समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,3 मार्च। भारत और भूटान के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। असम से भूटान तक पहली रेल लाइन के निर्माण के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) का काम पूरा हो चुका है। इस परियोजना पर अनुमानित 3,500 करोड़ रुपये की लागत आने की संभावना है।
भारत-भूटान के बीच ऐतिहासिक रेलवे परियोजना
यह रेलवे लाइन असम के कोकराझार जिले से भूटान के गेयलेफु तक बिछाई जाएगी। यह पहली बार होगा जब भूटान को भारतीय रेलवे नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इस रेल परियोजना से दोनों देशों के बीच आर्थिक, व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंध और मजबूत होंगे।
परियोजना की प्रमुख बातें
- रेलवे रूट: असम के कोकराझार से भूटान के गेयलेफु तक
- कुल लागत: करीब 3,500 करोड़ रुपये
- लंबाई: लगभग 57 किलोमीटर
- लक्ष्य: भारत और भूटान के बीच सामान्य और वाणिज्यिक संपर्क को बढ़ावा देना
- सुविधाएं: इस रेल मार्ग से व्यापार, पर्यटन और आवागमन में वृद्धि होगी
भूटान को पहली बार मिलेगा रेलवे कनेक्शन
भूटान दुनिया के उन गिने-चुने देशों में शामिल है, जहां अभी तक रेलवे नेटवर्क नहीं है। इस रेल परियोजना के तहत भूटान को पहली बार भारतीय रेलवे नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जिससे दोनों देशों के बीच सामरिक और आर्थिक सहयोग को और मजबूती मिलेगी।
भारत-भूटान संबंधों में नई मजबूती
भारत और भूटान के बीच हमेशा से मजबूत द्विपक्षीय संबंध रहे हैं। इस रेलवे प्रोजेक्ट से भूटान को भारत के बंदरगाहों और बाजारों तक सीधी पहुंच मिलेगी, जिससे व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, पर्यटकों को भी यात्रा में आसान और किफायती विकल्प मिलेगा।
क्या होंगे फायदे?
व्यापार और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा
पर्यटन को नई गति मिलेगी
स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे
भारत और भूटान के बीच परिवहन लागत कम होगी
आगे की योजना
अब जबकि डीपीआर का काम पूरा हो चुका है, जल्द ही रेलवे ट्रैक बिछाने का काम शुरू किया जाएगा। इस परियोजना से भारत और भूटान के बीच कनेक्टिविटी का नया अध्याय लिखा जाएगा।
निष्कर्ष
असम से भूटान तक रेलवे लाइन का निर्माण भारत की ‘पड़ोसी प्रथम नीति’ (Neighbourhood First Policy) के तहत एक ऐतिहासिक कदम है। यह न केवल भूटान की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा बल्कि भारत-भूटान संबंधों को भी नई ऊंचाई देगा।