बिहार में फिर सजेगा सियासी महासंग्राम, दो चरणों में वोटिंग और 14 नवंबर को नतीजे

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने की बड़ी घोषणा – इस बार बिहार में लागू होंगे 30 नए नियम, 100% वेबकास्टिंग से लेकर रंगीन बैलेट और स्मार्ट बीएलओ कार्ड तक कई आधुनिक सुधार

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  • बिहार चुनाव दो चरणों में होंगे – पहला चरण 6 नवंबर और दूसरा चरण 11 नवंबर 2025 को।
  • 14 नवंबर को होंगे नतीजों का ऐलान, 10 अक्टूबर को जारी होगा नोटिफिकेशन।
  • हर मतदान केंद्र पर 100% वेबकास्टिंग अनिवार्य, मतदाता केंद्र तक मोबाइल ले जा सकेंगे।
  • मतदाता सूची से 69 लाख नाम हटाए गए, अब कुल वोटर 7.41 करोड़ रह गए।

समग्र समाचार सेवा
पटना | 6 अक्टूबर:

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का कार्यक्रम

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों का ऐलान किया। चुनाव दो चरणों में होंगे — पहले चरण की वोटिंग 6 नवंबर और दूसरे चरण की 11 नवंबर को होगी। नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। नीतीश कुमार सरकार का मौजूदा कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है।

आयोग के मुताबिक, चुनाव की अधिसूचना 10 अक्टूबर को जारी होगी। नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के बाद उम्मीदवारों को नामांकन से 10 दिन पहले तक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की सुविधा दी गई है।

बिहार में कुल मतदाताओं की संख्या
चुनाव आयोग ने बताया कि बिहार में इस बार कुल मतदाता 7.41 करोड़ हैं।

  • पुरुष मतदाता: 3.92 करोड़
  • महिला मतदाता: 3.49 करोड़
  • 18-19 वर्ष के युवा मतदाता: 14.01 लाख
  • 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाता: 4.03 लाख

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान लगभग 69 लाख नाम हटाए गए। आयोग ने कहा कि यह अद्यतन सूची बिहार चुनाव 2025 का आधार होगी, जिससे मतदान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और दोषरहित बनेगी।

मतदान केंद्रों पर सुविधाएं

राज्य में कुल 90,712 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 76,801 ग्रामीण और 13,911 शहरी क्षेत्र में हैं। हर बूथ पर औसतन 818 मतदाता रहेंगे, जिससे भीड़भाड़ न हो। आयोग ने यह सुनिश्चित किया है कि किसी भी केंद्र पर 1200 से अधिक मतदाता न हों।

प्रत्येक केंद्र पर दी जाने वाली सुविधाएं होंगी:

  • पोल वॉलंटियर्स और हेल्प डेस्क
  • रैंप और व्हीलचेयर सुविधा
  • शौचालय और पीने के पानी की उपलब्धता
  • पर्याप्त रोशनी और संकेतक बोर्ड
  • मतदाता सुविधा केंद्र (Voter Facilitation Centre)
  • हेल्पलाइन नंबर 1950

इसके अलावा, 100% मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग होगी ताकि निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित रहे।

नए नियम और तकनीकी बदलाव

मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि बिहार इस बार 30 नई पहलें लागू करने वाला पहला राज्य होगा, जिनमें से 17 कार्यकारी सुधार हैं।

1.वेबकास्टिंग और लाइव मॉनिटरिंग  

अब हर मतदान केंद्र से रीयल-टाइम में मतदान प्रक्रिया का प्रसारण होगा। इससे आयोग को पारदर्शी और सटीक निगरानी करने में आसानी होगी।

2. EVM पर रंगीन फोटो और बड़े अक्षर

भारत में पहली बार Bihar Election 2025 में EVM बैलेट पेपर पर उम्मीदवारों की रंगीन तस्वीरें होंगी। नाम बड़े और साफ अक्षरों में छापे जाएंगे ताकि वरिष्ठ नागरिक और ग्रामीण मतदाता आसानी से पहचान सकें

3. बीएलओ के लिए स्मार्ट आईडी कार्ड

अब बूथ लेवल ऑफिसरों को स्मार्ट कार्ड दिए जाएंगे, ताकि मतदाता उन्हें सही प्रतिनिधि के रूप में पहचान सकें और किसी भी फर्जी पहचान का खतरा न रहे।

4. मोबाइल ले जाने की अनुमति

अब मतदाता मतदान केंद्र के बाहरी हिस्से तक अपना मोबाइल फोन ले जा सकेंगे। यह देश में पहली बार लागू की गई सुविधा है, जिससे मतदाताओं की सुविधा बढ़ेगी।

5. पोस्टल बैलेट की गिनती के नए नियम

पोस्टल बैलेट की गिनती अब ईवीएम की अंतिम गिनती से दो राउंड पहले पूरी की जाएगी। इससे नतीजे अधिक तेज और सटीक आएंगे।

विशेष मतदान केंद्र

इस बार बिहार में 292 दिव्यांग प्रबंधन केंद्र, 38 युवा प्रबंधन केंद्र, और 1,044 महिला प्रबंधन केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों का संचालन विशेष समूहों द्वारा किया जाएगा, ताकि लोकतंत्र में सबकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके। साथ ही, राज्य में 1,350 मॉडल मतदान केंद्र भी बनाए जाएंगे, जो सुविधाजनक और तकनीकी रूप से और अधिक आधुनिक होंगे।

निष्पक्ष और समावेशी चुनाव की दिशा में

ज्ञानेश कुमार ने कहा कि आयोग का उद्देश्य इस चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और सर्वसमावेशी बनाना है। बिहार पहली बार इन सुधारों की प्रयोगशाला बनेगा। आने वाले दिनों में ये सुधार पूरे देश के चुनावों में लागू किए जा सकते हैं।CEC ने कहा, “बिहार चुनाव 2025 केवल एक राजनीतिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि भारत में चुनावी सुधारों की नई दिशा तय करने वाला ऐतिहासिक अवसर होगा।”

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