ट्रंप की चीन को 200% टैरिफ की धमकी, बोले- ‘मेरे पास चीन को बर्बाद करने वाला कार्ड है’
ट्रंप ने दुर्लभ खनिजों की आपूर्ति को लेकर चीन पर साधा निशाना, व्यापार युद्ध का नया अध्याय शुरू
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को धमकी दी है कि अगर उसने दुर्लभ खनिजों की आपूर्ति नहीं की तो 200% तक टैरिफ लगाया जा सकता है।
- ट्रंप ने कहा कि उनके पास ऐसे कई ‘ट्रंप कार्ड’ हैं, जिनसे चीन को बर्बाद किया जा सकता है, लेकिन वह उनका इस्तेमाल नहीं करना चाहते।
- यह बयान अमेरिका और चीन के बीच जारी व्यापार युद्ध में एक नया अध्याय खोलता है, जिसका वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ सकता है।
समग्र समाचार सेवा
वॉशिंगटन, 27 अगस्त 2025: अमेरिका और चीन के बीच चल रहे व्यापार युद्ध में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को धमकी देते हुए कहा है कि अगर उसने ‘दुर्लभ खनिजों’ (rare earth) की आपूर्ति नहीं की तो 200% तक टैरिफ का सामना करने के लिए तैयार रहे। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उनके पास ऐसे कई ‘ट्रंप कार्ड’ हैं, जिनसे चीन की अर्थव्यवस्था को खत्म किया जा सकता है, लेकिन वह इन ‘पत्तों’ को खेलने से बचना चाहते हैं। ट्रंप का यह बयान चीन के लिए एक गंभीर चेतावनी माना जा रहा है।
क्या है ‘दुर्लभ खनिज’ का पेच?
दुर्लभ खनिज ऐसे तत्व होते हैं, जिनका इस्तेमाल स्मार्टफोन, इलेक्ट्रिक वाहन, कंप्यूटर, रक्षा उपकरण और कई हाई-टेक उद्योगों में होता है। दुनिया में इन खनिजों का सबसे बड़ा उत्पादक और निर्यातक चीन है। अमेरिका समेत दुनिया के कई देश इन खनिजों के लिए चीन पर बहुत हद तक निर्भर हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि चीन ने अक्सर व्यापारिक दबाव बनाने के लिए इन खनिजों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने की धमकी दी है। ट्रंप की ताजा धमकी इसी भू-राजनीतिक समीकरण का हिस्सा है, जहां अमेरिका अपनी रणनीतिक निर्भरता कम करना चाहता है।
व्यापार युद्ध और समझौते की धीमी गति
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में दोनों देशों ने 90 दिनों के लिए व्यापार युद्ध को ‘स्थगित’ करने पर सहमति जताई थी, ताकि बातचीत के जरिए समाधान निकाला जा सके। हालांकि, इस बीच चीन ने दुर्लभ खनिजों के निर्यात पर नए और कड़े नियम लागू कर दिए थे, जिससे अमेरिकी उद्योगों में खनिजों की आपूर्ति धीमी हो गई। ट्रंप की ताजा धमकी को इसी घटनाक्रम के जवाब के रूप में देखा जा रहा है। ट्रंप ने कहा कि चीन को ‘दुर्लभ चुंबक’ की आपूर्ति करनी होगी, अगर वह ऐसा नहीं करता है, तो उसे 200 प्रतिशत टैरिफ का सामना करना होगा।
ट्रंप की कूटनीति: दबाव और रियायत का मिश्रण
ट्रंप की यह रणनीति उनके ‘टैरिफ युद्ध’ की ही अगली कड़ी है, जिसमें वह एक तरफ कड़ी चेतावनी देते हैं, तो दूसरी तरफ रिश्तों में सुधार की बात भी करते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका और चीन के बीच ‘बेहतर रिश्ते’ होंगे, लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो वह बीजिंग को ‘बर्बाद’ भी कर सकते हैं। यह ट्रंप की एक खास शैली है, जिसमें वह अपने विरोधियों पर अधिकतम दबाव बनाकर बातचीत का रास्ता खोलते हैं। विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयानों का मकसद चीन को सीधे तौर पर धमकी देना है ताकि वह अपनी व्यापार नीतियों में बदलाव करे और अमेरिका के साथ एक बेहतर समझौते पर आए।
इस बीच, कई विश्लेषक ट्रंप के इस बयान को ‘सिर्फ एक धमकी’ मान रहे हैं, क्योंकि 200% टैरिफ लगाने से अमेरिकी कंपनियों और उपभोक्ताओं को भी भारी नुकसान होगा, जो चीनी उत्पादों पर निर्भर हैं। हालांकि, ट्रंप ने यह भी साफ कर दिया है कि वह अपने देश के हितों के लिए कोई भी बड़ा कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।