समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली 28 जून : केंद्रीय सरकार ने कोच्चि जल मेट्रो की सफलता के बाद जल आधारित मास ट्रांजिट नेटवर्क का विस्तार करने का फैसला किया है। इसके तहत इनलैंड वाटरवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IWAI) ने कोलकाता, गुवाहाटी और श्रीनगर के लिए डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने हेतु टेंडर जारी किए हैं।जल
मेट्रो परियोजना की मुख्य बातें:
यह परियोजना पर्यावरण के अनुकूल इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड फेरी से संचालित होगी।
श्रीनगर में 21 स्टॉप्स, गुवाहाटी में 12 टर्मिनल्स और कोलकाता में 16 जेट्टी बनाए जाएंगे।
यह परियोजना ट्रैफिक जाम को कम कर किफायती और तेज़ आवागमन सुनिश्चित करेगी।
श्रीनगर जल मेट्रो:
जल मेट्रो दाल झील और नदी झेलम को जोड़ते हुए स्थानीय यात्रियों और पर्यटकों के लिए सुविधाजनक मार्ग प्रदान करेगी। इसमें दाल झील और झेलम नदी किनारे 21 स्टॉप्स शामिल हैं।
गुवाहाटी जल मेट्रो:
ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे 12 टर्मिनल लगाए जाएंगे, जो उत्तरी और दक्षिणी गुवाहाटी को जोड़ेंगे। यह यात्रा समय को काफी कम कर देगा।
कोलकाता जल मेट्रो:
हुगली नदी पर 16 आधुनिक जेट्टी बनाकर पुरानी फेरी सेवा को अपग्रेड किया जाएगा, जिससे यात्रियों को भीड़-भाड़ से छुटकारा मिलेगा।
रियल एस्टेट पर प्रभाव:
कोलकाता में जल मेट्रो के करीब रेसिडेंशियल प्रॉपर्टी की मांग बढ़ेगी। श्रीनगर में होटलों और कैफे के लिए भूमि की कीमतें बढ़ेंगी। गुवाहाटी के उत्तरी भाग में रियल एस्टेट में तेजी आएगी। जल मेट्रो परियोजना से शहरी आवागमन में क्रांतिकारी बदलाव आएगा, जिससे पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा