पश्चिम बंगाल में लाउडस्पीकर और सार्वजनिक धार्मिक गतिविधियों पर कड़ा निर्देश

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का पुलिस को विशेष दिशा-निर्देश

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  • धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर की आवाज नियंत्रित करने का निर्देश।
  • सड़कों को अवरुद्ध कर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित न करने की कड़ी चेतावनी।
  • अवैध कोयला-बालू खनन और पशु तस्करी के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति।
  • महिला उत्पीड़न की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश।
  • मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद पुलिस के साथ शुभेंदु अधिकारी की पहली बैठक।

समग्र समाचार सेवा
पश्चिम बंगाल, 13 मई: पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य की पुलिस को धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के इस्तेमाल और सड़कों पर धार्मिक कार्यक्रमों के संबंध में कड़ा निर्देश जारी किया है। नवान्न में आयोजित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक में उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों के लाउडस्पीकर की आवाज बाहर नहीं जानी चाहिए और प्रार्थना सभाओं के कारण आम जनता को ट्रैफिक जाम या असुविधा का सामना न करना पड़े।

हालांकि सरकारी निर्देश में मस्जिद या नमाज का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया गया है, फिर भी इस फैसले को लेकर राजनीतिक हलकों में तीखी चर्चा शुरू हो गई है। मालूम हो कि विशेष आयोजनों के मामलों में कुछ अपवाद रहेंगे।
इस बैठक में राज्य के डीजीपी एस एन गुप्ता, एडीजी (कानून-व्यवस्था) अजय रानाडे और कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंदा मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने पुलिस को सभी मामलों में समान रूप से कानून लागू करने का निर्देश दिया।

इसके अलावा, अवैध कोयला और बालू खनन, पशु तस्करी और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों के मामलों में भी “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाने की घोषणा की गई। पुलिस को इन मुद्दों पर सख्त अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है।

मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने के बाद पुलिस अधिकारियों के साथ शुभेंदु अधिकारी की यह पहली आधिकारिक बैठक थी।

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