- केरल विधानसभा चुनाव में यूडीएफ (UDF) की बंपर जीत।
- मुख्यमंत्री पद के लिए अब तक कोई अंतिम फैसला नहीं।
- दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान की लगातार बैठकें जारी।
- केसी वेणुगोपाल, वीडी सतीशन और रमेश चेन्निथला के नाम रेस में।
- 23 मई तक नई सरकार बनाने का दबाव बढ़ा।
समग्र समाचार सेवा
केरल, 13 मई: केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की प्रचंड जीत के बाद भी राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इस पर अनिश्चितता बनी हुई है। 4 मई को चुनावी नतीजे घोषित होने के एक हफ्ते से अधिक समय बाद भी कांग्रेस हाईकमान किसी एक नाम पर अंतिम मुहर नहीं लगा पाया है।
इस स्थिति के बीच दिल्ली में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं को तलब किया गया है। केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष के. मुरलीधरन ने कहा कि अगले 48 घंटों के भीतर मुख्यमंत्री को लेकर फैसला हो सकता है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में कयासबाजी और तेज हो गई है।
इस बीच, केपीसीसी (KPCC) के उपाध्यक्ष एपी अनिल कुमार, शफी परम्बिल, पीसी विष्णुनाथ और थिरुवांचूर राधाकृष्णन को भी चर्चा के लिए दिल्ली बुलाया गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने कई शीर्ष नेताओं के साथ बैठकें की हैं।
फिलहाल मुख्यमंत्री पद की दौड़ में मुख्य रूप से तीन नेताओं के नाम आगे चल रहे हैं— के.सी. वेणुगोपाल, वी.डी. सतीशन और रमेश चेन्निथला। सूत्रों के मुताबिक, अधिकांश कांग्रेस विधायकों का समर्थन केसी वेणुगोपाल के पक्ष में है, लेकिन जनता के बीच वीडी सतीशन को अधिक लोकप्रिय माना जाता है।
140 सदस्यीय केरल विधानसभा में यूडीएफ (UDF) ने 102 सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है। इसमें से कांग्रेस ने 63 सीटें जीती हैं, जबकि आईयूएमएल (IUML) को 22, केरल कांग्रेस को 8 और आरएसपी (RSP) को 3 सीटें मिली हैं। अब सभी की निगाहें कांग्रेस हाईकमान के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।