OPT वर्क परमिट पर $100,000 शुल्क प्रस्ताव से लाखों भारतीय छात्र प्रभावित

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!
    • ट्रंप प्रशासन OPT वर्क परमिट के लिए 100,000 डॉलर (95 लाख रुपये) शुल्क लगाने की तैयारी में, लाखों भारतीय छात्रों पर असर।
    • नया नियम लागू हुआ तो अमेरिका में पढ़ाई के बाद नौकरी पाना और H-1B वीजा हासिल करना भारतीय छात्रों के लिए बेहद मुश्किल।
    • विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, मैथ (STEM) छात्रों को OPT के तहत तीन साल काम का मौका, लेकिन भारी शुल्क उनके लिए चुनौती।
    • H-1B वीजा पर भी इसी साल 100,000 डॉलर का शुल्क लागू करने की कोशिश, कोर्ट ने फिलहाल रोका; तकनीकी कंपनियों ने जताई चिंता।

    समग्र समाचार सेवा
    नई दिल्ली | 31 जुलाई :अमेरिका में पढ़ाई के बाद करियर बनाने का सपना देख रहे भारतीय छात्रों को बड़ा झटका लग सकता है। ट्रंप प्रशासन स्नातक के बाद दिए जाने वाले ‘ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग’ (OPT) वर्क परमिट के लिए 100,000 डॉलर (लगभग 95 लाख रुपये) का शुल्क लगाने की योजना बना रहा है। यह शुल्क लागू होता है तो अमेरिका में पढ़ रहे 3.63 लाख से अधिक भारतीय छात्रों के करियर पर असर पड़ेगा।

    OPT वर्क परमिट के तहत अंतरराष्ट्रीय छात्र अपनी डिग्री पूरी करने के बाद एक साल तक बिना वीजा के अमेरिका में काम कर सकते हैं, जबकि STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, मैथ) के छात्रों को तीन वर्षों तक काम करने का अवसर मिलता है। यही कारण है कि भारतीय छात्र बड़ी संख्या में अमेरिका को उच्च शिक्षा के लिए चुनते हैं। 2024-25 में अमेरिका में हर तीन में से एक अंतरराष्ट्रीय छात्र भारतीय था।

    अगर नया शुल्क लागू होता है तो H-1B वीजा के लिए आवेदन और एजुकेशन लोन चुकाना भारतीय छात्रों के लिए बेहद कठिन हो जाएगा। अधिकतर परिवारों के लिए 95 लाख रुपये की राशि जुटाना संभव नहीं है, जिससे उच्च शिक्षा का सपना टूट सकता है।

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!

Leave A Reply

Your email address will not be published.