अयोध्या दीपोत्सव ने रचा इतिहास: 26 लाख दीपों की रोशनी में बने दो गिनीज रिकॉर्ड
त्रेता युग की कल्पना हुई साकार, सीएम योगी ने कहा- यह सनातन धर्म का विजय प्रतीक
- दीप प्रज्ज्वलन का नया कीर्तिमान: राम की पैड़ी पर एक साथ 26,17,215 मिट्टी के दीये प्रज्ज्वलित किए गए, जो दीयों की सबसे बड़ी संख्या का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड है।
- सामूहिक आरती का रिकॉर्ड: 2128 अर्चकों (पुजारियों) द्वारा एक साथ माँ सरयू की महाआरती करके एक और विश्व रिकॉर्ड बनाया गया।
- विकास और विरासत का संगम: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव को सत्य की विजय और विकास-विरासत का अद्भुत संगम बताया।
समग्र समाचार सेवा
अयोध्या, 20 अक्टूबर: उत्तर प्रदेश की पावन राम नगरी अयोध्या ने इस वर्ष दीपोत्सव (Deepotsav) के 9वें संस्करण में एक बार फिर नया इतिहास रच दिया है। रविवार, 19 अक्टूबर 2025 की शाम को सरयू नदी के तट पर आयोजित इस भव्य समारोह में, दीपों की जगमग और आध्यात्मिक उत्साह ने पिछले सभी कीर्तिमानों को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान एक नहीं, बल्कि दो-दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अयोध्या के नाम दर्ज हुए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आयोजित इस दीपोत्सव ने पूरे विश्व को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता की अद्भुत झाँकी दिखाई।
दीपों से जगमगाया सरयू तट
दीपोत्सव समारोह का केंद्रबिंदु रहा राम की पैड़ी घाट, जो लाखों दीयों की रोशनी से मानो स्वर्ग धरती पर उतर आया हो। उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन विभाग, अयोध्या जिला प्रशासन और अवध विश्वविद्यालय के हजारों स्वयंसेवकों ने मिलकर इस असंभव से दिखने वाले लक्ष्य को साकार किया। जैसे ही गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधियों ने 26 लाख 17 हजार 215 दीपों के सफलतापूर्वक जलने की घोषणा की, पूरा अयोध्या ‘जय श्री राम’ के उद्घोष से गूँज उठा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि यह दीपोत्सव केवल एक उत्सव नहीं है, बल्कि यह 500 वर्षों के अंधकार पर सनातन धर्म के सत्य की विजय का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “हर दीप हमें याद दिलाता है कि सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं हो सकता।”
सामूहिक महाआरती ने बढ़ाया गौरव
दीपोत्सव में दीये जलाने के रिकॉर्ड के साथ ही, सामूहिक महाआरती का भी एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला। 2128 वेदचार्यों और अर्चकों ने एक साथ पवित्र माँ सरयू की महाआरती की। यह एक ऐसा आध्यात्मिक क्षण था, जिसने भक्ति, अनुशासन और सामाजिक समर्थता का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के लिए भी गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड का प्रमाण पत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपा गया।
सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या में दीपोत्सव की शुरुआत 2017 में हुई थी, और तब से हर साल यह उत्सव भव्यता की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार सम्राट विक्रमादित्य की परंपरा को पुनर्जीवित कर रही है, जिन्होंने कभी अयोध्या को सजाया था।
ड्रोन शो और सांस्कृतिक कार्यक्रम
दीपोत्सव के दौरान रामकथा पार्क में भगवान श्रीराम के प्रतीकात्मक राज्याभिषेक का मंचन किया गया, जिसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों की एक श्रृंखला चली। रात के समय आकाश में रंग-बिरंगी आतिशबाज़ी, आकर्षक लेजर शो और 1100 ड्रोन द्वारा रामायण के दृश्यों को उकेरने वाले अद्भुत एरियल ड्रोन शो ने सभी का मन मोह लिया।
सरकार ने इस उत्सव के माध्यम से उत्तर प्रदेश की लोक कला, परंपरा और आध्यात्मिकता को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया। साथ ही, ‘एक दीया राम के नाम’ जैसे अभियानों ने देश-विदेश के भक्तों को इस आयोजन से जुड़ने का मौका दिया। दीपोत्सव ने अयोध्या को एक बड़े आध्यात्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने का काम किया है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिला है।
यह दीपोत्सव न केवल अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को विश्व में प्रचारित करता है, बल्कि यह भारत की एकता और राष्ट्रीय गौरव का भी प्रतीक बन गया है।