महाराष्ट्र : एनसीपी के दोनों गुटों का एक होना तय एनडीए में एंट्री

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  • महाराष्ट्र में एनसीपी के दोनों गुटों का एक होना एनडीए में एंट्री की शर्त
  • बीजेपी ने बनाई राजनीतिक रणनीति, एनसीपी की हिस्सेदारी पर चर्चा
  • संसद सत्र में परिसीमन विधेयक पेश होने की संभावना
  • एनसीपी (एसपी) के पास लोकसभा में 8, राज्यसभा में 1 सीट
  • सुप्रिया सुले ने समर्थन को लेकर स्पष्ट किया—अभी कोई औपचारिक घोषणा नहीं

समग्र समाचार सेवा

नई दिल्ली/मुंबई | 18 जुलाई :  महाराष्ट्र में एनसीपी (शरद पवार गुट) के एनडीए में शामिल होने की अटकलें, बीजेपी ने दोनों गुटों के एकीकरण पर बनाया प्लामहाराष्ट्र में एनसीपी (शरद पवार गुट) के एनडीए में शामिल होने की अटकलें, बीजेपी ने दोनों गुटों के एकीकरण पर बनाया प्लान, परिसीमन बिल पर नजर।

एनसीपी के दोनों गुटों के एक होने पर एनडीए में एंट्री का बीजेपी प्लान, संसद में परिसीमन बिल पेश होने की संभावनामहाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है, जहां शरद पवार की नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के एनडीए के साथ आने की चर्चा है। सूत्रों के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) चाहती है कि एनसीपी के दोनों गुट—शरद पवार और अजित पवार—पहले अपने मतभेद सुलझाकर एक हो जाएं, तभी उनकी एनडीए में औपचारिक एंट्री को लेकर विचार किया जाएगा। पार्टी नेतृत्व किसी एक गुट या व्यक्ति को सीधे गठबंधन में नहीं लाना चाहता।इस बीच, एनसीपी भी सत्ता में अपनी हिस्सेदारी और प्रभाव को लेकर मुखर है।

पार्टी ने हाल ही में राज्यसभा सदस्य पार्थ पवार को केंद्रीय मंत्रिपरिषद में शामिल करने की मांग भी उठाई है। पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने परिसीमन बिल पर कहा कि अगर सभी राज्यों में लोकसभा सीटों में समान रूप से 50% की वृद्धि होती है, तो विरोध का कोई कारण नहीं है, लेकिन अंतिम फैसला इंडी गठबंधन में आपसी वार्ता के बाद ही होगा।सूत्रों के अनुसार, एनसीपी के दोनों गुटों के नेताओं की महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से हाल ही में बैठकें हुई हैं, जिससे एकजुटता की अटकलों को और बल मिला है। हालांकि, नेताओं ने इन बैठकों को स्थानीय प्रशासनिक मुद्दों पर केंद्रित बताया है।

बीजेपी का यह प्लान ऐसे समय सामने आया है, जब संसद के मानसून सत्र में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पेश किया जाना है, जिसमें लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने और परिसीमन की प्रक्रिया शुरू करने का प्रस्ताव है। एनसीपी (एसपी) के पास लोकसभा में 8 और राज्यसभा में 1 सीट है, जिसका समर्थन सरकार के लिए अहम हो सकता है।

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