- सरकार ने 17-19 अगस्त को संसद का विशेष सत्र बुलाने का प्रस्ताव रखा, विपक्ष को सूचित किया।
- विशेष सत्र में सीमांकन (Delimitation) और महिला आरक्षण संशोधन बिल चर्चा के एजेंडे में शामिल।
- अप्रैल बजट सत्र में यह बिल दो-तिहाई बहुमत के अभाव में लोकसभा में पास नहीं हो सका था।
- एनडीए ने टीएमसी और शिवसेना में हुए हालिया बदलावों से बहुमत का अंतर घटाया, राज्यसभा में भी दो-तिहाई बहुमत के करीब।
- विपक्ष प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की उपस्थिति की मांग को लेकर लगातार हंगामा कर रहा है; पाँच बिल बिना चर्चा के पारित।
- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्ष को लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखने की सलाह दी।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 5 अगस्त :सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार ने 17, 18 और 19 अगस्त को संसद का विशेष सत्र बुलाने का प्रस्ताव विपक्ष, खासकर कांग्रेस को भेजा है।
इस सत्र में सीमांकन (Delimitation) और महिला आरक्षण संशोधन बिल को पारित कराने की कोशिश होगी, जो अप्रैल के बजट सत्र में दो-तिहाई बहुमत के अभाव में पास नहीं हो सके थे।
अप्रैल में सरकार को 298 समर्थन और 230 विरोध वोट मिले थे—54 वोटों से बिल गिर गया था, अब एनडीए ने बहुमत का अंतर घटाया है।
राज्यसभा में भी एनडीए दो-तिहाई बहुमत के करीब है।
मानसून सत्र के दौरान विपक्ष प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की उपस्थिति सहित कई मुद्दों पर हंगामा कर रहा है और सदन बार-बार स्थगित हो रहा है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि नारेबाजी और पोस्टरबाजी से सदन की गरिमा घटती है, लोकतंत्र के लिए यह ठीक नहीं है।
सरकार और विपक्ष के बीच संवाद जारी है; अब देखना होगा कि आगामी विशेष सत्र में बहुप्रतीक्षित बिल पारित हो पाते हैं या नहीं।