नैनार नागेंद्रन , विजय ,डीएमके का एकमात्र प्रतिद्वंद्वी – ‘अनुभवहीनता’

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समग्र समाचार सेवा
तमिलनाडु 14 फरवरी : तमिलनाडु भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने अभिनेता से नेता बने विजय के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने अपनी पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) को सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) का एकमात्र प्रतिद्वंद्वी बताया था। नागेंद्रन ने विजय को “पूरी तरह अनुभवहीन” बताते हुए कहा कि राजनीति केवल लोकप्रियता के दम पर नहीं की जा सकती, इसके लिए जमीनी समझ और संगठनात्मक अनुभव जरूर होना चाहिए । तमिलनाडु भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने अभिनेता से नेता बने विजय के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने अपनी पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) को सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) का एकमात्र प्रतिद्वंद्वी बताया था। नागेंद्रन ने विजय को “पूरी तरह अनुभवहीन” बताते हुए कहा कि राजनीति केवल लोकप्रियता के दम पर नहीं की जा सकती, इसके लिए जमीनी समझ और संगठनात्मक अनुभव जरूरी है।

नैनार नागेंद्रन ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि जो व्यक्ति छत पर चढ़कर मुर्गी नहीं पकड़ सकता, उसे आसमान छूने का सपना नहीं देखना चाहिए। उनका इशारा इस बात की ओर था कि विजय को पहले घर से बाहर निकलकर जनता के बीच काम करना चाहिए और पार्टी संगठन को मजबूत बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल रैलियों में भीड़ जुटा लेने से चुनाव नहीं जीते जाते।

यह बयान उस समय आया जब विजय ने सलेम में आयोजित एक बड़ी रैली में दावा किया था कि तमिलगा वेत्री कड़गम वर्ष 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी न तो इंडिया गठबंधन में शामिल होगी और न ही भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के साथ जाएगी। विजय ने कहा कि उनकी पार्टी स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगी और राज्य में राजनीतिक बदलाव लाएगी।

तमिलगा वेत्री कड़गम के आंतरिक सर्वेक्षण का हवाला देते हुए दावा किया गया कि पार्टी को 30 प्रतिशत से अधिक वोट शेयर मिल सकता है। सर्वे के अनुसार द्रविड़ मुनेत्र कड़गम को 32.9 प्रतिशत, तमिलगा वेत्री कड़गम को 31.7 प्रतिशत और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम को 27.3 प्रतिशत समर्थन मिलने का अनुमान है। शेष मतदाताओं ने अन्य दलों को समर्थन देने की बात कही है। हालांकि नैनार नागेंद्रन ने इन आंकड़ों को खारिज करते हुए कहा कि कागजी सर्वे और वास्तविक जनसमर्थन में बड़ा अंतर होता है।

उन्होंने दोहराया कि विजय को पहले एक जिम्मेदार राजनीतिक नेता की तरह काम करना सीखना चाहिए। नागेंद्रन ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में तमिलगा वेत्री कड़गम एक भी सीट नहीं जीत पाएगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय की लोकप्रियता उन्हें बड़ी भीड़ दिला सकती है, लेकिन उसे संगठित वोट में बदलना बड़ी चुनौती होगी। वर्ष 2026 के चुनावों से पहले तमिलनाडु की राजनीति में गठबंधनों और रणनीतियों को लेकर और भी हलचल देखने को मिल सकती है।

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