कोरियन कल्चर का सपना दिखाकर दो नाबालिग छात्राओं की तस्करी की साजिश नाकाम

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  • के-पॉप और के-ड्रामा के सपने दिखाकर दो छात्राओं की तस्करी की साजिश
  • डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भाषा सिखाकर तस्करों ने किया भावनात्मक शोषण
  • पुलिस ने सिलीगुड़ी में दोनों नाबालिग छात्राओं को बचाया
  • गिरोह के कोलकाता स्थित सदस्य की तलाश जार

समग्र समाचार सेवा

सिलीगुड़ी | 16 जुलाई  : कोरियन कल्चर का सपना दिखाकर दो नाबालिग छात्राओं की तस्करी की साजिश नाकाम, सिलीगुड़ी में पुलिस ने दोनों को सुरक्षित बरामद किय।कोरियन कल्चर का सपना दिखाकर, भूटान के रास्ते दक्षिण कोरिया ले जाने की थी तस्करी की तैयार—सिलीगुड़ी पुलिस ने दो नाबालिग छात्राओं को बचायापश्चिम बंगाल के मालदा जिले की दो नाबालिग छात्राएं सिलीगुड़ी में मानव तस्करों के चंगुल से सुरक्षित बरामद की गई हैं। पुलिस जांच में पता चला कि तस्करों ने ऑनलाइन कोरियन भाषा सिखाकर, के-पॉप और के-ड्रामा के सपने दिखाकर, इन बच्चियों को भूटान के रास्ते दक्षिण कोरिया भेजने की योजना बनाई थी। तस्कर बीते सात महीने से डिजिटल ऐप्स के जरिए भाषा सिखा रहे थे और भावनात्मक रूप से लड़कियों को जोड़ रहे थे।पुलिस के अनुसार, तस्कर अब पारंपरिक तरीकों के बजाय ऑनलाइन गेम्स और विदेशी भाषा सिखाने वाले ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं।

11 से 16 वर्ष की आयु वर्ग की लड़कियां मुख्य टारगेट बन रही हैं। बातचीत की शुरुआत गेम या भाषा सिखाने के बहाने से होती है, जो धीरे-धीरे भावनात्मक लगाव में बदल जाती है।मालदा की इन छात्राओं को कोरियन पॉप संस्कृति के ग्रुप में शामिल करने का सपना दिखाया गया और स्कूल से भागने की योजना तैयार की गई। कोलकाता में गिरोह के सदस्य ने दोनों को सलाह दी थी कि वे यूनिफार्म में ही घर से निकलें, ताकि कोई शक न हो। सिलीगुड़ी पहुंचने के बाद जयगांव होते हुए भूटान ले जाने और वहां से प्लेन से कोरिया भेजने की योजना थी।छात्राओं के लापता होने पर परिवार ने मालदा पुलिस में शिकायत की।

सीसीटीवी फुटेज से उनकी पहचान कर सिलीगुड़ी पुलिस को अलर्ट किया गया। न्यू जलपाईगुड़ी थाना पुलिस ने नौकाघाट मोड़ पर बस रोककर दोनों छात्राओं को सुरक्षित बरामद कर लिया। पुलिस अब पूरे गिरोह की तलाश में जुटी है और कोलकाता स्थित संदिग्ध सदस्य की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।

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