्य महोत्सव में भारतीय मीडिया की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों, पत्रकारों द्वारा लिखित पुस्तकों के विमोचन और विविध विषयों पर ज्ञानवर्धक पैनल चर्चाओं का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

संस्कृति और पत्रकारिता का अनूठा उत्सव

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया की अध्यक्ष और उत्सव की संयोजक संगीता बरुआ पिशारोती (Sangeeta Barooah Pisharoty) ने कार्यक्रम के संबंध में खुशी जाहिर करते हुए कहा, “हमें PCI LitFest और पुस्तक मेले के दूसरे संस्करण की मेजबानी करते हुए अत्यंत गर्व हो रहा है। यह एक अनोखा और विशिष्ट मंच है जो न केवल भारतभर के पत्रकारों द्वारा लिखी गई उत्कृष्ट पुस्तकों का जश्न मनाता है और प्रकाशकों तथा पुस्तक विक्रेताओं को उन्हें प्रदर्शित करने का अवसर देता है, बल्कि भारत में पत्रकारिता के सामने खड़ी समकालीन चुनौतियों पर खुल कर विचार-विमर्श करने का माध्यम भी बनता है।”

उन्होंने आगे जानकारी दी कि इस वर्ष इस तीन दिवसीय लिटफेस्ट में 20 से अधिक प्रमुख प्रकाशक और प्रसिद्ध पुस्तक दुकानें भाग ले रही हैं। यह उत्सव आम जनता, पाठकों, शोधकर्ताओं और साहित्य प्रेमियों के लिए पूरी तरह से खुला रहेगा, जहाँ वे अपने पसंदीदा पत्रकारों और लेखकों से सीधे संवाद कर सकेंगे।

मीडिया की ज्वलंत चुनौतियों पर दिग्गजों का मंथन

संगीता बरुआ पिशारोती ने बताया कि इस बार पैनल चर्चाओं में युवा और अनुभवी पत्रकारों तथा वरिष्ठ संपादकों का एक बहुत ही संतुलित और बेहतरीन मिश्रण देखने को मिलेगा। ये विषय-विशेषज्ञ मीडिया जगत से जुड़े अत्यंत गंभीर और प्रासंगिक मुद्दों पर अपने विचार रखेंगे।

पैनल चर्चाओं के मुख्य विषय:

जनता में मीडिया के प्रति घटता विश्वास (Trust Deficit): मुख्यधारा के मीडिया में आम जनता के गिरते भरोसे और निष्पक्ष पत्रकारिता की पुनर्स्थापना पर गहराई से विचार किया जाएगा।

क्षेत्रीय मीडिया की चुनौतियां (Regional Media Challenges): क्षेत्रीय भाषाओं के समाचार पत्रों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के समक्ष आ रहे आर्थिक व व्यावहारिक संकटों पर चर्चा होगी।

सोशल मीडिया के युग में न्यूज फोटोग्राफी (Future of Still Photography): सोशल मीडिया और एआई (AI) के बढ़ते प्रभाव के बीच पारंपरिक न्यूज स्टिल फोटोग्राफी के भविष्य और उसके अस्तित्व पर परिचर्चा आयोजित की जाएगी।

पत्रकारों की किताबों का विमोचन और पुस्तक मेला

इस महोत्सव का एक मुख्य आकर्षण प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के सदस्यों द्वारा लिखी गई नई पुस्तकों का विमोचन और प्रदर्शनी है। आमतौर पर देश-दुनिया की खबरें कवर करने वाले पत्रकार जब लेखक की भूमिका में आते हैं, तो उनके जमीनी अनुभवों का दस्तावेज पुस्तकों के रूप में सामने आता है। मेले में इन किताबों के लिए विशेष स्टॉल लगाए गए हैं, जहाँ पाठक सीधे लेखकों से किताबें हस्ताक्षरित करा सकते हैं।

आयोजकों ने आशा व्यक्त की है कि इस तीन दिवसीय आयोजन में बड़ी संख्या में पत्रकार, लेखक, छात्र और आम नागरिक हिस्सा लेंगे। यह महोत्सव न केवल किताबों की खरीद-बिक्री का केंद्र बनेगा, बल्कि स्वस्थ लोकतांत्रिक बहस और पत्रकारिता के मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में एक नया मील का पत्थर साबित होगा।

निष्कर्ष

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया का दूसरा लिटफेस्ट (PCI LitFest 2026) भारतीय मीडिया जगत के लिए एक नई उम्मीद और दिशा लेकर आया है। ऐसे समय में जब पत्रकारिता की साख और इसके व्यावसायिक मॉडल पर सवाल उठ रहे हैं, इस तरह के साहित्यिक एवं वैचारिक मंच रचनात्मक सोच और आत्मचिंतन का बेहतरीन अवसर प्रदान करते हैं।

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