- छत्तीसगढ़ में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत बाल विवाह मुक्ति के लिए जागरूकता कार्यक्रम
- छात्राओं को बाल विवाह, सेफ-टच, नशा, किशोर न्याय व मासिक धर्म स्वच्छता पर जानकारी
- सखी वन स्टॉप सेंटर, कानूनी सहायता, चाइल्ड हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी भी दी गई
- छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और शिक्षा जारी रखने की प्रेरणा
समग्र समाचार सेवा
रायपुर, 11 जुलाई :छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को बाल विवाह मुक्त समाज के संकल्प के साथ नई गति मिली है। प्रदेश में लगातार बालिकाओं की सुरक्षा, शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सूरजपुर जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग और जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा छात्राओं के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में छात्राओं को बाल विवाह के दुष्परिणाम, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, सेफ टच-अनसेफ टच, नशे से बचाव, किशोर न्याय अधिनियम, यातायात नियम एवं मासिक धर्म स्वच्छता के बारे में विस्तार से बताया गया। छात्राओं को समझाया गया कि बाल विवाह कराना या उसमें सहयोग करना कानूनन अपराध है और किसी भी ऐसी घटना की सूचना 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन पर दी जा सकती है।
इसके अतिरिक्त, सखी वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं, महिला सुरक्षा, कानूनी सहायता और परामर्श सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने, शिक्षा जारी रखने और किसी भी समस्या के समाधान के लिए हेल्पलाइन व संबंधित संस्थाओं से सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय परिवार, महिला एवं बाल विकास विभाग, चाइल्ड हेल्पलाइन तथा विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। इन प्रयासों से प्रदेश में बालिकाओं के सशक्तिकरण और बाल विवाह रोकथाम को नई दिशा मिल रही है