केरल हिजाब विवाद पर भड़का राजनीतिक टकराव, स्कूल बंद
एर्नाकुलम के सेंट रीटा स्कूल में ड्रेस कोड को लेकर विवाद ने लिया राजनीतिक मोड़
- केरल के एर्नाकुलम जिले के सेंट रीटा पब्लिक स्कूल, पल्लुरुथी में हिजाब पहनने को लेकर एक 8वीं कक्षा की छात्रा को प्रवेश से रोके जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया।
- स्कूल प्रबंधन ने ड्रेस कोड के उल्लंघन का हवाला देते हुए छात्रा को हिजाब हटाने के लिए कहा, जिसके बाद मामला गरमा गया और स्कूल ने दो दिन की छुट्टी घोषित कर दी।
- विवाद में एसडीपीआई (SDPI) की संलिप्तता के आरोपों के बाद बीजेपी ने धर्मनिरपेक्षता को खतरा बताते हुए एसडीपीआई पर निशाना साधा, जिससे यह मामला एक राजनीतिक टकराव में बदल गया।
समग्र समाचार सेवा
तिरुवनंतपुरम (केरल), 14 अक्तूबर: केरल के पल्लुरुथी, एर्नाकुलम में स्थित सेंट रीटा पब्लिक स्कूल में हिजाब से जुड़ा एक मामला सामने आया, जिसने राज्य में एक नए राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है। पिछले सप्ताह, 8वीं कक्षा की एक छात्रा को स्कूल अधिकारियों द्वारा हिजाब पहनकर आने के कारण प्रवेश से वंचित कर दिया गया। स्कूल ने इसे अपने ड्रेस कोड का उल्लंघन बताया।
छात्रा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “उन्होंने मुझे प्रवेश द्वार पर खड़ा कर दिया और हिजाब हटाने के लिए कहा। शिक्षकों का व्यवहार भी रूखा था। मैं अब यहां पढ़ाई नहीं करूंगी।”
स्कूल की प्रिंसिपल सिस्टर हेलेना ने स्पष्ट किया कि दाखिले के समय सभी अभिभावकों को ड्रेस कोड के बारे में जानकारी दी गई थी। उन्होंने दावा किया कि छात्रा चार महीने से नियमों का पालन कर रही थी, लेकिन हाल ही में उसने हिजाब इस तरह से पहनना शुरू कर दिया, जो स्कूल की नीति के अनुरूप नहीं था। स्कूल ने बढ़ते तनाव को देखते हुए 13 और 14 अक्टूबर को दो दिन का अवकाश घोषित कर दिया और पुलिस सुरक्षा की मांग करते हुए केरल हाईकोर्ट का रुख किया।
एसडीपीआई की एंट्री और पीटीए का आरोप
यह विवाद तब और गहरा गया जब अभिभावक-शिक्षक संघ (पीटीए) के अध्यक्ष जोशी कैथावलप्पिल ने एक गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से जुड़े राजनीतिक संगठन सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के सदस्य अभिभावकों का समर्थन कर रहे हैं और स्कूल पर दबाव बना रहे हैं।
पीटीए अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि एसडीपीआई नेता इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देकर अराजकता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। इस आरोप के सामने आने के बाद यह शैक्षणिक विवाद तुरंत एक राजनीतिक टकराव में बदल गया।
बीजेपी ने उठाया धर्मनिरपेक्षता पर सवाल
विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इस मामले को लेकर एसडीपीआई पर कड़ा हमला बोला है। बीजेपी प्रवक्ता शोन जॉर्ज ने कहा कि “किसी लड़की के हिजाब पहनने में कुछ भी गलत नहीं है,” लेकिन उन्होंने एसडीपीआई पर राज्य के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को कमजोर करने का आरोप लगाया।
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा, “एसडीपीआई के डर से स्कूल को बंद करना पड़ा… इसे किसी भी कीमत पर अनुमति नहीं दी जा सकती।” बीजेपी ने आरोप लगाया कि एसडीपीआई जानबूझकर शैक्षणिक संस्थानों में अशांति फैला रही है और धार्मिक भावनाओं का दुरुपयोग करके राजनीतिक लाभ लेना चाहती है।
यह मामला एक बार फिर शैक्षणिक संस्थानों में ड्रेस कोड बनाम धार्मिक स्वतंत्रता की बहस को केंद्र में ले आया है। केरल जैसे अपेक्षाकृत धर्मनिरपेक्ष राज्य में इस तरह के विवाद का राजनीतिकरण होना यह दर्शाता है कि हिजाब विवाद अब एक राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है, जिसका प्रभाव स्थानीय राजनीति पर भी पड़ रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि केरल सरकार और हाईकोर्ट इस संवेदनशील मामले को कैसे संभालते हैं।