राहुल गांधी बोले—’छात्रों ने बताया, andhbhakt मानता है कोई एक व्यक्ति ही भगवान है

टिप्पणी पर BJP का हंगामा

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  • राहुल गांधी ने लोकसभा में ‘andhbhakt’ शब्द के जरिए सरकार पर हमला बोला
  • टिप्पणी पर BJP ने आपत्ति जताई, स्पीकर ने शब्द रिकॉर्ड से हटाया
  • छात्रों की आवाज़, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था की खामियों पर जोर
  • अमीर-गरीब के भेद और कोचिंग-प्राइवेटाइजेशन पर सवाल
  • RSS और पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी कटाक्ष

समग्र समाचार सेवा

नई दिल्ली | 29 जुलाई : लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को परीक्षा पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा के दौरान ‘andhbhakt’ शब्द का उल्लेख कर सत्तापक्ष को घेर लिया। उन्होंने कहा कि छात्र और ‘andhbhakt’—तीन श्रेणियों में से दो—उनकी तीखी बहस का केंद्र रहीं। तीसरी श्रेणी के लिए इस्तेमाल किए गए शब्द को स्पीकर ओम बिरला ने आपत्तिजनक मानते हुए रिकॉर्ड से हटा दिया।

राहुल गांधी ने कहा, “मैंने एक छात्रा से पूछा—’क्या इसका मतलब है कि आप स्कूल/कॉलेज में पढ़ती हैं?’ उसने जवाब दिया—’छात्र वह है, जिसका दिमाग खुला है, जो मानता है कि वह सबकुछ नहीं जानता।’ फिर उसने कहा, ‘एक और वर्ग है—जो मानता है कि वह सब जानता है और खुद को भगवान मानता है।'”

राहुल गांधी ने आगे कहा, “फिर मैंने पूछा—’तीसरी श्रेणी क्या है?’ छात्रा बोली—’andhbhakt—जो मानता है कि कोई और व्यक्ति भगवान है।'” इस बयान पर सत्तारूढ़ सांसदों ने जोरदार विरोध किया और संसदीय कार्य मंत्री किरेण रिजिजू ने शब्द को आपत्तिजनक बताया।

राहुल गांधी ने गरीब छात्रों के दर्द, महंगी कोचिंग, पेपर लीक, और शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा, “समाज के गरीब बच्चे लाखों रुपये ट्यूशन-कोचिंग में खर्च करते हैं, लेकिन पर्चा लीक होने से मेहनत बेकार जाती है। अमीर 30-40 लाख देकर पास हो जाते हैं। हमारा सिस्टम क्रूर है, पूरी तरह कब्जे में है—इसकी आत्मा RSS ने कैद कर ली है।”

उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (जिन्होंने हाल ही में सीजेपी आंदोलन के बाद इस्तीफा दिया) और नए मंत्री प्रह्लाद जोशी पर भी निशाना साधा।

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