30 अप्रैल दैनिक राशिफल एवं आज का पंचांग

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🐏मेष
दूसरों के काम में कमियाँ न निकालें। आप निर्णय लेने में थोड़ी बहुत चूक कर सकते हैं। परिवार के लोगों से अपने सम्बन्ध अच्छे रखें। पति-पत्नी के बीच सम्बन्धों में दबाव महसूस होगा। समय रहते हुये मामलों को सुलझा लें। जरूरी काम लम्बित हो सकते हैं।

🐂वृषभ
कारोबारियों के लिये दिन बहुत शुभ है। नौकरीपेशा लोगों को आधिकारिक यात्रा करनी पड़ सकती है। समाज में आपकी योग्यता की प्रशंसा होगी। कार्यक्षेत्र में आपके प्रदर्शन में सुधार होगा। कम समय में उच्चतम गुणवत्ता का काम करेंगे।

👫मिथुन
मित्रों के स्वभाव में आया अचानक बदलाव आपको दुखी करेगा। अपनी गुप्त बातें किसी से शेयर न करें। परिवार की इच्छाओं के लिये आपको त्याग करना पड़ सकता है। अत्यधिक काम के कारण आपको आराम नहीं मिलेगा जिसके कारण थकान महसूस हो सकती है। जल्दबाज़ी में कोई बड़ा निर्णय न लें।

🦀कर्क
व्यवसाय में कुछ धीमेपन के बाद अच्छी गति रहेगी। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिन्ता हो सकती है। शेयर मार्केट में आप बहुत अच्छा प्रदर्शन करेंगे। विद्यार्थियों के लिये दिन बहुत अच्छा है। आप परोपकार के कार्यों में लगे रहेंगे। उधार दिया हुआ धन आपको वापस मिल सकता है।

🐅सिंह
आय के नये स्रोत बन सकते हैं। अवसरों का लाभ उठाने में चूक न करें। परिजनों का पूर्ण सहयोग मिलेगा। राजनीति से जुड़े लोग अपनी कूटनीतिक क्षमता का परिचय देंगे। पैतृक व्यवसाय में तेजी आयेगी। पुरानी यादें दोबारा ताजा हो सकती है।

🙎‍♀️कन्या
छोटी-छोटी बातों पर विचलित होने से बचें। युवा प्रेम सम्बन्धों को लेकर सावधान रहें। माता-पिता की अवहेलना न करें। बनते कार्यों में रुकावटे आने की आशंका है। मन में नकारात्मक विचार जन्म ले सकते हैं। छोटी-छोटी बातों को लेकर झगड़ा करने से बचें।

⚖️तुला
नकारात्मक बातों पर ज्यादा ध्यान न दें। आज आपका मन कुछ अप्रसन्न रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपका प्रदर्शन कमजोर रहेगा। स्वास्थ्य को लेकर परेशानी हो सकती है। अपनी दिनचर्या को सन्तुलित रखें। गैरकानूनी कार्यों की तरफ रुचि लेना उचित नहीं है।

🦂वृश्चिक
पैतृक सम्पत्ति प्राप्त होने के योग बन रहे हैं। व्यापारिक गतिविधियाँ शानदार रहेंगी। घर के सभी सदस्य आपके ऊपर काफी प्रसन्न रहने वाले हैं। उच्च अधिकारी आपकी काफी प्रशंसा करेंगे। प्रेम सम्बन्धों में प्रगाढ़ता बढ़ेगी। अपनी रुचि के अनुसार काम करने से आप प्रसन्न होंगे।

🏹धनु
सम्पत्ति के क्रय-विक्रय से बड़ा धन लाभ होगा। घर में निकट सम्बन्धी और रिश्तेदार आ सकते हैं। कुछ महत्वपूर्ण अनुबन्ध होने के योग बन रहे हैं। दिल की बजाय दिमाग से काम लें। परिवार में आपसी प्रेम और स्नेह बढ़ेगा। जॉब में उच्च पद प्राप्त होगा।

🐊मकर
नयी नौकरी की शुरुआत करने के लिये दिन अच्छा है। कार्यक्षेत्र में प्रतिद्वंदिता के कारण परेशानी होगी। व्यर्थ की गतिविधियों में धन खर्च न करें। पढ़ाई में थोड़ी परेशानी होगी। खानपान में संयम रखें। नसों में खिंचाव और दर्द की शिकायत हो सकती है।

🍯कुम्भ
व्यवसाय में बड़ी डील को लेकर परेशानी हो सकती है। जॉब में आपका मन नहीं लगेगा। निजी मामलों को लेकर बाहरी लोगों से सलाह न लें। योग और व्यायाम करने से आप स्वस्थ रहेंगे। कोर्ट-कचहरी के मामलों को लेकर लापरवाही न करें। शत्रु आपके विरुद्ध सक्रिय रहेंगे।

🐟मीन
अविवाहित लड़कियों का विवाह तय हो सकता है। बीमार लोगों के स्वास्थ्य में सुधार होगा। व्यवसाय को लेकर बड़ा निर्णय ले सकते हैं। परिजनों के साथ बहुत अच्छा समय बितायेंगे। मीडिया से जुड़े लोगों के लिये दिन विशेष रूप से शुभ है। मांगलिक कार्यक्रमों में सम्मिलित हो सकते हैं।

|| जय श्री राम सनातन धर्म कि जय ||
🍁🙏 पंचांग 🙏🍁
🌷📿🌳🏵️🪻🙏🌻🪷🌺🌸

दिनाँक:-30/04/2026,गुरुवार
चतुर्दशी, शुक्ल पक्ष,
वैशाख
“”””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि——— चतुर्दशी 21:11:57. तक
पक्ष————————- शुक्ल
नक्षत्र———— चित्रा 26:15:50
योग————– वज्र 20:53:56
करण————– गर 08:28:55
करण ————-वणिज 21:11:57
वार———————— गुरूवार
माह———————– वैशाख
चन्द्र राशि—- कन्या 13:13:12
चन्द्र राशि—————— तुला
सूर्य राशि——————– मेष
रितु——–‐—————– ग्रीष्म
आयन——————- उत्तरायण
संवत्सर ————————पराभव
संवत्सर (उत्तर)——————- रौद्र
विक्रम संवत—————- 2083
गुजराती संवत————– 2082
शक संवत—————— 1948
कलि संवत—————– 5127

वृन्दावन
सूर्योदय————— 05:42:16
सूर्यास्त————— 18:50:59
दिन काल————- 13:08:43
रात्री————- काल 10:50:27

लग्न—- मेष 15°27′ , 15°27′

सूर्य नक्षत्र—————— भरणी
चन्द्र नक्षत्र——————–चित्रा
नक्षत्र पाया——————- रजत

🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩

पे—- चित्रा 06:43:41

पो—- चित्रा 13:13:12

रा—- चित्रा 19:43:56

री—- चित्रा 26:15:50

💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= मेष 15°12 , भरणी 1 ली
चन्द्र= कन्या 26°30 , चित्रा 1 पे
बुध = मीन 29°52 ‘ रेवती 4 ची
शु क्र= वृषभ 12°05, रोहिणी 1 ओ
मंगल= मीन 21°03 रेवती 2 दो
गुरु= मिथुन 24°33 पुनर्वसु, 2 को
शनि=मीन 14°13 ‘ उoभा o , 4 ञ
राहू=(व) कुम्भ 11°43 शतभिषा, 2 सा
केतु= (व) सिंह 11°43 मघा 4 मे
============================

🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩

राहू काल 13:55 – 15:34 अशुभ
यम घंटा 05:42 – 07:21 अशुभ
गुली काल 08:59 – 10:38 अशुभ
अभिजित 11:50 – 12:43 शुभ
दूर मुहूर्त 10:05 – 10:58 अशुभ
दूर मुहूर्त 15:21 – 16:13 अशुभ
वर्ज्यम 08:53 – 10:37 अशुभ
प्रदोष 18:51 – 21:03 शुभ

💮चोघडिया, दिन

शुभ 05:42 – 07:21 शुभ
रोग 07:21 – 08:59 अशुभ
उद्वेग 08:59 – 10:38 अशुभ
चर 10:38 12:17 शुभ
लाभ 12:17 – 13:55 शुभ
अमृत 13:55 – 15:34 शुभ
काल 15:34 17:12 अशुभ
शुभ 17:12 – 18:51 शुभ

🚩चोघडिया, रात

अमृत 18:51 – 20:12 शुभ
चर 20:12 – 21:34 शुभ
रोग 21:34 – 22:55 अशुभ
काल 22:55 24:16* अशुभ
लाभ 24:16* – 25:38* शुभ
उद्वेग 25:38* – 26:59* अशुभ
शुभ 26:59* – 28:20* शुभ
अमृत 28:20* – 29:41* शुभ

💮होरा, दिन

बृहस्पति 05:42- 06:48
मंगल 06:48- 07:54
सूर्य 07:54- 08:59
शुक्र 08:59- 10:05
बुध 10:05 -11:11
चन्द्र 11:11- 12:17
शनि 12:17 -13:22
बृहस्पति 13:22 -14:28
मंगल 14:28 -15:34
सूर्य 15:34 -16:40
शुक्र 16:40- 17:45
बुध 17:45 -18:51

🚩होरा, रात

चन्द्र 18:51 -19:45
शनि 19:45- 20:39
बृहस्पति 20:39- 21:34
मंगल 21:34- 22:28
सूर्य 22:28- 23:22
शुक्र 23:22- 24:16
बुध 24:16-25:10
चन्द्र 25:10-26:05
शनि 26:05- 26:59
बृहस्पति 26:59-27:53
मंगल 27:53-28:47
सूर्य 28:47-29:41

🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩

मेष > 05:10 से 06:46 तक
वृषभ > 06:46 से 07:46 तक
मिथुन > 07:46 से 12:10 तक
कर्क > 12:10 से 13:20 तक
सिंह > 13:20 से 16:26 तक
कन्या > 16:26 से 17:46 तक
तुला > 17:46 से 20:08 तक
वृश्चिक > 20:08 से 22:14 तक
धनु > 22:14 से 00:04 तक
मकर > 00:04 से 02:04 तक
कुम्भ > 02:04 से 03:38 तक
मीन > 03:38 से 05:04 तक
=======================

🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

नोट– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

💮दिशा शूल ज्ञान————- दक्षिण
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा बेसन के लड्डू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🚩 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

14 + 5 + 1 = 20 ÷ 4 = 0 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

चन्द्र ग्रह मुखहुति

💮 शिव वास एवं फल -:

14 + 14 + 5 = 33 ÷ 7 = 5 शेष

ज्ञानवेलायां = कष्ट कारक

🚩भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

रात्रि 21:12 से प्रारंभ

पाताल लोक = धनलाभ कारक

💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮

*श्री नृसिंह जयंती

*छिन्नमस्ता जयंती

💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮

एकाकिना तपो द्वाभ्यां पठनं गायनं त्रिभिः ।
चतुर्भिर्गमनं क्षेत्रं पंचभिर्बहुभी रणम् ।।
।।चाoनीo।।

जब आप तप करते है तो अकेले करे.
अभ्यास करते है तो दुसरे के साथ करे.
गायन करते है तो तीन लोग करे.
कृषि चार लोग करे.
युद्ध अनेक लोग मिलकर करे.

🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩

गीता -: आत्मसंयमयोग अo-6

तत्र तं बुद्धिसंयोगं लभते पौर्वदेहिकम्‌।
यतते च ततो भूयः संसिद्धौ कुरुनन्दन॥

वहाँ उस पहले शरीर में संग्रह किए हुए बुद्धि-संयोग को अर्थात समबुद्धिरूप योग के संस्कारों को अनायास ही प्राप्त हो जाता है और हे कुरुनन्दन! उसके प्रभाव से वह फिर परमात्मा की प्राप्तिरूप सिद्धि के लिए पहले से भी बढ़कर प्रयत्न करता है
॥43॥

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

————————————–
आचार्य ज्योतिष सचिन पांडे

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