समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली: मानवता के कल्याण हेतु अंग, देह, नेत्र एवं अन्य टिशु दान के विषय में जागरूकता फैलाने के लिए एक नई पहल के अंतर्गत, माता चान्नन देवी अस्पताल एवं दधीचि देह दान समिति ने MOU के ज़रिये आपस में सहयोग करने का निश्चय किया है। दोनों संस्थाएं आपस में मिलकर कैम्पस / सेमिनार / कार्यशालाओं के माध्यम से अस्पताल के स्टाफ, मरीज़, उनके परिवार-जन एवं जनता में इस महत्वपूर्ण विषय पर जागरूकता फैलाएंगे। जनमानस की विभिन्न भ्रांतियां को दूर करते हुए उन्हें संकल्प पत्र भरने के लिए प्रेरित करेंगें।
समिति का मुख्य सहयोग काउंसलिंग और देहावसान उपरांत दान को क्रियान्वित कराने हेतु परिवार और सरकारी तंत्र के बीच सूत्रधार का रहेगा।
इस अवसर पर डॉक्टर ए सी शुक्ला, मेडिकल सुपरीटेंडेंट, माता चान्नन देवी अस्पताल(MCDH) ने कहा कि _जागरूकता ही एकमात्र उपाय है, उपलब्धता और जरूरत के बीच की दूरी कम करने के लिए। इससे अंग विफलता से पीड़ित व्यक्तियों में एक नए जीवन की आशा जगेगी_।

डॉ. विशाल चड्ढा, महासचिव, दधीचि देह दान समिति (DDS) ने कहा कि _अंगदान के विषय को बार-बार, हर बार समाज में लेकर जाने की आवश्यकता है_। डॉ विशाल ने आह्वान किया कि इस संवेदनशील विषय को जनअभियान बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर इसे अपनाना होगा और अपनी सहभागिता करनी होगी। स्वस्थ सबल भारत बनाने में अंगदान की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने यह भी कहा कि _समिति, अन्य संस्थाओं के साथ भी जुड़कर अंगदान के विषय को जन-जन में फैलायेगी_।
MOU पर डॉक्टर ए सी शुक्ला, मेडिकल सुपरीटेंडेंट, MCDH एवं डॉ. विशाल चड्ढा, महासचिव, DDS ने MCDH के वरिष्ठ डॉक्टरों और DDS के वरिष्ठ पदाधिकारियों के समक्ष हस्ताक्षर किए, जिसकी गवाही श्री अनिल त्यागी जी, सिक्योरिटी इंचार्ज, MCDH एवं श्रीमती सत्यागुप्ता, उपाध्यक्ष, DDS ने दी।

उल्लेखनीय है माता चान्नन देवी अस्पताल, जनकपुरी में, 210 बिस्तरों वाला मल्टी-डिसिप्लिनरी सुपर-स्पेशियलिटी प्रतिष्ठित अस्पताल है।
दधीचि देह दान समिति पिछले 27 वर्षों से समाज में अंग-देह- नेत्र दान को लेकर जागरूकता का कार्य कर रही है।